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रूस को सैन्य मदद पर उलझे चीन-अमेरिका, मॉस्को ने दिया ये जवाब
रूस के चीन से सैन्य मदद मांगने की रिपोर्टों के बीच अमेरिका और चीन आपस में उलझ गए हैं. हालाँकि, रूस ने कहा है कि उसने चीन से कोई सैन्य मदद नहीं मांगी और यूक्रेन में अभियान चलाने के लिए वो ख़ुद सक्षम है.
लेकिन रूस का पक्ष सामने आने से पहले ही अमेरिका और चीन के बीच इस मसले पर बयानबाज़ी शुरू हो गई.
जहां अमेरिका ने यूक्रेन-रूस युद्ध में रूस की मदद को लेकर चीन को कड़ी चेतावनी दी है वहीं, ग्लोबल टाइम्स के पूर्व संपादक ने अमेरिका को ही सलाह दे डाली है.
फाइनेंशियल टाइम्स और न्यूयॉर्क टाइम्स में रिपोर्ट थी कि रूस ने चीन से सैन्य और आर्थिक मदद की मांग की है.
रूस चाहता है कि चीन उसे यूक्रेन में सैन्य सामान की आपूर्ति करे.
रिपोर्ट में ये भी अनुमान लगाया गया था कि चीन इस मामले में रूस की मदद कर सकता है.
लेकिन, अमेरिका ने रूस की मदद करने को लेकर चीन को चेतावनी दी है. चीन की तरफ़ से भी इस मामले पर जवाब आया है.
क्या है मामला
फाइनेंशियल टाइम्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से लिखा था कि रूस हमले की शुरुआत से ही चीन के उपकरणों के लिए अनुरोध कर रहा था.
हालांकि, अधिकारी ने ये नहीं बताया कि रूस किस तरह के उपकरणों की मांग कर रहा था.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि रूस उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने के लिए आर्थिक सहायता की मांग कर रहा है.
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं. रूस को इसका बड़ा आर्थिक नुक़सान उठाना पड़ रहा है.
वहीं, रूस और चीन के रिश्ते पिछले कुछ सालों में बेहतर हुए हैं. दोनों ही देश पश्चिमी देशों पर उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाते आए हैं.
रूस और यूक्रेन के मामले में भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में चीन रूस के ख़िलाफ़ प्रस्ताव पर वोटिंग से गैरहाज़िर रहा था.
रूसी हमले को लेकर चीन ने अब तक खुद को तटस्थ दिखाने की कोशिश की है और हमले की निंदा नहीं की है.
अमेरिका की चेतावनी
अमेरिका ने चीन को रूस की मदद करने को लेकर आगाह किया है. अमेरिका ने कहा कि चीन अगर यूक्रेन पर हमले में रूस की मदद करता है तो उसके बुरे ''परिणाम'' भुगतने होंगे.
सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन शीर्ष चीनी विदेश नीति अधिकारी यांग जीएशे के साथ रोम में मुलाक़ात कर सकते हैं.
एनबीसी से रविवार को बात करते हुए सुलिवन ने कहा कि अमेरिका ये सुनिश्चित करेगा कि रूस के आर्थिक नुक़सानों की भरपाई चीन या कोई और देश ना करे.
चीन का जवाब
चीन ने आधिकारिक तौर पर इस मामले में साफ़तौर पर कुछ नहीं कहा है लेकिन ग्लोबल टाइम्स के पूर्व संपादक ने अमेरिका को ही सलाह दे डाली है.
चीन से रूस को सैन्य मदद मिलने की रिपोर्ट्स पर अमेरिका में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा था कि चीन का मकसद यूक्रेन में युद्ध को 'बेकाबू होने से रोकना है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने प्रवक्ता लियू पेंग्यू के वाले से लिखा है कि 'यूक्रेन की स्थिति वाकई चिंताजनक है. अभी सबसे बड़ी प्राथमिकता तनावपूर्ण स्थिति को और बिगड़ने से रोकना या अनियंत्रित होने से रोकना है.''
चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स के पूर्व संपादक हु शीजिन ने फ़ाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट को ट्वीट करते हुए लिखा, ''मुझे लगता है कि चीन और अमेरिका को एक सहमति पर पहुंचना चाहिए कि सभी देश को रूस-यूक्रेन संकट में किसी भी पक्ष को सैन्य सहायता नहीं देनी चाहिए. उन्हें केवल मानवीय मदद की अनुमति हो.''
रूसी हमले के बाद अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश लगातार यूक्रेन को सैन्य मदद दे रहे हैं. यूक्रेन को हथियार और अन्य सैन्य उपकरण मुहैया कराए जा रहे हैं.
वही, यूक्रेन में 19वें दिन भी युद्ध जारी है. रूस यूक्रेन के कई इलाक़ों पर कब्ज़ा कर चुका है और राजधानी कीएव में भी लड़ाई चल रही है.
इसी बीच दोनों देशों में बातचीत भी जारी है. रूस और यूक्रेन में सोमवार को फिर से वार्ता होगी.
रूस की तरफ़ से दिमित्री पेसकोव और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रेस सचिव ने कहा कि ये वार्ता वीडियो कॉन्फ़्रेंस के ज़रिए होगी.
रूस ने क्या कहा
रूस ने कहा है कि उसने यूक्रेन पर हमले के दौरान चीन से कोई सैन्य मदद नहीं मांगी थी.रूस का कहना है कि वह ''अकेले ही यूक्रेन में अपना विशेष सैन्य ऑपरेशन चलाने की क्षमता'' रखता है. रूस यूक्रेन पर हमले को 'विशेष सैन्य ऑपरेशन' कहता है.रूसी प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने चीन से मदद मांगने के सवाल पर सफाई देते हुए यह भी कहा कि यूक्रेन में चलाया जा रहा रूस का विशेष सैन्य अभियान पूरी तरह सफल रहेगा. 'यह पूरी तरह मूल निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक ही चल रहा है.'समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक रूस ने कहा है कि उसने अमेरिका और यूरोपीय यूनियन की ओर से यूक्रेन के सैन्य ऑपरेशन को पुतिन की योजना के मुताबिक न चलने संबंधी टिप्पणियों पर भी गौर किया है.
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