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डोनाल्ड ट्रंप: यौन दुर्व्यवहार का दोषी करार दिए जाने से सियासी भविष्य पर क्या होगा असर?
न्यूयॉर्क की एक अदालत ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेखिका ई जीन कैरल के साथ यौन दुर्व्यवहार और बदनाम करने का दोषी पाया है.
कोर्ट ने कैरल को 50 लाख डॉलर देने का फ़ैसला सुनाया है जिसमें से ट्रंप 30 लाख डॉलर मानहानि के लिए और 20 लाख डॉलर दुर्व्यवहार के लिए देंगे.
ये फ़ैसला आने वाले दिनों में ट्रंप को राजनीतिक और क़ानूनी रूप से होने वाले नुक़सान का संकेत हो सकता है.
ट्रंप फ़िलहाल उन नेताओं में सबसे आगे चल रहे हैं जिन्हें रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी मिलने की संभावना है.
ये फ़ैसला रिपब्लिकन पार्टी के अंदर ट्रंप के आधार को शायदी ही कमज़ोर करे. यहाँ उनके समर्थक अमेरिकी कानून व्यवस्था को न सिर्फ़ शक की नज़रों से देखते हैं बल्कि हर विपरीत परिस्थिति में ये लोग ट्रंप के साथ खड़े रहे हैं.
लेकिन ट्रंप निजी तौर पर इस फ़ैसले की चुभन को लंबे समय तक महसूस कर सकते हैं.
रिपबल्किन पार्टी के दो सीनेटरों के बयान भी ट्रंप की 2024 में राष्ट्रपति चुनाव की दावेदारी पर मंडराते ख़तरे की ओर इशारा करते हैं.
अमेरिकी राज्य साउथ डकोटा के सीनेटर जॉन थून ने कहा, "इसका असर लंबे समय में दिखेगा. लोगों को तय करना होगा कि क्या उन्हें इस ड्रामे से निपटना है."
वहीं टेक्सास के जॉन कॉर्निन ने चेताया, "मुझे नहीं लगता वो चुने जाएंगे. आप सिर्फ़ पार्टी में अपने आधार के बलबूते आम चुनाव नहीं जीत सकते."
इन सबसे अव्वल, इस मामले में ट्रंप खुद ही अपने सबसे बड़े दुश्मन बन सकते हैं.
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ट्रंप की आपत्तिजनक गवाही
ई जीन कैरल के मुक़दमें का केंद्र पूर्व राष्ट्रपति की वो गवाही थी जिसमें वो अपमानजनक और बचाव की मुद्रा में लग रहे थे. इस गवाही में अपने चर्चित 'एक्सेस हॉलीवुड टेप' के बचाव में ट्रंप ने कहा था कि इसमें उनकी बातें 'दुर्भाग्य या सौभाग्य' से मशहूर हस्तियों की ताक़त के बारे में ऐतिहासिक सच बयां करती हैं. इस टेप में ट्रंप महिलाओं को उनके प्राइवेट पार्ट से पकड़ने का दावा कर रहे थे.
उन्होंने ये भी कहा कि उनके ख़िलाफ़ यौन दुर्व्यवहार के मामले में बयान दर्ज करवाने वाली कैरल और एक अन्य महिला उनके 'टाइप' की नहीं थीं. इतना ही नहीं ट्रंप ने गवाही दर्ज कर रही महिला अटॉर्नी के लिए भी बेवजह यही विवरण दिया.
वो जूरी जो ये तय कर रही हो कि ट्रंप ने यौन दुर्व्यवहार किया है या नहीं या वो आरोप लगाने वाले से अधिक भरोसेमंद हैं, उनके सामने ऐसा बर्ताव दिखाना एकदम ग़लत था.
इसके ऊपर ट्रंप ने गलती से कैरल की एक तस्वीर को अपनी पूर्व पत्नी मार्ला मेपल्स का बताया था, जिससे उनका ही दिया 'ये मेरे टाइप की नहीं' वाला बयान सीधे तौर पर कमज़ोर पड़ता दिखा.
साल 2020 के राष्ट्रपति चुनावों में उपनगरीय क्षेत्रों के मतदाताओं, ख़ासतौर पर महिलाओं ने ट्रंप की सियासत के अंदाज़ से खुद को दूर कर लिया था. इस मामले में अदालत का फ़ैसला अब इस तरह के मतदाताओं को ट्रंप से और दूर धकेलने का ही काम करेगा.
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ट्रंप ने फ़ैसले का किया विरोध
ट्रंप ने अदालत के फ़ैसले पर विरोध जताया है. उन्होंने इस फ़ैसले को अपमानजनक बताते हुए कहा कि उन्हें नहीं मालूम 'ये महिला' कौन थी. कोर्ट के बाहर उनके वकील ने कहा कि ट्रंप आगे इसके ख़िलाफ़ अपील करेंगे.
अभी तक देखें तो पूर्व राष्ट्रपति ने 2024 में फिर से व्हाइट हाउस को हासिल करने के लिए काफ़ी सटीक तरीके से अभियान चलाया है. उनकी टीम ने देश भर के प्रमुख राज्यों में ज़मीनी स्तर पर व्यवस्थित तरीके से समर्थन जुटाया है. उनके प्रतिद्वंद्वी रॉन डीसैंटिस पर केंद्रित हमले रंग ला रहे हैं. न्यूयॉर्क में पोर्नस्टार स्टॉर्मी डैनियल्स से जुड़े मामले में अपने ख़िलाफ़ आरोप तय किए जाने को ट्रंप अपने समर्थकों के बीच खुद के पक्ष में भुनाने में कामयाब रहे.
