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ट्रंप के ट्वीट पर भड़के ईरानी, दिए तीखे जवाब
ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी की टेलीविज़न स्पीच के बाद भी ईरान के प्रमुख शहरों में सरकार के ख़िलाफ़ जारी विरोध प्रदर्शन जारी हैं. ईरान के शहर ईज़ाह में प्रदर्शन के दौरान दो लोगों की मौत हो गई है.
इस बीच, अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है.
उन्होंने लिखा है, "ईरान में भारी प्रदर्शन हो रहे हैं. ईरान के लोग आख़िरकार समझ रहे हैं कि उनके धन को चुराकर बेवकूफ़ी भरे ढंग से आतंकवादी घटनाओं में झोंका जा रहा है और ऐसा लग रहा है कि वे अब इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. अमरीका इसे ध्यान से देख रहा है और हम मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों पर नज़र रख रहे हैं."
लेकिन सोशल मीडिया पर ईरानी नागरिकों की ओर से ट्रंप के इस ट्वीट का विरोध किया जा रहा है.
ईरानी सोशल मीडिया यूज़र्स ने ट्रंप के ट्रैवल वैन का भी विरोध किया है.
ईरान के एक कलाकार ने लिखा है, "मेरा विश्वास कीजिए, हमें आपके योगदान की ज़रूरत नहीं है. हम अपनी सरकार के अन्याय से तंग आ चुके हैं लेकिन इसके साथ ही हम आपके दोहरे मानदंडों और मुजाहिद्दीन ए खलाक़ जैसे संगठनों के ख़िलाफ़ हैं जिसे आप और आपके सहयोगी सऊदी अरब का समर्थन देते हैं"
वहीं, एक अन्य सोशल मीडिया यूज़र समंदर अली लिखते हैं, "फ़लस्तीन में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बारे में आपका क्या कहना है. आप इसराइल द्वारा फलस्तीनी नागरिकों के मानवाधिकार उल्लंघनों को नहीं देख रहे हैं, ये पूरी तरह से दोहरे मानदंडों को बताता है."
ईरान स्थित एक पत्रकार अमीन खोरामी कहते हैं, "जिस व्यक्ति ने ईरानियों को अमरीका में घुसने से रोक दिया है अब वही शख़्स उनके अधिकारों की रक्षा करने की बात कर रहे हैं.
नए साल के मौके पर भी प्रदर्शन जारी
साल 2017 के आख़िरी दिन 31 दिसंबर की रात भी कई शहरों में ये प्रदर्शन चलते रहे जिसके बाद कई लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
न्यूज़ एजेंसी फार्क के मुताबिक़, कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और विशेष सुरक्षाबलों के बीच तीख़ी झड़पें देखने को मिली हैं.
तीन दिनों से जारी प्रदर्शनों के बाद सरकार ने मैसेंजिंग ऐप टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के संवाददाता कासरा नाजी का कहना है कि सरकार के समर्थन में हुई रैलियों के मुक़ाबले विरोध में हुए प्रदर्शन ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.
उनका कहना है कि सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वालों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है.
दिन ढलने के बाद भी कई शहरों में विरोध प्रदर्शन होने की ख़बरें मिल रही हैं. कुछ जगहों पर पुलिस के साथ झड़पें भी हुई हैं.
इन सभी प्रदर्शनों में जो एक बात समान है, वो ये है कि 'प्रदर्शनकारी ईरान में मौलवियों का शासन ख़त्म करने की मांग' कर रहे हैं.
ईरान के जिन शहरों में प्रदर्शन अपने चरम पर है उनमें कराज, तुयेसरकान, हमेदान, अराक, सावेह और अमोल जैसे कई प्रमुख शहर शामिल हैं.
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