पाकिस्तान को भारत का यूएन में 'करारा जवाब' जिसकी हो रही चर्चा

संयुक्त सचिव श्रीनिवास गोत्रू

इमेज स्रोत, India at UN

इमेज कैप्शन, संयुक्त सचिव श्रीनिवास गोत्रू
लाइन

मुख्य तथ्य

  • भारत ने राइट टू रिप्लाई अधिकार का इस्तेमाल करके कहा- पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का सबसे ज़्यादा हनन होता है.
  • भारत ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, पाकिस्तान को सीमा-पार आतंकवाद बंद कर देना चाहिए.
  • पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा- बाढ़ के संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की भारत ने नहीं की मदद.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी का न्यूयॉर्क में द काउंसिल ऑफ फॉरन रिलेशंस के संबोधन का जवाब देते हुए भारत ने जमकर पाकिस्तान पर निशाना साधा है.

भारत ने कहा कि पाकिस्तान में मानवाधिकार का बड़े पैमाने पर उल्लंघन होता है और ऐसे में उसका अल्पसंख्यकों के अधिकारों के बारे में बात करना विडंबना से कम नहीं.

बुधवार को भारत ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी के दिए भाषण पर 'राइट टू रिप्लाई' अधिकार का इस्तेमाल करते हुए ये बयान दिया.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के संयुक्त सचिव श्रीनिवास गोत्रू ने अल्पसंख्यकों से जुड़ी एक उच्च-स्तरीय बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा, "ये एक विडंबना है कि पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात कर रहा है जबकि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का गंभीर रूप से उल्लंघन हो रहा है. पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समाज से आने वाली लड़कियों को अगवा करके जबरन उनसे शादी की जाती है, उनका धर्म-परिवर्तन कराया जाता है. ऐसे में पाकिस्तान को अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात करते हुए देखना ख़ुद में रोचक बात है."

सीधे तौर पर पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए संयुक्त सचिव ने कहा कि ''मैं अपना जवाब एक प्रतिनिधिमंडल को दे रहा हूं जिसने हमारे देश के ख़िलाफ़ आरोप लगाने के लिए इस मंच का इस्तेमाल किया है.''

India at UN
India at UN
ये एक विडंबना है कि पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात कर रहा है जबकि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का गंभीर रूप से उल्लंघन हो रहा है.
श्रीनिवास गोत्रू
यून में भारत के संयुक्त सचिव

यूएन में बिलावल भुट्टो ने क्या कहा?

सोमवार को बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने 77वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा था कि दुनिया में इस्लामोफ़ोबिया बढ़ता जा रहा है और इस्लामोफ़ोबिया की सबसे बड़ी अभिव्यक्ति हिंदुत्व के विचार से प्रभावित भारत से हो रही है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि ''मैं इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी से अपील करता हूं कि वह दुनियाभर में बढ़ते इस्लामोफ़ोबिया को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा से विशेष प्रतिनिधि नियुक्त करने को कहे.''

उन्होंने कहा, "आज सबसे बुरे इस्लामोफ़ोबिया की अभिव्यक्ति हिंदुत्व प्रभावित भारत में हैं. जो मुसलमानों से नफ़रत की विचारधारा पर आधारित है. ये आरएसएस-बीजेपी की दशकों पुरानी योजना है जिसके तहत वो भारत की पुरानी इस्लामिक धरोहर को ख़त्म करना चाहते हैं."

इसके जवाब में बुधवार को भारत ने कहा, "पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के अधिकार की बात कर रहा है ये विडंबना से कम नहीं है. एक देश जिसने अपना डेटा ही जारी करना बंद कर दिया ताकि वह अपने शर्मनाक रिकॉर्ड को छुपा सके. ये देखना भी दिलचस्प ही है कि पाकिस्तान अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात कर रहा है जिसका ख़ुद का अल्पसंख्यकों के अधिकारों को हनन का लंबा इतिहास है. हम सबको पता है कि पाकिस्तान अपने अल्पसंख्यकों के साथ किस तरह का व्यवहार करता है और वहां कई अल्पसंख्यक समुदाय ख़त्म होने की कागार पर हैं. आज भी पाकिस्तान में हिंदू, सिख और ईसाइयों के अधिकारों का हनन हो रहा है."

