एलन मस्क: मंगल ग्रह को उपनिवेश बनाने का सपना देखने वाले ट्विटर में अटके

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- Author, ज़ो क्लेनमैन
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
एलन मस्क को मैं कई सालों से देख रहा हूं. पिछले कुछ महीनों में जब से उन्होंने सोशल मीडिया साइट ट्विटर को ख़रीदने का फ़ैसला किया है, तब से उन्हें कहीं अधिक बारीकी से देखा है.
वे दुनिया के सबसे रईस लोगों में से एक हैं. कुछ दिनों पहले तो वे दुनिया के सबसे अमीर शख़्स थे. उनकी कंपनियां टेस्ला, स्पेस एक्स, स्टारलिंक और न्यूरालिंक दुनिया की हाई-प्रोफाइल कंपनियों में शामिल हैं, जो दुनिया के आकर्षण का विषय हैं.
51 साल के एलन मस्क का जीवन अलहदा है. उनके 10 बच्चे हैं, जिनकी उम्र एक से 18 साल के बीच है. उनके पहले बेटे की मौत जन्म के केवल 10 हफ़्ते में ही हो गई थी.
दक्षिण अफ्रीका में पैदा हुए मस्क को एस्पर्जर सिंड्रोम है, जो ऑटिज़्म का एक प्रकार है. उनका कहना है कि उनकी ज़िंदगी का मुख्य लक्ष्य मंगल ग्रह को उपनिवेश बनाना है.
कई दूसरे लोगों की तरह मैंने भी पाया है कि एलन मस्क के व्यक्तित्व के कई चेहरे हैं.
अपने ढेरों ट्वीट्स के ज़रिए वे जिस व्यक्तित्व को पेश करते हैं, वो उत्तेजक, विवादास्पद और दिखावा करने वाले हैं. वे जानते हैं कि वे जो कुछ भी कहेंगे, वो पूरी दुनिया में सुर्ख़ियां बटोरेगा.
उन्हें मीडिया को अपमानजनक बातों और चुटकुलों से ट्रोल करने में मज़ा आता है. वे कोशिश करते हैं कि हम पत्रकार लोग बड़ी से बड़ी सुर्ख़ियां लिखें.

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सार्वजनिक तौर पर वे शोमैन के रूप में दिखना चाहते हैं. बात चाहे इलेक्ट्रिक-कार बनाने वाले रोबोट के साथ नाचने की हो, या टेस्ला के ताज़ा प्रोटोटाइप के ज़रिए विजेता के तौर पर दिखने की हो या सिंक लेकर ट्विटर के मुख्यालय में प्रवेश करने की हो. सिंक लेकर घुसते समय की फ़ोटो ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा, "लेट दैट सिंक इन."
एक पार्टी में उन्होंने चमड़े से बने 7.5 हज़ार डॉलर की 'डेविल्स चैंपियन' नाम का कवच पहनकर भाग लिया.
मस्क ने अपनी पूर्व पत्नी तल्लुल्लाह रिले से दो बार शादी की. वो एक बार बीबीसी की डॉक्यूमेंटरी सिरीज़ 'द एलन मस्क शो' में मस्क को 'प्यारा' और 'शर्मीला' इंसान क़रार दे चुकी हैं.
मस्क से 5 डॉलर की शर्त
सिलिकॉन वैली के बुज़ुर्ग पत्रकार और लेखक माइक मेलोन, एलन मस्क को 20 सालों से जानते हैं. उन्होंने मुझे बताया कि मस्क 'रिज़र्व, बहुत होशियार, आत्मनिरीक्षण करने वाले और बौद्धिक शख़्स हैं.' उनके अनुसार, वे मंगल ग्रह पर स्पेसक्राफ्ट उतारने से संबंधित जटिल ट्रैजेक्ट्री टेबल पढ़ते हुए फ्लाइट में उनके साथ लंबी उड़ान भर चुके हैं.
इन दोनों के बीच इस बात पर 5 डॉलर की एक शर्त लगी हुई है कि 2030 तक मंगल ग्रह पर लोगों को भेज दिया जाएगा. उन्होंने बताया, "मैंने कहा, मुझे नहीं लगता कि आप इसे कर सकते हैं. लेकिन मैं चाहता हूं कि आप ऐसा करें. मैं चाहता हूं कि 5 डॉलर मुझे आपको देना पड़े.''
माइक मेलोन कहते हैं कि वो बाज़ी अभी भी दांव पर लगी हुई है.

