अमेरिकी आसमान में 'जासूसी गुब्बारा', चीन पर उठी उंगलियां तो मिला ये जवाब

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- Author, मैक्स माट्ज़ा
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
अमेरिका का कहना है कि वो चीन के एक संदिग्ध 'जासूस गुब्बारे' पर नज़र बनाए हुए है. ये गुब्बारा बीते कई दिनों से अमेरिका की कई संवेदनशील जगहों के पास से उड़ता दिखा है.
रक्षा अधिकारियों का कहना है, ''हम पूरा भरोसा है कि काफ़ी ऊंचाई पर उड़ने वाला ये जासूसी गुब्बारा चीन का ही है. ये गुब्बारा हाल ही में मोंटाना के पास देखा गया था.''
सेना ने इस गुब्बारे को निशाना लगाकर नीचे गिराने का फ़ैसला इसलिए नहीं किया है क्योंकि ये डर है कि इसका मलबा संवेदनशील जगहों पर गिरकर नुक़सान पहुंचा सकता है.
चीन ने इस मामले पर चेतावनी दी है कि बिना तथ्यों की जांच करे अनुमान लगाने और हल्ला मचाने की ज़रूरत नहीं है.
कनाडा ने शुक्रवार को कहा है कि वो भी जासूसी गुब्बारे पर नज़र बनाए हुए है. हालांकि कनाडा ने इस गुब्बारे के पीछे किसी देश का नाम नहीं लिया है.
कनाडा की ओर से जारी बयान में कहा गया, ''हम अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर साथ काम कर रहे हैं ताकि कनाडा की संवेदनशील जानकारियों को विदेश के खुफिया ख़तरों से बचाया जा सके.''
अमेरिका ये गुब्बारा फोड़ क्यों नहीं रहा?
अधिकारियों का कहना है कि ये गुब्बारा मोंटाना में दिखने से पहले अलास्का के अल्यूशन आईलैंड और कनाडा से होकर गुज़रा था.
एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने अपना नाम ना बताने की शर्त पर कहा कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से गुब्बारा निशाना लगाकर गिराने का आदेश आता है तो एफ-22 समेत लड़ाकू विमान तैयार हैं.
अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन, यूएस जॉइंट चीफ़ ऑफ स्टाफ जनरल मार्क मिल्ले समेत सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ख़तरे को ध्यान में रखते हुए बुधवार को बैठक की.
मोंटाना कम आबादी वाला एक ऐसा इलाक़ा है, जो अमेरिका के तीन न्यूक्लियर मिसाइल क्षेत्रों में से एक है. ये मिसाइल फील्ड मैल्मस्ट्रोम एयरफोर्स बेस पर है. अधिकारियों का कहना है कि ये जासूसी गुब्बारा इन संवेदनशील जगहों की जानकारी जुटाने के मकसद से उड़ रहा है.
लेकिन अधिकारियों ने सलाह दी है कि वो गुब्बारे को निशाना बनाकर नीचे ना गिराएं, क्योंकि ऐसा करने पर गुब्बारे का मलबा लोगों पर गिर सकता है.
हालांकि रक्षा अधिकारियों का ये भी कहना है कि इस गुब्बारे से अमेरिका की ख़ुफिया जानकारियों को बहुत ख़तरा नहीं है क्योंकि अमेरिका जानता है कि ये गुब्बारा किस वक़्त कहां से गुज़र रहा है.
उन्होंने कहा कि इस गुब्बारे से निजी या यात्री विमानों को भी बड़ा ख़तरा नहीं है क्योंकि गुब्बारे की ऊंचाई कर्मशियल फ्लाइट्स के लिए तय ऊंचाई से काफ़ी ज़्यादा है.
अधिकारियों का कहना है कि इसकी संभावनाएं कम ही हैं कि चीन सैटेलाइट से जो जानकारियां जुटा सकता है, उससे अधिक जानकारियां इस गुब्बारे से जुटा पाए.

