चीन: तीन माह में कोरोना की तीन लहर की आशंका, शंघाई के स्कूलों को बंद रखने के निर्देश

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    • Author, कैथरीन आर्मस्ट्रॉन्ग और एलिस डेविस
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

चीन के एक शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा है कि चीन में सर्दी के मौजूदा सीज़न के दौरान कोरोना की तीन लहर आ सकती है. देश अभी इनमें से पहली लहर का सामना कर रहा है.

महामारी विशेषज्ञ वू ज़ुन्यो ने कहा है कि संक्रमण में हो रही ताज़ा बढ़ोतरी जनवरी के मध्य तक चलेगी. उनके अनुसार, दूसरी लहर के जनवरी अंत में आने की आशंका है.

दूसरी लहर 21 जनवरी से शुरू होने वाले सप्ताह भर के चीनी नव वर्ष समारोह के आसपास शुरू हो सकती है. असल में परिवार के साथ छुट्टियां बिताने के लिए देश में आमतौर पर लाखों लोग इस समय यात्रा करते हैं.

डॉक्टर वू ने कहा कि संक्रमण में तीसरी वृद्धि फ़रवरी अंत से मार्च के मध्य तक होने की आशंका है क्योंकि छुट्टी बिताने के बाद लोग काम पर लौट आएंगे.

शनिवार को एक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि टीकाकरण के मौजूदा स्तर ने संक्रमण में होने वाली वृद्धि के ख़िलाफ़ एक निश्चित स्तर की सुरक्षा प्रदान की है. इसके कारण गंभीर मामलों की संख्या में गिरावट आई है.

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2023 में 10 लाख लोगों के मरने की आशंका

चीन ने बताया है कि उसकी 90 फ़ीसदी से अधिक आबादी का पूर्ण टीकाकरण हो गया है. हालांकि, 80 साल और उससे अधिक उम्र के आधे से कम ही लोगों को वैक्सीन की तीनों ख़ुराक़ मिली है. बुज़ुर्ग लोगों को कोरोना के गंभीर लक्षणों से पीड़ित होने की आशंकाएं अधिक होती हैं.

चीन ने कोविड के अपने टीके विकसित किए हैं. दावा किया गया है कि ये टीके दुनिया के बाकी देशों में उपयोग किए जाने वाले एमआरएनए टीकों की तुलना में कम प्रभावी हैं.

डॉक्टर वू का ताज़ा बयान अमेरिका के एक प्रतिष्ठित शोध संस्थान की इस सप्ताह के शुरू में आई एक रिपोर्ट के बाद आया है. इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 2023 में ​कोविड संक्रमण से 10 लाख से अधिक लोगों के मरने की आशंका है.

चीन की सरकार ने आधिकारिक तौर पर 7 दिसंबर के बाद से अभी तक कोविड से किसी भी मौत की कोई सूचना जारी नहीं की है. यह वो तारीख़ है जब ज़ीरो-कोविड पॉलिसी के ख़िलाफ़ देश भर में हुए ज़ोरदार विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रतिबंधों को हटा लिया गया था.

वैसे बीजिंग में कोरोना से हो रही मौतों की वास्तविक रिपोर्टें दिखाई जा रही हैं. बीजिंग और देश के अन्य शहरों के अस्पताल ताज़ा लहर से मुकाबला कर रहे हैं.

वीडियो कैप्शन, चीन की 'ज़ीरो कोविड पॉलिसी' को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं चीन के लोग

शंघाई के स्कूलों को ऑनलाइन करने के निर्देश

इस बीच, चीन के बड़े शहर शंघाई में वहां के प्रशासन ने कोविड के बढ़ते मामलों के बीच अपने अधिकांश स्कूलों को ऑनलाइन क्लास लेने का आदेश दिया है.

शंघाई के शिक्षा ब्यूरो के अनुसार, नर्सरी और चाइल्डकेयर सेंटर भी सोमवार से बंद हो जाएंगे.

चीन की 'ज़ीरो-कोविड' नीति के ख़िलाफ़ हुए ज़ोरदार विरोध प्रदर्शनों के बाद इस महीने की शुरुआत में वहां के अधिकारियों ने प्रतिबंधों में ढील दी थी. हालांकि इस ढील के बाद चीन में कोविड के फैलने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.

शहर के कुछ स्कूलों ने शिक्षकों और कर्मचारियों के बीमार रहने के चलते ऑफ़लाइन क्लासेज़ पहले ही बंद कर दी हैं.

शनिवार को चीन के सोशल मीडिया साइट वीचैट पर पोस्ट किए गए एक बयान में शंघाई के शिक्षा ब्यूरो ने घोषणा की कि प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में सोमवार से अधिकांश क्लासेज़ ऑनलाइन करने की ओर बढ़ेंगे. हालांकि जिन बच्चों के पास चाइल्डकेयर की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है, वे स्कूल जाने के लिए आवेदन कर सकते हैं.

इस बयान में बताया गया है कि शिक्षकों और छात्रों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए मौजूदा उपाय किए जा रहे हैं.

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नए साल की छुट्टियों तक बंद रहेंगे स्कूल

ताज़ा फ़ैसले का मतलब यह है कि शंघाई में स्कूल 17 जनवरी से शुरू हो रही नए साल की छुट्टियों तक बंद रहेंगे.

चीन के कई सोशल मीडिया यूज़र ने सरकार के ताज़ा फ़ैसले से सहमति दिखाते हुए इस क़दम की प्रशंसा की है. इन लोगों का कहना था कि सबसे अच्छी बात यही थी कि छात्र अपने घर पर रहें. वहीं दूसरों ने ऑनलाइन क्लासेज़ के प्रभावी होने और कामकाजी माता-पिता के बढ़े तनावों को लेकर शिकायत की है.

बीबीसी संवाददाता सेलिया हैटन की रिपोर्ट के अनुसार, ज़ीरो-कोविड पॉलिसी छोड़ने के बाद से चीन में नए मामलों का विस्फोट हुआ है. कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में अलग-थलग रह रहे हैं.

चिंता जताई जा रही है कि चीन के स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मरीज़ों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि का सामना करने के लिए तैयार नहीं है. ख़ासकर बुज़ुर्गों के मामले में जिनमें से कइयों का अभी तक पूर्ण टीकाकरण नहीं किया गया है.

देश के कोविड टेस्टिंग और रिपोर्टिंग सिस्टम में हुए अहम बदलावों ने यह जानना मुश्किल बना दिया है कि इस वायरस का फैलाव कितना व्यापक हो गया है.

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संक्रमण कम होने के बाद भी कायम है चिंता

11 दिसंबर को समाप्त सप्ताह के आंकड़े बताते हैं कि सप्ताह भर पहले ही संक्रमण चरम पर पहुंच गए थे. उसके बाद चीन में नए मामलों की आधिकारिक संख्या में गिरावट देखी गई है.

हालांकि डेटा संग्रह में हाल में किए गए बदलाव से पहले कुल मामलों की संख्या अप्रैल में आई पिछली लहर से अधिक थी.

चिंता जताई जा रही है कि कोविड परीक्षण में हाल में की गई कमी के कारण ये संख्याएं हक़ीक़त से कम हैं. रविवार को केवल 2,097 नए मामले ही दर्ज किए.

चीन में अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र और आईसीयू की स्थापना की गई है क्योंकि अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं पर दबाव बढ़ गया है. शंघाई के अस्पतालों में 2.30 लाख अस्थायी बेड बनाए गए हैं.

वीडियो कैप्शन, चीन में बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से वहां के अस्पतालोंं पर पड़ रहा है बोझ

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