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इंसान को मंगल ग्रह पर भेजना मस्क की ज़िंदगी का सबसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य है.
एलन मस्क का मानना है कि इंसान को कभी पृथ्वी छोड़नी पड़ सकती है. यह बात अंतरिक्ष में उनकी ख़ास रुचि में साफ़तौर पर दिखाई देती है. लेकिन इस मकसद में ट्विटर क्या फिट बैठता है?
एलन मस्क ने उस सवाल का जवाब इस हफ्ते एक ट्वीट में दिया.
उन्होंने लिखा, "सोशल मीडिया ख़ासतौर पर ट्विटर सभ्यता को नष्ट कर रहा था. यदि मंगल के आत्मनिर्भर होने से पहले सभ्यता का पतन हो जाता है, तो कोई बात मायने नहीं रखेगी.''
लेकिन ट्विटर 'सभ्यता का ख़ात्मा' कैसे कर रही है?
मस्क ने कहा कि शुरू में इसे ख़रीदने का मक़सद 21वीं सदी के लिए डिजिटल, वैश्विक मंच बनाना था, जहां लोग समाज के बड़े मसलों पर विचार कर सकें.
ट्विटर के पहले के मैनेजमेंट के बारे में उन्होंने कई बार लिखा कि उसने वामपंथी विचार रखने वालों की तुलना में दक्षिणपंथी विचार रखने वालों को कम महत्व दिया. अपनी बातों को पुख़्ता करने के लिए उन्होंने ट्विटर के कई इंटरनल दस्तावेजों को प्रकाशित किया.
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ट्विटर पर फैली गालियों और ग़लत सूचनाओं को असली मुद्दों से विचलित करने का तरीका भी माना जा सकता है. एलन मस्क इस बात पर चर्चा करना चाहते हैं.
हालांकि ऐसा करने वाले जानते हैं कि फ्री स्पीच की अनुमति देने और आपत्तिजनक कंटेंट को दबाने के बीच संतुलन बनाना बहुत कठिन है.
मस्क के दिमाग़ में शायद ट्विटर और न्यूरालिंक के बीच का कोई कनेक्शन भी है, जो इंसानी दिमाग़ और कंप्यूटर के बीच सीधा संबंध बनाने की कोशिश कर रहा है .
क्या ऐसा हो सकता है कि ट्विटर उनके शोध का एक अनिवार्य हिस्सा हो और उन्होंने 30 करोड़ लोगों का एक ज़िंदा और सांस लेने वाला न्यूरल नेटवर्क खरीदा है?
'ट्विटर की चुनौती बड़ी कठिन'
2013 तक स्पेसएक्स में एलन मस्क के साथ 6 साल तक काम कर चुकीं उद्यमी डॉली सिंह का मानना है कि मेलोन को 5 डॉलर की अपनी बाज़ी हारनी पड़ेगी. उनका कहना है कि एलन मस्क के ख़िलाफ़ दांव लगाना आमतौर पर जोख़िम भरा विचार है.
वे कहती हैं, "मेरा एक नियम होगा कि मैं उनके ख़िलाफ़ कभी शर्त नहीं लगाऊंगी."
हालांकि डॉली सिंह का भी मानना है कि ट्विटर उन्हें एक अलग तरह की चुनौती दे रहा है.
वे कहती हैं, "यह मस्क के अनुमान से कहीं ज़्यादा कठिन साबित होने जा रहा है. इसके लिए उन्हें बहुत काम करना होगा."

