पाकिस्तान का हाल भी बाक़ी मुस्लिम देशों की तरह हो जाएगा: इमरान ख़ान

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक बार फिर दोहराया है कि उन्हें कभी भी गिरफ़्तार किया जा सकता है और उनके साथ कुछ भी हो सकता है.
इमरान ख़ान के लाहौर के ज़मान पार्क स्थित घर के बाहर इस समय माहौल तनावपूर्ण है. इमरान ख़ान ने पुलिस की भारी मौजूदगी के वीडियो भी ट्वीट किए हैं.
बुधवार शाम लाइव भाषण देते हुए इमरान ख़ान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की मौजूदा सरकार उनकी पार्टी और सेना को आमने सामने करना चाहती है और अगर ऐसा हुआ तो पाकिस्तान तबाही के रास्ते पर चला जाएगा.
इमरान ख़ान ने कहा, "ये देश की सबसे बड़ी पार्टी और सेना को आमने-सामने कर रहे हैं. सेना को संदेश दिया जा रहा है कि इमरान ख़ान आकर सेना प्रमुख को हटा देगा. मैं बार-बार कह चुका हूँ कि मैं संस्थानों में दख़ल नहीं देता हूँ."
इमरान ख़ान ने यह भी कहा कि जब मैं प्रधानमंत्री था तब भी सेना के किसी अफ़सर के ख़िलाफ़ कुछ नहीं किया.
इमरान ने कहा कि पाकिस्तान के बाक़ी सभी संस्थान तबाह किए जा चुके हैं और अब सरकार पाकिस्तान के सबसे मज़बूत संस्थान सेना को भी ख़त्म कर देना चाहती है.
इमरान ने कहा, "जब पाकिस्तान सेना की आलोचना की जाती थी, सीएनएन, बीबीसी के इंटरव्यू में मैं सेना का बचाव करता था. मुझे बताएं कि मेरे अलावा कौन और एक पाकिस्तानी है, जिसने पाकिस्तान की सेना का बचाव किया है."
इमरान ख़ान ने भारत और इसराइल जैसे देशों पर पाकिस्तान की सेना के ख़िलाफ़ अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ इसराइल और भारतीय लॉबी को अपने साथ मिलाना चाहते थे.
इमरान ख़ान ने कहा कि उन्होंने हमेशा सेना का बचाव किया है और ऐसा उन्होंने किसी लालच में नहीं किया.
पाकिस्तान की सरकार ने इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी के बाद हुई हिंसा के मामलों की जांच शुरू की है और बड़े पैमाने पर इमरान ख़ान की पार्टी के कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया जा रहा है.
इसे सरकार की साज़िश बताते हुए इमरान ख़ान ने कहा, "ना आपने कोई जांच की, ना स्वतंत्र जांच हो रही है, ना पता चला कि इसके पीछे कौन था, ये तुरंत फ़ैसला देना चाहते हैं कि पीटीआई आतंकवादियों की पार्टी है. साढ़े सात हज़ार कार्यकर्ताओं को पकड़ लिया है, औरतों से बदतमीजी हो रही है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है. औरतों के साथ कभी बदतमीज़ी नहीं हुई है."
इमरान ख़ान ने कहा, "मुझे लग रहा है कि मैं कोई घिनौना ख़्वाब देख रहा हूँ, जिसमें मुल्क तबाह हो रहा है."
इसी बीच पाकिस्तान की सेना के जनसंपर्क विभाग आईएसपीआर की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि जनरल आसिम मुनीर ने बुधवार को सियालकोट सैन्य छावनी का दौरा किया और कहा कि 9 मई को हुए घटनाक्रम के लिए ज़िम्मेदार लोगों को दंडित किया जाएगा.
जनरल मुनीर ने सेना के शहीद स्मारक का दौरा करते हुए ये भी कहा कि किसी को भी देश के शहीदों का अपमान नहीं करने दिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि हाल में जिस तरह की त्रासद घटनाएं हुई हैं उन्हें दोहराने नहीं दिया जाएगा
मौजूदा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इमरान ख़ान ने कहा, "कौन सा देश कुछ चोरों की ख़ातिर बर्बाद होने की इजाज़त देता है."
इमरान ख़ान ने एक बार फिर दोहराया कि वो राजनीति में अपने लिए कुछ हासिल करने के लिए नहीं आए हैं.
उन्होंने पाकिस्तान के लोगों को चेताते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान की सेना कमज़ोर हो गई तो पाकिस्तान का हाल भी दुनिया के अन्य मुसलमान देशों की तरह होगा.
इमरान ख़ान ने कहा, "अगर फौज कमज़ोर हुई तो हमारा वही हाल होगा जो बाक़ी मुसलमान मुल्कों का है. सीरिया, इराक़, अफ़ग़ानिस्तान को देखें. हमें ये गर्व था कि हमारी फौज सबसे मज़बूत है."
इमरान ख़ान ने कहा, "ये लोग कामयाबी से वो काम कर रहे हैं, जो मेरी आंखों के सामने पूर्वी पाकिस्तान में हुआ था. पीडीएम जानबूझकर सेना और पीटीआई को लड़ाना चाहती है."
इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान में पिछले एक साल से जो अफ़रा-तफ़री मची है उसके पीछे क्या है, इसे देश को समझना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ये चाहती है कि इमरान ख़ान को सत्ता में आने ना दिया जाए चाहें कुछ भी हो जाए, भले ही संविधान का उल्लंघन करना पड़े.
इमरान ख़ान ने चुनावी सर्वे का नतीजा दिखाते हुए दावा किया पाकिस्तान में 70 फ़ीसदी लोग पीटीआई को पसंद करते हैं और इसकी वजह से बाक़ी दलों में डर है.
इमरान ख़ान ने कहा, "उन्हें ये चिंता नहीं है कि इमरान सत्ता में आया तो देश बेहतर होगा या नहीं होगा. उन्हें डर इस बात का है कि बीते तीस साल से उन्होंने जो देश का पैसा चुराया है उसकी जांच ना हो जाए."
इमरान ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को मीडिया में ब्लैकआउट कर दिया गया है और उन्हें टीवी पर नहीं दिखाया जा रहा है.
इमरान ने फिर से दावा किया कि इस्लामाबाद हाई कोर्ट में उनकी हत्या की साज़िश की गई थी.
इमरान ने कहा, "मैं समझने की कोशिश कर रहा हूं कि जब इन्होंने मुझे वहां से पकड़ा, उससे पहले ही बयान में मैंने कहा कि अगर मेरा वारंट हो तो मैं गिरफ़्तारी के लिए तैयार हूं. मैंने ये भी कहा कि अगर मुझे ज़बरदस्ती उठाया गया तो प्रतिक्रिया होगी. "
इमरान ने कहा कि जिस रास्ते पर पाकिस्तान आगे बढ़ रहा है वो तबाही का रास्ता है.
उन्होंने कहा कि देश के 70 फ़ीसदी लोग जिस पार्टी को पसंद कर रहे हैं उसे ख़त्म नहीं किया जा सकता है.
इमरान ख़ान ने अपने भाषण में अपनी पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं के साथ हुई हिंसा का दो बार ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, "मुझे ये डर है कि जो हो रहा है, इसकी बहुत सख़्त प्रतिक्रिया हो सकती है."
इमरान ख़ान ने ये आरोप भी लगाया है कि उनकी गिरफ़्तारी के बाद हुई हिंसक प्रदर्शनों में ऐसे लोग शामिल थे जो उनकी पार्टी के नहीं थे.
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सेना के ठिकानों पर आग लगाई उनकी पहचान और जांच होनी चाहिए.
इमरान ख़ान ने इसके लिए खुली और स्वतंत्र जांच की मांग भी की है.
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनों के बाद से अब तक 25 लोगों की जान जा चुकी है और 700 लोग गोली लगने से घायल है.
इमरान ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को सीधे गोली मारी गई है.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को अल क़ादिर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट में कथित भ्रष्टाचार के आरोप में 9 मई को गिरफ़्तार किया गया था. इमरान ख़ान की इस्लामाबाद हाई कोर्ट से गिरफ़्तारी के बाद पाकिस्तान में ज़बरदस्त प्रदर्शन और हिंसा हुई थी.
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान ख़ान की गिरफ़्तारी को ग़ैर क़ानूनी क़रार दिया था जिसके बाद वो रिहा हो गए थे.
प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के लिए सरकार ने इमरान ख़ान और उनकी पार्टी को ज़िम्मेदार ठहराया है.
मंगलवार को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की पुलिस ने दावा किया था कि लाहौर के ज़मान पार्क इलाक़े में इमरान ख़ान के घर पर आतंकवादी छुपे हुए हैं.
इसका जवाब देते हुए इमरान ख़ान ने कहा, "मैंने सुना है कि चालीस आतंकवादियों को मैंने अपने घर में पनाह दी हुई है और इन्हें पकड़ने के लिए कार्रवाई की जाने वाली है."
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इमरान ख़ान ने कहा, "अगर चालीस आतंकवादी मेरे घर में हैं तो मेरी जान को भी खतरा हैं. मैं चाहता हूं कि वो वारंट लेकर मेरे घर में आएँ और हम उन्हें दिखाएंगे कि हमारे घर में कौन हैं."
इमरान ख़ान के भाषण से कुछ देर पहले ही पंजाब के सूचना मंत्री आमिर मीर ने कहा था, ''ख़ुफिया सूचना के मुताबिक़ सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने वाले 30 से 40 आतंकवादियों ने ज़मान पार्क स्थित इमरान ख़ान के आवास में शरण ली हुई है.''
आमिर मीर ने आरोप लगाया, ''शरण लिए हुए लोगों में वो आतंकवादी भी शामिल हैं जिन्होंने जिन्ना हाउस में तोड़फोड़ की और इसे नष्ट कर दिया था.''
इसी बीच पुलिस ने एक बार फिर से ज़मान पार्क के बाहर की सड़क पर नाकाबंदी शुरू कर दी है.
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