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ईरान का फ़ुटबॉलर जिसे सरकार के विरोध के लिए हो सकती है फांसी
ईरान के नामचीन प्रोफ़ेशनल फ़ुटबॉलर आमिर नस्र-अज़ादानी 26 साल के हैं. हाल में उन्होंने देश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था.
अब उन्हें फांसी की सज़ा सुनाई जा सकती है.
उन पर महिला के हक़ में खड़े होने के लिए नहीं बल्कि एक ऐसे हथियारबंद ग्रुप का सदस्य होने की सज़ा सुनाई जाएगी जो 16 नवंबर को इसफ़हान में तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत के लिए ज़िम्मेदार था.
बीबीसी की फ़ारसी सेवा के मुताबिक़ अधिकारियों ने दावा किया है कि आमिर ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि उनके पास सीसीटीवी फुटेज के अलावा और भी कई सबूत हैं जो आमिर समेत नौ लोगों को दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त हैं.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़ फ़िलहाल सज़ा का एलान नहीं हुआ है. ईरान के क़ानून के मुताबिक़ अगर उन पर हथियार इस्तेमाल करने का जुर्म साबित हुआ तो उन्हें मौत की सज़ा होगी.
बीबीसी मॉनिटरिंग के अनुसार ईरानी जजों ने संकेत दिए हैं कि वे मीडिया में छप रही ख़बरों की परवाह किए बिना अपना फ़ैसला सुनाएंगे.
ईरान के भीतर और बाहर, आमिर की हिमायत में सोशल मीडिया अभियान चलाया जा रहा है. लोग आमिर नस्र-अज़ादानी का समर्थन करते हुए उनके पक्ष में मत रख रहे हैं.
आमिर के पक्ष में बड़े सितारे
क़तर में चल रहे वर्ल्ड कप के बीच मशहूर सिंगर शकीरा ने भी बीते रविवार को इस ओर ध्यान दिलाया था.
एक ट्वीट में कोलंबिया की सिंगर शकीरा ने कहा था, "आज वर्ल्ड कप का फ़ाइनल है. मैं उम्मीद करती हूँ कि सारी दुनिया आमिर नस्र को याद करे जिन्हें महिलाओं के अधिकारों की आवाज़ उठाने के लिए मौत की सज़ा दी गई है."
दुनियाभर में कई बड़े कलाकारों और हस्तियों ने आमिर नस्र के पक्ष में बयान जारी किए हैं.
स्पेन के फ़ुटबॉलर मार्क बार्तरा ने ट्वीट कर लिखा, "क्या हम सब हाथ बांधे खड़े रहेंगे? इसे बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता. सबको आमिर नस्र का साथ देना चाहिए. और उन सब लोगों का भी जो इतने भयंकर हालात से गुज़र रहे हैं. स्टॉप. स्टॉप."
इसी बीच प्रोफ़ेशनल फ़ुटबॉलरों की यूनियन एफ़आईएफ़पीआरओ ने कहा है कि वो महिलाओं के हक़ में बात करने पर आमिर को मौत की सज़ा की ख़बर सुनकर हैरान है.
यूनियन ने लिखा, "हम सब आमिर के साथ खड़े हैं. हम तुरंत उनकी सज़ा को ख़त्म करने की मांग करते हैं."
कौन हैं आमिर नस्र-अज़ादानी
नस्र अज़ादानी का जन्म ईरान के मशहूर शहर इसफ़हान में 1996 को हुआ था. उनका करियर इसफ़हान की टीम सेपाहन स्पोर्ट क्लब से की थी. ये क्लब ईरान की टॉप लीग पर्सियन गल्फ़ क्लब में खेलती है.
साल 2014 में आमिर ने तेहरान के क्लब राह-आहन को जॉइन किया था. ये ईरान का सबसे पुराना क्लब है. अगले ही साल आमिर ट्रेक्टर स्पोर्ट्स क्लब में शामिल हो गए थे. साल 2019 तक वे वहीं से खेले.
मुक़दमा ख़त्म होने आमिर नस्र-अज़ादानी को मौत की सज़ा सुनाई जा सकती है. ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक की न्याय व्यवस्था में एक अपराध है जिसे मोहारेबेह कहा जाता है.
17 नवंबर 2022 को ईरान में चल रहे प्रदर्शनों के बीच कर्नल इस्माइल चराग़ी की मौत की ख़बर आई थी. तीन दिन बाद यानी 20 नवंबर को ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईरिब ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें तीन लोगों ने चराग़ी की मौत का ज़िम्मा अपने ऊपर लिया था.
उस वीडियो के बाद अधिकारियों ने कहा था आमिर नस्र-अज़ादानी, सालेह मिरहाशमी और सई यक़ूबी इस हत्या के अभियुक्त हैं.
स्थानीय सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि अज़ादानी ने सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों में हिस्सा तो लिया था पर कर्नल के क़त्ल में शामिल होने की बात कोरी झूठ है क्योंकि हत्या के वक़्त वो वहां थे ही नहीं.
ईश्वर के ख़िलाफ़ नफ़रत
हाल के हफ़्तों में ईरान में दो लोगों को सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए फांसी दी गई है.
प्रदर्शनों की अगुवाई महिलाएं कर रही हैं और इनकी शुरुआत महसा आमिनी नाम की 22 वर्षीय महिला की कस्टडी में हुई मौत के बाद शुरू हुई थी.
महसा आमिनी की मौत 13 सितंबर को हुई थी. उन्हें ढंग से हिजाब न पहनने पर गिरफ़्तार किया गया था.
ईरान के हालात की ही वजह से क़तर में हुए वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने गई टीम ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ अपने पहले मैच में देश का राष्ट्रगान नहीं गाया था.
ईरान की सरकार प्रदर्शनों को दंगा बताती रही है और उसका कहना है कि इसे विदेशी ताक़तें शह दे रही हैं. लेकिन ज़मीन पर अधिकतर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते नज़र आ रहे हैं.
एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि ईरान में इस समय कम से कम 26 लोग मौत की सज़ा के ख़तरे से जूझ रहे हैं.
संस्था के मुताबिक इन 26 में से 11 को सज़ा सुनाई जा सकी है अन्य 15 के ख़िलाफ़ मुकदमें जारी हैं.
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