ट्विटर पर भी इसराइल और हमास में जंग

ट्विटर
इमेज कैप्शन, अल-कस्साम ब्रिगेड ट्विटर पर काफी सक्रिय है

फलीस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास और इसराइल सिर्फ एक दूसरे पर रॉकेट और गोले ही नहीं दाग रहे हैं, बल्कि माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर भी दोनों के बीच जंग हो रही है.

बुधवार को इसराइली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने गजा पट्टी में हमास के खिलाफ अपने सैन्य अभियान के बारे में लाइव-ट्वीटिंग और ब्लॉगिंग शुरू की.

बुधवार को इसराइल की हवाई कार्रवाई में हमास की सैन्य शाखा के प्रमुख की मौत हो गई.

ऑनलाइन लड़ाई

आईडीएफ ने इस हमले का वीडियो ट्विटर पर लगाया और उसके साथ लिखा, “सफाया.”

इसके जवाब में हमास की सैन्य शाखा इज अल-दीन अल-कस्साम ब्रिगेड ने कहा, “हमारे धन्य हाथ तुम्हारे नेताओं और सैनिकों तक पहुंच जाएंगे चाहे वो कहीं भी हों (तुमने खुद जहन्नुम के दरवाजे खोले हैं.)”

इस पर आईडीएफ का अंदाज धमकी भरा दिखाया दिया. उसने कहा, “हम हमास से कहते हैं कि आने वाले कुछ दिनों में उसका कोई भी छोटे स्तर का कार्यकर्ता या फिर बड़ा नेता, अपना चेहरा जमीन के ऊपर नहीं दिखा पाएगा.”

लगभग पिछले 20 घंटों से हमास इसराइल में हो रहे अपने रॉकेट और मोर्टार हमलों की पल पल की जानकारी दे रहा है. उसके अनुसार इसराइल के सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है.

गुरुवार को हमास ने यूट्यूब पर एक वीडियो जारी किया जिसमें तेल अवीव की तरफ पहली बार फज्र 5 मिसाइल को दागते हुए दिखाया गया है.

इसके जवाब में आईडीएफ ने एक वीडियो का लिंक ट्वीट किया है जिसमें इसराइली वायुसेना को गजा में "रॉकेट के गोदाम" पर हमला करते हुए दिखाया गया है.

नियमों का उल्लंघन

गजा में संकट
इमेज कैप्शन, दोनों तरफ से हो रहे हमलों के कारण तनाव बढ़ रहा है

कार्रवाई के वक्त ही सैन्य अभियान के बारे में सोशल मीडिया के जरिए जानकारी देना या उस पर टिप्पणी सोशल मीडिया के लिहाज के एक बड़ा बदलाव है.

लेकिन दोनों ही पक्ष ऐसा करके ट्विटर के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं जिनके अनुसार, “हिंसा और धमकी: आप अन्य लोगों के खिलाफ हिंसा से जुड़ी धमकी को प्रकाशित या पोस्ट नहीं कर सकते हैं.”

मीडिया शोध से जुड़ी कंपनी एंडर्स अनालिसिस के विश्लेषक बेनेडिक्ट इवांस ने बीबीसी को बताया, “साफ तौर पर इससे ट्विटर के लिए मुश्किल पैदा होती है. वो अपनी स्थिति को संपादकीय नियंत्रण से मुक्त मंच के तौर पर बनाए रखना चाहते हैं. हां, उन्होंने नियम और शर्तें बनाई हैं जिनका पालन करना जरूरी है.”

वैसे ये देखना बाकी है कि क्या ट्विटर इस ऑनलाइन युद्ध में हस्तक्षेप करेगा है और दोनों पक्षों में से किसी पर कोई का प्रतिबंध लगाएगा.