बिलावल भुट्टो ने की मोदी पर विवादित टिप्पणी, तो भारत ने दिया ये जवाब

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पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो के भारत के प्रधानमंत्री को लेकर दिए विवादित बयान के बाद दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.
बिलावल भुट्टो के बयान का भारत में कड़ा विरोध हो रहा है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसका जवाब देते हुए कहा था कि पाकिस्तान के हिसाब से भी यह बयान काफ़ी निचले स्तर का है. पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के प्रति रवैये में कोई ख़ास बदलाव नहीं आया है.
अब पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के बयान पर अपना जवाब दिया है.
पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत अपने बयानों से 2002 के गुजरात दंगों की असलियत को छुपाना चाहता है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा ''अपने इस बयान से भारत सरकार 2002 के गुजरात नरसंहार की असलियत को छल-कपट के पीछे छुपाने की कोशिश की है. ये जनसंहार, लिंचिंग, रेप और लूट की शर्मनाक कहानी है. सच ये है कि गुजरात नरसंहार के मास्टरमाइंड को सज़ा नहीं मिली और अब वो भारत में प्रमुख पद पर हैं.''
''कोई भी शब्दाडंबर भारत में ''भगवा आतंकवाद'' के अपराधों को छुपा नहीं सकता. सत्ताधारी पार्टी की राजनीतिक विचारधारा हिंदुत्व ने नफ़रत, अलगाव और सज़ा से बचाव के माहौल को जन्म दिया है.''
विदेश मंत्रालय ने कहा, ''भारत की हिंदुत्व आधारित राजनीति में सज़ा से बचाव की संस्कृति गहराई से जुड़ी हुई है. दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस पर हुए घिनौने हमले के दोषी और मास्टरमाइड को छोड़ दिया गया. इस हमले में भारत की ज़मीन पर 40 पाकिस्तानी मारे गए थे. ये आरएसएस-बीजेपी के तहत न्याय के नरसंहार को दिखाता है.''
''जैसे कि भारत पीड़ित होने का झूठ रचता है लेकिन वो खुद भारत के अवैध रूप से कब्ज़े वाले जम्मू और कश्मीर में दमन का अपराधी है. वो खुद दक्षिण एशिया में आतंकी समूहों का प्रायोजक और फाइनेंसर है.''

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बिलावल भुट्टो ने क्या कहा था
पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने कहा था, "ओसामा बिन लादेन मर चुका है पर 'बुचर ऑफ़ गुजरात' ज़िंदा है. और वो भारत का प्रधानमंत्री है. जब तक वो प्रधानमंत्री नहीं बना था तब तक उसके अमेरिका आने पर पाबंदी थी."
बिलावल भुट्टो की इस टिप्पणी का भारत में काफी विरोध हो रहा है. बीजेपी ने इसके ख़िलाफ़ पाकिस्तानी दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन करने का फ़ैसला किया है.
भारत की विदेश राज्य मंत्री और नई दिल्ली से सांसद मीनाक्षी लेखी ने भुट्टो के बयान के जवाब में कहा, "आमतौर पर विदेश मंत्री ऐसी बात नहीं करते. ये वही हैं जिन्होंने बलूचिस्तान में लोगों को 'बुचर' किया है. जिन्होंने कश्मीर में लोगों को मारा है. ये पंजाब के भी बुचर हैं और कराची के भी."
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, "ये आज के दिन भारत से पाकिस्तान को बांग्लादेश में मिली हार की दर्द भी हो सकता है. बांग्लादेश में 16 दिसंबर 1971 को मिली हार के बाद उनकी (बिलावल भुट्टो की) दादी खूब रोई थीं. इसके बावजूद पाकिस्तान आतंकवादियों की हिफ़ाज़त करने की कोशिश करता है. जम्मू-कश्मीर या देश के अन्य हिस्सों में ये बाद किसी से छिपी नहीं है."
इस बयान पर बीजेपी के विदेश मामलों के प्रमुख विजय चौथाईवाले ने बिलावल भुट्टो को पाकिस्तान का पप्पु बताया है. बिलावल भुट्टो के विवादित बयान का भारत के विदेश मंत्रालय ने विस्तार से जवाब दिया है.