छोड़िए X पोस्ट
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर दोहराया है कि 'जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, पाकिस्तान को सीमा-पार आतंकवाद बंद कर देना चाहिए.'

बाढ़ संकट में भारत ने मदद नहीं की- बिलावल

बुधवार को बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने कहा कि देश में आई भयंकर बाढ़ के कारण पैदा हुए संकट में भारत की ओर से मदद नहीं मिली.

न्यूयॉर्क में फ़्रांस 24 को दिए गए एक साक्षात्कार में बिलावल भुट्टो ने भारत के साथ पाकिस्तान के वर्तमान रिश्ते को लेकर कहा, "दोनों देशों के रिश्ते का लंबा और जटिल इतिहास है. दुर्भाग्य से आज का भारत बदल चुका है. ये वो सेक्युलर भारत नहीं जिसका वादा इस देश के संस्थापकों ने भारतीयों से किया था."

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी

इमेज स्रोत, Getty Images

"भारत अपने मुसलमानों और ईसाइयों की क़ीमत चुका कर तेज़ी से हिंदू-वर्चस्ववादी देश बन रहा है. ये सिर्फ़ भारत में ही नहीं हो रहा बल्कि भारत के क़ब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर में भी हो रहा है."

अगस्त 2019 में भारत सरकार की ओर से जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को फै़सले पर बिलावल भुट्टो ने कहा, ''भारत ने कुछ ऐसे क़दम उठाए हैं जिससे उसके साथ हमारी बातचीत का उपयुक्त माहौल नहीं रहा.''

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प को ख़ारिज करते हुए विवादित क्षेत्र की सीमा में बदलाव करने के कारण भारत के साथ बातचीत करने की गुजांइश बेहद कम हो चुकी है.

बिलावल भुट्टो ने इस इंटरव्यू में कहा, "भारत की नीति पूरी तरह से एक नस्लवादी, फ़ासीवादी और इस्लामोफ़ोबिक नीति है. इस पर न केवल कश्मीर में बल्कि पूरे भारत में प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है."

Getty Images
आज सबसे बुरे इस्लामोफ़ोबिया की अभिव्यक्ति भारत में हो रही हैं. ये आरएसएस-बीजेपी की दशकों पुरानी योजना है जिसके तहत वो भारत की पुरानी इस्लामिक धरोहर को खत्म करना चाहते हैं.
बिलावल भुट्टो ज़रदारी
पाकिस्तान के विदेश मंत्री

पाकिस्तान में भीषण बाढ़ के कारण पैदा हुए संकट पर बिलावल भुट्टो ने कहा कि देश अभी भी आपदा से जूझ रहा है.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ''पड़ोसी मुल्क ने बाढ़ संकट में पाकिस्तान की मदद नहीं की हालांकि पाकिस्तान ने ख़ुद से मदद मांगी भी नहीं. ''

स्नेहा दुबे

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, भारतीय राजनयिक स्नेहा दुबे

जब राजनयिक स्नेहा दुबे ने इमरान ख़ान को दिया था जवाब

संयुक्त राष्ट्र की 76वीं आम सभा को संबोधित करते हुए बीते साल भारत की संयुक्त राष्ट्र में प्रथम सचिव ने पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के आरोपों का जवाब दिया था.

उनके जवाब का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.

दरअसल, इमरान ख़ान ने कश्मीर में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन और बीजेपी सरकार पर मुस्लिमों के ख़िलाफ़ डर का माहौल पैदा करने का आरोप लगाया था. उन्होंने इस्लामोफ़ोबिया का भी ज़िक्र किया था और संयुक्त राष्ट्र से इस पर बैठक बुलाने की मांग की थी.

इसके जवाब में स्नेहा दुबे ने यूएन में कहा था कि ''पाकिस्तान वो मुल्क है जहाँ आतंकवादी स्वतंत्र रहते हैं. पाकिस्तान वो मुल्क है जो अपने पड़ोसियों को परेशान करने के लिए पीछे से आतंकवाद प्रायोजित करता रहा है.''

भारत की युवा राजनयिक स्नेहा दुबे ने सख़्त लहजे में पाकिस्तान को जवाब दिया था और कहा था कि ''पाकिस्तान वास्तव में आग लगाने वाला है, लेकिन वो ख़ुद को अग्निशामक के रूप में देखता है.''

ये भी पढ़ें:-

(कॉपी- कीर्ति दुबे)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)