हालांकि, यौन दुर्व्यवहार और मानहानि केस में आए फ़ैसले ने ट्रंप के प्रतिद्वंद्वियों को उन पर हमले तेज़ करने का रास्ता ज़रूर दे दिया है. अगर कैरल के वकील की तरह ही ट्रंप के विपक्षी भी उनपर हमले कर सकें तो ज़रूर इससे उनकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर असर होगा.
कम से कम ये किसी पूर्व राष्ट्रपति के ऐतिहासिक तौर पर पहला अनुभव तो होगा, जो पहले ही आपराधिक मामले का सामना कर रहे हैं और संभवतः उनके ख़िलाफ़ आगे और भी केस आने वाले हैं.
अब तक क़ानूनी चिंताओं से ट्रंप पल्ला झाड़ते आए हैं. लेकिन न्यूयॉर्क जूरी का फ़ैसला ट्रंप के लिए वो झटका लेकर आया है जो अब तक हुई मामूली 'जाँचों' से नहीं लगा था. जूरी ने सभी सबूतों पर गौर किया और पाया कि ट्रंप ने गलत किया है.
ऊपर जिन दो मामलों का ज़िक्र है उनके अलावा और भी कई क़ानूनी केस हैं जो ट्रंप की सिरदर्दी बढ़ा सकते हैं. इनमें यूएस कैपिटल हिंसा में पूर्व राष्ट्रपति की भूमिका की विशेष काउंसल जैक स्मिथ की जाँच और व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद गोपनीय दस्तावेज़ों के साथ छेड़छाड़ के साथ ही 2020 में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को पलटने की कोशिश के संबंध में जॉर्जिया में चल रही जाँच शामिल है.
हालांकि, इसकी संभावना कम ही है कि अगर ये जाँच अभियोग में बदल जाए तो ट्रंप कोई रुख़ अख़्तियार करेंगे या फिर न्यूयॉर्क अभियोग में बयान दर्ज कराएंगे. अभियोजक ज़रूर पूर्व राष्ट्रपति के बयानों को उनके ख़िलाफ़ प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने के रास्ते तलाशेंगे, जैसा कैरल के वकील ने किया.
ट्रंप को देने होंगे 50 लाख डॉलर
ट्रंप पर एक मैगज़ीन की लेखिका ई. जीन कैरल ने उन पर 1990 में उनसे यौन दुर्व्यवहार करने और उन्हें झूठा बताकर बदनाम करने का आरोप लगाया था.
कोर्ट ने कैरल को क्षतिपूर्ति के रूप में 50 लाख डॉलर देने का फ़ैसला सुनाया है. हालांकि कोर्ट ने ट्रंप को एक डिपार्टमेंटल स्टोर में कैरल का रैप करने का ज़िम्मेदार नहीं पाया है क्योंकि यह मामला सिविल कोर्ट में चल रहा था न कि क्रिमिनल कोर्ट में.
दो सप्ताह तक मैनहेटन फ़ेडरल कोर्ट में चली इसकी सुनवाई में ट्रंप पेश नहीं हुए थे और उन्होंने इन अरोपों को ख़ारिज किया था.
जानकारों का कहना है कि अगले साल अमेरिकी राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की ट्रंप की योजना को इस मामले से बड़ा झटका लग सकता है.
ट्रंप ने जारी किया बयान
कोर्ट ने कैरल को 50 लाख डॉलर देने का फ़ैसला सुनाया है जिसमें से ट्रंप 30 लाख डॉलर मानहानि के लिए और 20 लाख डॉलर दुर्व्यवहार के लिए देंगे जिसमें यौन दुर्व्यवहार भी शामिल है जो उन्हें 90 के दशक में किया था.
डोनाल्ड ट्रंप ने इस फ़ैसले पर अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने लिखा है कि 'मुझे पूरी तरह से कोई आइडिया नहीं है कि यह महिला कौन है. यह फ़ैसला एक अपमान है.'
पूर्व राष्ट्रपति के एक प्रवक्ता ने बयान जारी करके कहा है कि यह डेमोक्रेटिक पार्टी का ट्रंप के ख़िलाफ़ 'अभियान' है, यह राजनीति से प्रेरित एक फ़र्ज़ी मामला है.
इस साल ट्रंप को दूसरा झटका
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के लिए ये इस साल दूसरा बड़ा झटका है.
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप पर साल 2016 के राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले एक पोर्न स्टार को भुगतान किए जाने के मामले में औपचारिक रूप से आरोप तय किए गए थे और वो कोर्ट में पेश भी हुए थे.
अमेरिका के इतिहास में डोनाल्ड ट्रंप ऐसे पहले पूर्व राष्ट्रपति हैं जिनके ख़िलाफ़ औपचारिक रूप से मुक़दमा चलाए जाने की नौबत आई.
पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स ने मार्च 2018 में एक टीवी इंटरव्यू में दावा किया था कि अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान ट्रंप की ओर से उन्हें अपने और उनके संबंधों पर चुप रहने के लिए धमकी दी गई थी.
जनवरी 2018 में, अमेरिकी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक लेख प्रकाशित किया था.
इसमें दावा किया गया कि ट्रंप के तत्कालीन वकील माइकल कोहेन ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से एक महीने पहले अक्टूबर, 2016 में डेनियल्स को 1,30,000 डॉलर का भुगतान किया था.
इस चुनाव में ट्रंप को जीत मिली थी.
(वॉशिंगटन से एंथनी ज़र्चर के इनपुट के साथ)
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