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भारत का जवाब

एक स्टेटमेंट जारी करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा -
- पाकिस्तान के हिसाब से भी यह बयान काफ़ी निचले स्तर का है. पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के प्रति रवैये में कोई ख़ास बदलाव नहीं आया है. उसे भारत पर लांछन लगाने का कोई अधिकारनहीं है.
- आतंकवाद को वित्तीय सहायता देने, पनाह देने और उसे स्पांसर करने में पाकिस्तान की निर्विवादित भूमिका हमेशा चर्चा में रही है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री के असभ्य बोल, उस देश के आतंकवाद को एक प्रॉक्सी के रूप में इस्तेमाल करने की विफ़लता का परिणाम है.
- न्यूयॉर्क, मुबंई, पुलवामा, पठानकोट और लंदन जैसे कई शहर पाकिस्तान पोषित आतंकवाद के गवाह हैं. ये आंतक उनके स्पेशल टेरोरिस्ट ज़ोन से दुनिया भर को निर्यात होता है. 'मेक इन पाकिस्तान' आतंकवाद को रोकना होगा.
- पाकिस्तान ओसामा बिन-लादेन को शहीद के रूप में महिमामंडित करता है और वो लखवी, हाफ़िज़ सईद, मसूद अज़हर, साजिद मीर और दाऊद इब्राहिम को पनाह देता है. दुनिया के किसी और देश में संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित 126 में से 27 आतंकवादी नहीं रहते.
- हम चाहते थे कि पाकिस्तान के विदेशमंत्री कल मुंबई हमलों की चश्मदीद अंजलि कुल्थे के सयुंक्त राष्ट्र में बयान को ध्यान से सुनते. अंजलि ने पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब से 20 गर्भवती महिलाओं की जान बचाई थी.
- पाकिस्तानी विदेश मंत्री का अधिक ध्यान अपने देश में आतंकवाद के मास्टर माइंड्स की तरफ़ होना चाहिए. पाकिस्तान में आतंकवाद को राज्य की पॉलिसी के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है. पाकिस्तान को अपना दृष्टिकोण बदलने की ज़रूरत है.

उधर बीजेपी की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने सोशल मीडिया पर लिखा, "युवा मोर्चा ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो की प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ अरुचिकर और घटिया टिप्पणी की कड़ी निंदा की. जिस देश का एकमात्र निर्यात आतंकवाद है, उससे इससे बेहतर कुछ भी उम्मीद नहीं की जा सकती."
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बिलावल भुट्टो से पहले पाकिस्तान विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी ख़ार ने पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहराया था.
पाकिस्तान के विदेश सचिव असद मजीद ख़ान ने इस्लामाबाद में विदेशी राजनयिकों को एक डोज़ियर भी सौंपा था, जिसमें उनके देश में आतंकवादी हमले में भारत की कथित भूमिका का ज़िक्र था.
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कश्मीर का ज़िक्र और आतंकवादी घटनाओं के लिए भारत के ज़िम्मेदार ठहराए जाने के बाद इस विवाद में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मोर्चा संभाला.
जयशंकर ने कहा, "जो देश अल-क़ायदा के सरगना ओसामा बिन-लादेन का मेज़बान हो सकता है और अपने पड़ोसी देश की संसद पर हमला करवा सकता है, उसे यूएन में 'उपदेशक' बनने की कोई ज़रूरत नहीं है."
- ये भी पढ़ें- एस जयशंकर के सामने बिलावल भुट्टो कहाँ टिकते हैं?
पाकिस्तान आतंकवाद का 'एपिसेंटर' : जयशंकर

