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डोनाल्ड ट्रंप अदालत में हुए पेश, क्या लगेगी हथकड़ी और अपराधियों की तरह खींची जाएगी तस्वीर?
- Author, एंथनी ज़र्चर
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़, वॉशिंगटन
पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनिएल्स को पेमेंट करने के मामले में हो रही जांच के नतीजे में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरफ़्तारी हो सकती है. ये मामला वर्ष 2016 का है.
ट्रंप सोमवार को न्यूयॉर्क पहुँचने के बाद अदालत के सामने हाज़िर होने के बाद अपने ऊपर चल रहे मामलों पर दोषी नहीं ठहराए जाने की गुजारिश की है. हालांकि अदालत ने माना है कि ट्रंप ने कई मौक़ों पर ग़लत दस्तावेज़ पेश किए हैं.
वे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं जिनपर आपराधिक मामला चलाया जा रहा है हालांकि ये साफ़ नहीं है कि उनके ख़िलाफ़ अभियोग क्या है.
क्या है अभियोग
साल 2016 में एडल्ट फ़िल्मों की स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स ने मीडिया संस्थानों से संपर्क किया. वे वर्ष 2006 में डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने अफ़ेयर की कहानी, पैसे के बदले बेचना चाहती थीं.
ट्रंप की टीम को इसकी भनक लग गई और उनके वकील माइकल कोहेन ने डेनियल्स को चुप्पी के बदले 1 लाख 30 हज़ार अमेरिकी डॉलर का पेमेंट कर दिया.
ऐसे करना ग़ैर-क़ानूनी नहीं था. लेकिन जब ट्रंप ने कोहने को पैसे लौटाए तो इसे लीगल फ़ीस बताया. अभियोजकों का कहना है कि ये ट्रंप द्वारा बिज़नेस रिकॉर्ड्स में झूठ बोलना है. और ये न्यूयॉर्क के क़ानून के मुताबिक़ अपराध है.
अभियोजक ये भी कह सकते हैं कि इससे चुनाव कानून का भी उल्लंघन हुआ है क्योंकि कोहेन के ज़रिए डेनियल्स को पेमेंट करके वे वोटरों को ये नहीं जानने देना चाहते थे कि उनका कोई अफ़ेयर था.
किसी अपराध को झूठे रिकॉर्ड के ज़रिए छिपाना एक घोर अपराध है. अमेरिकी क़ानून के मुताबिक फ़ेलनी (घोर अपराध) में एक साल से लेकर मौत की सज़ा तक हो सकती है.
इस केस की कोई मिसाल नहीं है. अतीत में सियासतदानों के इस तरह अपराधों में कभी सज़ा नहीं हुई है.
न्यूयॉर्क सिटी में डिस्ट्रिक एटॉर्नी कैथरीन क्रिश्चियन ने कहा, "ये केस भी मुश्किल ही लग रहा है."
अब ट्रंप का क्या होगा
न्यूयॉर्क सिटी के सरकारी वकील एल्विन ब्रैग ने इस मामले में एक ग्रैंड ज्यूरी का गठन किया था. इस ज्यूरी ने पिछले हफ़्ते कहा कि ट्रंप के ख़िलाफ़ केस को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं.
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप आज रात पौने बारह बजे अदालत में पेश होंगे. उस वक़्त न्यूयॉर्क में दोपहर के सवा दो बज रहे होंगे.
जब तक जज ट्रंप के ख़िलाफ़ अभियोग अदालत में पढ़ नहीं देते, तब तक उसके बारे में कुछ पता नहीं चल पाएगा.
गिरफ़्तार हुए तो हथकड़ी लगेगी?
ट्रंप की लीगल टीम ने कहा है कि उन्हें हथकड़ी नहीं लगाई जाएगी और अदालत उसे एक प्राइवेट रास्ते से कोर्ट में दाख़िल होने की अनुमति दे सकती है.
अदालत में प्रवेश करने के बाद ट्रंप के फ़िंगरप्रिट्ंस लिए जाएंगे.
लेकिन ये साफ़ नहीं है कि अन्य अपराधियों की तरह अदालत के भीतर उनकी तस्वीर भी खींची जाएगी.
सोमवार को ट्रंप की एक वकील अलीना हब्बा ने सीएनएन को बताया था कि ट्रंप दुनिया भर में जाना पहचाना चेहरा हैं और कोर्ट में उनकी तस्वीर नहीं ली जानी चाहिए.
लेकिन अगर वाक़ई तस्वीर खींची तो शायद ही कभी वो सार्वजनिक की जाए.
न्यूयॉर्क के क़ानून के अनुसार, इसे सार्वजनिक करने के लिए ट्रंप की अनुमति की ज़रूरत होगी. हालांकि कुछ अमेरिकी मीडिया संस्थानों का कहना है कि ट्रंप इसे सार्वजनिक करने के ख़िलाफ़ नहीं हैं.
ट्रंप को सीक्रेट सर्विस के अधिकारी लेकर आएंगे. इसके बाद उन्हें जज के सामने पेश होने से पहले एक होल्डिंग एरिया में बिठाया जाएगा.
लेकिन जैसे ही वे अदालत में पेश होंगे, उनकी तस्वीरें सार्वजनिक होंगी.
सोमवार को जज हुआन मर्चान ने कहा था कि कुछ प्रेस फ़ोटोग्राफ़रों को अदालत के भीतर ट्रंप की तस्वीरें लेने दिया जा सकता है.
ट्रंप का ट्रायल कब शुरू होगा?
ये अब भी साफ़ नहीं है कि ट्रायल कब शुरू होगा.
एक बार केस दर्ज हो जाए तो इसकी सुनवाई के लिए जज चुना जाएगा. उसके बाद बाक़ी जानकारियां साझी की जाएंगी. उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रंप को ज़मानत पर छोड़ दिया जाएगा और वे अपने घर फ़्लोरिडा लौट जाएंगे.
अगर मामले में ट्रंप दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें हर्जाना देना होगा. लेकिन अगर ट्रंप को घोर अपराध में दोषी पाया गया तो उन्हें अधिकतम सज़ा सुनाई जाएगी. इस अपराध में अधिकतम सज़ा चार वर्ष की जेल है.
लेकिन कई लीगल जानकारों का कहना है कि संभवतः ट्रंप को हर्जाना देने की ही सज़ा मिलेगी.
क्या वे राष्ट्रपति का चुनाव लड़ पाएंगे?
इस मामले में दोषी पाए जाने के बावजूद ट्रंप चाहें तो वे राष्ट्रपति पद की दौड़ में बने रह सकते हैं. और अभी तक उन्होंने संकेत यही दिया है कि वे हर हाल में रेस में बने रहेंगे.
अमेरिकी क़ानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत अपराध में दोषी पाए गए किसी उम्मीदवार को राष्ट्रपति बनने से रोक पाए.
लेकिन अगर ट्रंप गिरफ़्तार हुए तो उनके राष्ट्रपति बनने का अभियान जटिल हो जाएगा. इससे कुछ रिपब्लिकन वोटर्स उनके पाले में जा सकते हैं. लेकिन बहुत से समर्थक उनसे अलग भी हो सकते हैं.
इससे समकालीन अमेरिका के सियासी व्यवस्था में और विभाजन होगा.
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