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'ट्विटर: एक बेतरतीब प्लेटफार्म'
एलन मस्क ने इंजीनियरिंग और कोड को तरजीह देने पर खुलकर बात की.
पिछले साल वैंकूवर में एक टेक्नोलॉजी, इंटरटेनमेंट, डिजाइन (टेड) सम्मेलन में उन्होंने कहा कि बड़े होने पर उन्हें यह बात समझ में नहीं आई कि लोग वो क्यों नहीं कहते जो वे समझते हैं.
एक टेक्स्ट मैसेज में उन्होंने लिखा, "मैं हार्डकोर प्रोग्रामिंग करने में सक्षम इंजीनियरों को प्रोग्राम मैनेजरों/एमबीए की तुलना में ज़्यादा पसंद करता हूं. मैं साफ कहूं तो मुझे मैनेजमेंट जैसी चीज़ों से नफ़रत है. मुझे नहीं लगता कि किसी को किसी का बॉस होना चाहिए. मुझे तकनीकी/प्रोडक्ट डिज़ाइन, समस्याओं को हल करने में मदद करना अच्छा लगता है."
उनकी समस्या ये है कि ट्विटर ऐसा बेतरतीब प्लेटफॉर्म है, जहां लाखों लोग चिल्लाते, चिढ़ाते, हंसते, ट्रोल और बहस करते हैं.
मस्क इसे मॉडरेट करने की कोशिश में पहले ही संघर्ष कर चुके हैं. डॉली सिंह ये कहने वाली अकेली इंसान नहीं हैं कि इसे चलाना उनकी सोच से कहीं अधिक कठिन साबित होने वाला है.

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'ग़ज़ब के मेहनती'
एक कारोबारी और लीडर के तौर पर वे निर्दयी हो सकते हैं. वैसे कई सीईओ से तुलना करें तो वे उनके जैसे निर्दयी भी नहीं है.
ट्विटर खरीदने के एक सप्ताह के भीतर ही उन्होंने आधे कर्मचारियों की छंटनी कर दी. बाक़ी लोगों से कहा गया कि वे कड़े और देर तक काम करने वाली शर्तों पर दस्तख़त करें.
कोरोना महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के बाद अपनी सभी कंपनियों के कर्मचारियों को दफ़्तर बुलाने वाले वे शुरुआती लोगों में से एक हैं. यह तब की बात है जब उन्होंने ट्विटर नहीं ख़रीदा था.
वे अपने कर्मचारियों से 100 प्रतिशत से कम की प्रतिबद्धता बर्दाश्त नहीं करते हैं.
डॉली सिंह एलन मस्क को एक 'अतुलनीय लीडर' क़रार देते हुए कहती हैं कि वे 'हर किसी को ग़लत साबित करने' के लिए दृढ़ संकल्पित रहते हैं. वे उन्हें किसी और से भी ज़्यादा मेहनती मानती हैं.
वे कहती हैं कि एलन एक ऐसी दुनिया में रहना पसंद करते हैं, जहां हर सप्ताह 80 घंटे काम किया जाए."
डॉली कहती हैं, "उनके लिए कड़ी मेहनत करने की बात कहना ठीक भी है, क्योंकि वे केवल कहते नहीं ऐसा करते भी हैं. वे फैक्ट्री के फर्श पर स्लीपिंग बैग में भी सोते हैं."
वे कहती है कि ज्यादातर लोग थोड़ी देर बाद उब जाते हैं, पर मस्क ऐसा नहीं करते.

उन्होंने ट्विटर के सैन फ्रांसिस्को मुख्यालय में अपने कर्मचारियों के लिए बेड लगाए हैं. हालांकि, समझा जाता है कि वे ख़ुद वहां सो रहे हैं. यहां तक कि उन्होंने कंपनी के पास पहने अपने दो साल के बेटे की एक तस्वीर भी साझा की है.
1990 के दशक में उनके साथ काम कर चुके अन्य लोग भी उनकी असाधारण कार्यशैली को याद करते हैं. एक ने बताया कि शुक्रवार की रात 9 बजे दफ़्तर में किसी को न पाकर वे नाराज़ हो गए थे.
डॉली सिंह कहती हैं कि वक़्त एलन मस्क की सबसे क़ीमती चीज़ है. वे कहती हैं, "सोचिए कि प्रति सेकंड इसकी क्या क़ीमत है."
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