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चीन सरकार क्या बोली?
अमेरिका ने वॉशिंगटन और बीजिंग स्थित दूतावस में ये मामला चीनी अधिकारियों के सामने भी उठाया है.
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, ''चीन फ़िलहाल इस गुब्बारे से संबंधित रिपोर्ट्स की जांच कर रहा है और जब तक तथ्य पुख़्ता नहीं होते, तब तक अनुमान लगाने और हल्ला मचाने से समाधान नहीं निकलेगा.''
गुरुवार को प्रेस वार्ता में अमेरिका ने गुब्बारे की मौजूदा लोकेशन बताने से इंकार किया. अमेरिका ने इस गुब्बारे के साइज या इससे जुड़ी और जानकारियां देने से भी मना किया.
एक रक्षा अधिकारी ने बताया, ''ऐसी रिपोर्ट्स आई हैं कि कुछ पायलट ने इन गुब्बारों को देखा है, वो भी तब जब ये काफी ऊंचाई पर उड़ रहे थे. ऐसे में आप इसके आकार का अंदाज़ा लगा सकते हैं.''
उन्होंने कहा कि ऐसे कई जासूसी गुब्बारे अतीत में भी पता चले हैं लेकिन ये वाला गुब्बारा इस बार लंबे वक़्त से मौजूद है.
मोंटाना में गुब्बारा दिखने की चर्चा सोशल मीडिया पर भी है.
कुछ लोग आसमान में गुब्बारे जैसी दिख रही चीज़ की तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं. कुछ दूसरे लोगों ने इलाके में सेना के विमान दिखने की बातें कही हैं. ज़ाहिर है कि ये सैन्य विमान गुब्बारे की निगरानी कर रहे हैं.
इलाके में काम करने वाले चेज़ डोआक ने समाचार एजेंसी एपी से कहा, ''मैंने आसमान में एक सफेद गोला देखा और घर गया कि अच्छा कैमरा लाकर बेहतर तस्वीर खींच सकूं.''
उन्होंने कहा, ''मुझे लगा कि ये शायद कोई यूएफओ होगा तो मैं इसे दर्ज कर लेना चाहता था, इसीलिए मैंने ज़्यादा से ज़्यादा तस्वीरें ली.''

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गुब्बारे पर चीन क्या कह रहा है?
चीन के सरकारी मीडिया ने इस मामले पर किसी तरह की रिपोर्ट नहीं की है. हालांकि इस मसले पर चीनी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. कई लोग जासूसी के लिए गुब्बारे के इस्तेमाल पर हैरानी जता रहे हैं.
वीबो पर एक यूज़र ने कहा, ''हमारे पास इतनी सारी सैटलाइट हैं तो हम गुब्बारा क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं?''
सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के रिपब्लिकन मार्को रूबियो ने कथित जासूसी गुब्बारे पर चीन की आलोचना की है.
मार्को ने ट्वीट किया, ''चीन ने बीते पांच सालों में नाटकीय और बेशर्मी के साथ हमारे देश की जासूसी करने की कोशिशें तेज़ की हैं.''
मोंटाना के रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग गियानफोर्ट ने एक बयान में कहा, ''मुझे इस गंभीर और परेशान करने वाले हालात के बारे में बताया गया है.''
वॉशिंगटन के एक दूसरे कार्यक्रम में सीआईए के डायरेक्टर विलियम बर्न्स ने इस गुब्बारे में के बारे में तो कुछ नहीं कहा लेकिन चीन को अमेरिका की सबसे बड़ी चुनौती बताया.
ऐसे वक़्त में जब अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी अगले हफ़्ते चीन के दौरे पर जाने वाले हैं, तब इस गुब्बारे की वजह से तनाव बढ़ सकता है. ये पहली बार है जब बाइडन प्रशासन से कोई कैबिनेट सेक्रेटरी चीन का दौरा कर रहा है.
चीनी दौरे पर एंटनी के एजेंडे में सुरक्षा, ताइवान, कोरोना जैसे मुद्दे रहेंगे.
फाइनेंशियल टाइम्स ने गुरुवार को रिपोर्ट की है कि एंटनी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मिलेंगे.
जासूसी के लिए गुब्बारों का इस्तेमाल पुरानी तकनीकों में से एक है.
दूसरे खुफिया उपकरणों की बजाय ये कम दाम और बिना किसी इंसान के जासूसी के लिए भेजे जा सकते हैं. इनका इस्तेमाल लंबे वक्त तक भी किया जा सकता है.
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