ब्रिटेन की मंदी की ओलंपिक ने की छुट्टी

ब्रिटेन में राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग की ओर से जारी किए गए ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक देश अब आर्थिक मंदी की चपेट से बाहर आ चुका है.
राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार इस साल जुलाई से सितंबर महीने की तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था एक प्रतिशत बढ़ी है. जबकि इसके पहले की तिमाही में सरकारी अवकाश के कारण आर्थिक गतिविधियों ने ज़ोर नहीं पकड़ा था.
पिछली तिमाही के दौरान लंदन ओलंपिक के कारण ब्रिटेन के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि दर्ज की गई है.
ब्रिटेन की तीनों पूर्व तिमाहियों में घाटा देखा गया. इस कारण वर्ष 1950 के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब ब्रिटेन एक साथ दोहरी मंदी का शिकार हुआ था.
इस दोहरी मंदी की मार ने ब्रिटेन में अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया था.
ओलंपिक के योगदान
इसके बाद जुलाई से सितंबर महीने के बीच ओलंपिक के आयोजन के दौरान ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था मंदी के असर से बाहर निकली.
सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों के अनुसार इस दौरान ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था एक प्रतिशत बढ़ी थी.
राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग के अनुसार, अर्थव्यवस्था में सुधार में ओलंपिक टिकटों की बिक्री का दो प्रतिशत योगदान रहा. इसमें ओलंपिक और पैरालिंपिक टिकटों की बिक्री दोनों को शामिल किया गया है.
ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पिछले नौ महीनों से मंदी के दौर से गुज़र रही है और वर्ष 2008 के आर्थिक संकट से अब तक उबर नहीं पायी है.
राष्ट्रीय सांख्यिकी दफ्तर के मुताबिक, इसमें ओलंपिक के दौरान टिकटों की बिक्री के असर के अलावा अन्य चीज़ों के बारे में कोई ठोस आंकड़ा देना मुमकिन नहीं था.
हालांकि ओलंपिक आयोजन के दौरान लंदन के होटलों और रेस्त्रां में काफी भीड़भाड़ रही और नौकरी देने वाली एजेंसियों में भी काफी चहल-पहल रही.
सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़े पिछले तिमाही से इसलिए भी बेहतर थे क्योंकि दूसरी तिमाही के दौरान लंदन में डायमंड जुबली सेलिब्रेशन के दौरान काफी सार्वजनिक छुट्टियां दी गईं थी.
इस दौरान आमतौर पर वहां मौसम भी काफी खराब रहा था जिस कारण विकास प्रभावित हुआ.
स्वागत
राजकोष के अध्यक्ष जॉर्ज ऑस्बर्न के अनुसार, ''हमें अभी काफी दूर तक जाना है, लेकिन ये आंकड़े बताते हैं कि हम सही रास्ते पर हैं.''
वे आगे कहते हैं, ''कल आए यूरोज़ोन के कमज़ोर आंकड़े ये बताते हैं कि देश के भीतर और बाहर दोनों ही मोर्चे पर हमारे सामने काफी आर्थिक दिक्कतें हैं.''
राजकोष के अध्यक्ष जॉर्ज ऑस्बर्न के कामों की निगरानी करने वाले शैडो अध्यक्ष एड बॉल्स ने इस खबर का स्वागत किया है. लेकिन साथ ही साथ ये भी कहा कि आंकड़ों से ये भी पता चलता है कि विकास की प्रक्रिया कमज़ोर है.

उन्होंने कहा, ''ओलंपिक आयोजन से अर्थव्यवस्था में जो उछाल आया है, उसका हम स्वागत करते हैं. लेकिन ये किसी भी तरह से ब्रिटेन को आर्थिक प्रगति, नई नौकरियों के अवसर दिलाने और घाटे को कम करने के लक्ष्य को पाने के लिए ज़रूरी योजनाओं की जगह नहीं ले सकता.''
राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग द्वारा जारी के गये आंकड़े शुरुआती हैं और पूरी उम्मीद है कि ये आगे बदल भी सकते हैं.
ब्रिटिश चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स के मुख्य अर्थशास्त्री डेविड कर्न के अनुसार, ''खबर तो सकारात्मक है लेकिन इसे सही परिप्रेक्ष्य में रखना बेहद ज़रुरी है.''
तीसरी तिमाही में ओलंपिक और पैरालिंपिक टिकट की बिक्री का पूरा असर पड़ा था.
वे कहते हैं, ''तीसरी तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का आंकड़ा दूसरी तिमाही में हुए ओलिंपिक की टिकटों की बिक्री की वजह से प्रभावित होता है. इसे एक साल पहले की तुलना में देखें तो आंकड़े बताते हैं कि अर्थव्यवस्था स्थिर है.''
ओएनएस के अनुसार वर्ष 2008 की शुरुआत और वर्ष 2009 के बीच अर्थव्यवस्था में 6.4% तक गिरावट आई थी.
वर्ष 2012 की तीसरी तिमाही में उत्पादन का स्तर लगभग बिल्कुल वैसा ही था जैसा ये 2011 की तीसरी तिमाही में था.












