पाकिस्तान में हिंदू महिला की बेरहमी से हत्या में चार अभियुक्त गिरफ़्तार, पुलिस का दावा- काला जादू के लिए हुई हत्या

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- Author, शुमाइला ख़ान
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए, कराची से
इस कहानी के कुछ अंश आपको विचलित कर सकते हैं.

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक हिंदू महिला की सिर काटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया है.
पुलिस का कहना है कि महिला की हत्या काला जादू के चलते की गई थी. गिरफ़्तार अभियुक्तों में महिला का भाई दया भील और रूपो भील भी शामिल है.
घटना 29 दिसम्बर को प्रकाश में आई थी. इसके बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ केस दायर कर जांच शुरू की थी. महिला के परिजनों ने ने आरोप लगाया था कि उनकी किसी से साथ कोई दुश्मनी नहीं थी.
ये घटना सेंट्रल सिंध के संघार ज़िले के सिंझोरो इलाक़े में हुई. सिंझोरो कराची से करीब 250 किलोमीटर दूर है. 40 साल की दया भील विधवा थीं. उनके पुत्र सुमेर चंद भील ने बताया कि परिवार खेती-बाड़ी करता है.
भारत ने भी इस हत्या पर पाकिस्तान से सवाल भी किए थे. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान से अल्पसंख्यकों के प्रति ज़िम्मेदारी निभाने को कहा था.
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सुमेर चंद के मुताबिक मंगलवार दोपहर दया भील गन्ने के खेत में घास काटने गई थीं. उनके साथ उनकी बेटी भी थी. घास काटने के बाद एक गठ्ठर उन्होंने बेटी को दे दी और उसे घर भेज दिया.
दया भील ने बेटी से दोबारा लौटने को कहा और फिर घास काटने में जुट गईं. सुमेर चंद बताते हैं कि जब वे शाम को घर पहुँचे तो उन्हें बहन ने बताया कि माँ अब तक खेत से नहीं लौटी हैं.
इसके बाद वे अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ माँ को खोजने खेत की ओर निकल गए. खोजने के क्रम में परिवारवाले एक सरसों के खेत में भी गए जहाँ उन्होंने सरसों की टहनियां टूटी हुई पाईं. पास ही शव पड़ा था.
सुमेर चंद बताते हैं, "मेरी माँ का शव खेत में पड़ा था. जब हम क़रीब पहुँचे तो पता चला कि उनका सिर धड़ से अलग कर दिया गया है. हमने तुरंत पुलिस को सूचना दी जिसके पुलिस शव को घटनास्थल से ले गई."
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'नाक और कान काट दिए थे'
दया भील का पोस्टमॉर्टम सिंझोरो के अस्पताल में हुआ.
स्वास्थ्य विभाग की एक महिला डॉक्टर के मुताबिक़, उनके यहां दया भील का सिर और धड़ अलग-अलग लाए गए थे. साथ ही उनके नाक और कान भी काट दिए गए थे. पुलिस को अब तक ये अंग नहीं मिले हैं.
नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर महिला डॉक्टर ने कहा कि महिला के सिर पर गहरी चोट के निशान थे जो किसी तेज़ हथियार के वार से लगे होंगे.
महिला डॉक्टर ने बताया, "रेप का कोई प्रमाण नहीं मिला. सभी घाव जिस्म के ऊपर के हिस्से पर हैं."
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डॉग स्कॉड की मदद
पुलिस ने जब जांच शुरू की तो केस में आंतकवाद वाली धाराएं भी लगाई गई थीं.
सिंध में मानवाधिकार मंत्रालय के सलाहकार सुरेंदर वालासाई ने कहा था कि उन्होंने पुलिस से जल्द तफ़्तीश करने को कहा है. उन्होने उम्मीद जताई है कि तुरंत हत्या करने वाले लोग पकड़े जाएंगे और फिर नृशंस हत्या करने की वजह साफ़ हो पाएगी.
पुलिस ने जांच के लिए विशेष दल का गठन किया है. इसी दल के एक सदस्य इंस्पेक्टर इशाक़ संगार्सी ने कहा कि शव तो सरसों के खेत से मिला है पर उन्हें वहां किसी के कदमों के निशान नहीं दिखे हैं.
उसके बाद टोह लेने वाले कुत्तों की मदद ली गई. इसी क्रम में एक कुत्ता दया भील के भाई के दरवाजे़ पर जा रुका था.
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भारत की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर बहस
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को अपने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में दया भील की हत्या पर प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने कहा था, "मैं कहना चाहूंगा कि हमने पहले भी बार-बार ये कहा है कि पाकिस्तान अपने अल्पसंख्यकों का ख्याल रखे, उनकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी को पूरी तरह से निभाए."
दया भील की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर काफ़ी बवाल हो रहा है. कई घंटों तक पाकिस्तान में जस्टिस फॉर दया भील ट्रेंड करने लगा था.
जय कुमार भगत नाम के एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने ट्वीट किया, "मैंने अब तक जस्टिस फॉर दया भील का कोई हैशटैग नहीं देखा है क्योंकि किसी के पास इस नृशंस हत्या पर गौर करने का वक्त नहीं है. उन्हें किसी राक्षस ने मारा है. वो किसी बड़े घर की नहीं थीं, कोई सेलेब्रेटी नहीं थीं. यही कारण है कि मुख्यधारा का मीडिया भी उनकी ख़बर नहीं दिखा रहा."
पत्रकार हलिमा सूमरो ने पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट से इस मामले स्वत संज्ञान लेने का निवेदन किया है.
उन्होंने लिखा था, "दया भील की नृशंस हत्या ने देश को शर्मसार किया है. सिंध सरकार तुरंत कसूरवार लोगों को पकड़े और सुप्रीम कोर्ट इस मामले में एक्शन ले ताकि दया भील को न्याय मिल सके."
सामाजिक कार्यकर्ता और डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म मेकर निदा किरमानी ने ट्वीट किया, "दया भील के मर्डर की डिटेल बेहद डरावनी हैं. मैं सिर्फ़ भारतीय मीडिया पर ये ख़बर देख रही हूँ. पाकिस्तानी मीडिया कहाँ है."
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महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा बढ़ी
बीते तीन सालों में पाकिस्तान में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध तेज़ी से बढ़े हैं.
पाकिस्तानी अख़बार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार देश में इस वर्ष महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के 63,367 मामले सामने आए हैं. इनमें से 3,987 महिलाओं की हत्या की गई और 10,500 महिलाओं का यौन शोषण किया गया.
अकेले 2019 में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के 25,389 मामले दर्ज हुए थे. 2020 में ये संख्या 23,789 थी. पिछले साल भी 14, 189 केस दर्ज हुए थे.
अख़बार के मुताबिक, 2019 में 1,578 महिलाओं का क़त्ल हुआ था और 4.377 का रेप. साल 2020 में 1,569 मर्डर और 3,887 रेप के मामले सामने आए थे.
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