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जयशंकर ने 26-28 नवंबर, 2008 को हुए आतंकवादी हमलों के दौरान मुंबई की नर्स अंजलि कुलथे के 20 गर्भवती महिलाओं को बचाने का ज़िक्र भी किया.
इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री ने सुरक्षा परिषद को बताया कि मुंबई में 26/11 के हमलों के शिकार लोगों को न्याय मिलना अब भी बाकी है.
एक दिन पहले भारतीय नर्स अंजलि कुल्थे ने परिषद के सामने 26/11 की रात को 20 गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बचाने की घटना का ज़िक्र किया था.
उन्होंने कहा था, "मेरी वर्दी ने मुझे साहस दिया और नर्सिंग के प्रति मेरे जुनून ने मुझे विचारों को स्पष्टता दी."
जयशंकर ने 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले को लेकर कहा, "आज से 18 साल पहले 13 दिसंबर को पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद ने दिल्ली में संसद परिसर पर हमला किया था. आतंकियों ने यहां खुलेआम फ़ायरिंग की थी, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी.
जयशंकर ने पिछले 24 घंटे में आतंकवाद के सवाल पर पाकिस्तान पर दो बार ज़वाबी हमला किया है. उन्होंने कहा कि दुनिया पाकिस्तान को आतंकवाद के 'एपिसेंटर' के तौर पर देखती है.
सबको मालूम है कहां से पनपता है आतंकवाद
हिना रब्बानी ख़ार ने बुधवार को इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था दुनियाभर में किसी देश ने भारत से बेहतर आतंकवाद का इस्तेमाल नहीं किया है.
इसी बयान पर पलटवार करते हुए एस जयशंकर ने कहा "मुझे पता है कि हम बीते ढाई साल कोविड से जूझ रहे हैं. इसकी वजह से हममें से ज़्यादातर लोग ब्रेन फ़ॉग से जूझ रहे हैं. लेकिन मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि दुनिया ये नहीं भूली है कि आतंकवाद कहां जन्म लेता है, और इस क्षेत्र (दक्षिण एशिया) और इससे परे सामने आने वाली आंतकी गतिविधियों पर किसकी उंगलियों के निशान हैं."
उन्होंने कहा, "मैं ये कहूंगा कि आदतन इस तरह की फंतासी भरी कहानियों में उलझने से पहले उन्हें खुद को इस बात का इल्म करना चाहिए."
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हिना रब्बानी ख़ार को हिलेरी क्लिंटन का बयान क्यों याद दिलाया?
ये कहने के साथ ही जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री रहीं हिलेरी क्लिंटन का चर्चित बयान याद दिलाया जो उन्होंने साल 2011 में पाकिस्तान में दिया था.
उन्होंने कहा, "मैंने हिना रब्बानी ख़ार के बयान से जुड़ी रिपोर्ट्स पढ़ी हैं. और मुझे एक दशक पुरानी बात याद आ गई. हिलेरी क्लिंटन जब पाकिस्तान के दौरे पर आई थीं, हिना रब्बानी ख़ार उस समय मंत्री थीं."
"और हिलेरी क्लिंटन ने उनके बगल में खड़े होकर कहा था- 'अगर आप अपने घर में सांप पाल रहे हैं तो आप ये उम्मीद नहीं कर सकते कि वे सिर्फ़ आपके पड़ोसियों को ही काटेंगे, आख़िरकार वे उन लोगों को काटेंगे जो उन्हें घर में रखते हैं.' लेकिन आप सभी जानते हैं कि पाकिस्तान सलाह लेने के मामले में अच्छा नहीं है. आप देखिए कि वहां क्या हो रहा है. ऐसे में पाकिस्तान को सबसे पहले अपने काम सुधारकर एक अच्छा पड़ोसी बनना चाहिए."
- ये भी पढ़ें- जयशंकर ने पाकिस्तान को किस ‘आईटी’ का एक्सपर्ट बताया
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हिन्ना रब्बानी ख़ार ने भारत पर क्या आरोप लगाए थे?
हिन्ना रब्बानी ख़ार ने बुधवार को इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "भारत से बेहतर किसी और देश ने आतंकवाद का इस्तेमाल नहीं किया है."
पाकिस्तानी अख़बार डॉन की एक ख़बर के मुताबिक़ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह किस्तान को अस्थिर करने में भारत की कोशिश का नोटिस ले. उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस गृह मंत्री राना सनाउल्ला के उस बयान के बाद एक दिन बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि जमात उद-दावा के चीफ़ हाफ़िज़ सईद के लाहौर स्थित घर में भारत ने विस्फोट कराया था. जिसमें चार लोगों की जान चली गई.
ख़ार ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा था कि आतंकवाद को पनाह देने वाले ख़ुद को इसका शिकार बताते हैं.
उन्होंने कहा, "भारत लगातार एक उत्पाती देश की तरह ऑपरेट कर रहा है. ये देश लगातार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अस्तित्व को नकारता आ रहा है. ये दिखाता है इस देश की मानसिकता कैसी है."
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जब जयशंकर ने पाकिस्तानी पत्रकार को दिया जवाब
एस जयशंकर ने आतंकवाद से जुड़े एक सवाल पर एक पाकिस्तानी पत्रकार को भी कड़ा जवाब दिया. संयुक्त राष्ट्र में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जयशंकर से एक पाकिस्तानी पत्रकार ने सवाल किया- "दक्षिण एशिया को कब तक आतंकवाद का दंश झेलना पड़ेगा जो नई दिल्ली, काबुल और पाकिस्तान से फैल रहा है?"
इस पर जयशंकर ने पाकिस्तानी पत्रकार से कहा कि आतंकवाद के सवाल पर उन्हें पाकिस्तान के मंत्री से सवाल करना चाहिए न कि भारत के मंत्री से.
उन्होंने कहा, "आपको पता होना चाहिए कि आप ग़लत मंत्री से सवाल कर रहे हैं. आपको पाकिस्तान के मंत्री से यह पूछना चाहिए क्योंकि वही बता सकते हैं कि पाकिस्तान कब तक आतंकवाद का सहारा लेता रहेगा. आख़िरकार दुनिया मूर्ख नहीं है."
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