You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
बलूचिस्तान में चरमपंथी हमला, सात पाक सैनिक और 15 हमलावर मारे गए
- Author, मोहम्मद काज़िम
- पदनाम, बीबीसी उर्दू, क्वेटा, पाकिस्तान
पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख़ रशीद ने बलूचिस्तान प्रांत के दो अलग-अलग क्षेत्रों नोशकी और पंजगुर में एफ़सी (फ्रंटियर कोर) मुख्यालय पर चरमपंथी हमले में अब तक एक अफसर समेत सात सैनिकों की मौत की पुष्टि की है.
उनका कहना है कि पंजगुर में अभी भी ऑपरेशन चल रहा है और कुछ हमलावरों को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है.
गृह मंत्री ने एक वीडियो बयान में कहा कि हमलावरों ने बुधवार देर रात नोशकी और पंजगुर में एक बड़ा हमला किया, जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया.
उन्होंने दावा किया, "नोशकी में नौ आतंकवादी मारे गए हैं, जबकि सेना के चार जवान शहीद हुए हैं और पंजगुर में छह आतंकवादी मारे गए हैं."
शेख़ रशीद के मुताबिक़, पंजगुर और नोशकी दोनों जगहों से चरमपंथियों को खदेड़ दिया गया और सेना ने अपनी परंपराओं को जिंदा रखा.
"पंजगुर में सुरक्षाबलों ने कम से कम चार या पांच आतंकवादियों की घेराबंदी कर ली है, जिन पर सेना क़ाबू पा लेगी."
दूसरी तरफ़, प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा, "हम अपने बहादुर सैनिकों को सलाम करते हैं जिन्होंने बलूचिस्तान, पंजगुर और नोशकी में सैन्य ठिकानों पर आतंकवादी हमलों को नाकाम कर दिया है."
प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि पूरा देश अपनी सेना के पीछे एकजुट हो कर खड़ा है, जो हमारी सुरक्षा और रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दे रहे हैं.
ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान सेना के जनसंपर्क विभाग की तरफ़ से बुधवार रात जारी किए गए एक बयान में कहा गया था, "पंजगुर में आतंकवादियों ने दो जगहों से एफ़सी कार्यालय में घुसने की कोशिश की, लेकिन समय पर कार्रवाई से उन्हें नाकाम कर दिया गया."
हमलों की ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की तरफ़ से जारी किए गए बयान के अनुसार, संगठन के मजीद ब्रिगेड ने दावा किया है कि पंजगुर और नोशकी में ऑपरेशन जारी है, जिसमें उनके दो हमलावर मारे गए.
पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख़ रशीद ने हमलों की निंदा करते हुए कहा, "पाकिस्तान के सुरक्षा बल किसी भी तरह के आतंकवाद का मुक़ाबला करने में पूरी तरह सक्षम हैं. गृह मंत्री ने आगे कहा कि आतंकवाद के ख़ात्मे के लिए सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प और साहस को तोड़ा नहीं जा सकता और आतंकवादी अपने मक़सद में कभी सफल नहीं हो सकते."
बलूचिस्तान के गृह मंत्री मीर ज़ियाउल्लाह लांगो ने बुधवार रात बीबीसी को बताया कि पंजगुर में फ़्रंटियर कोर कैंप के पास विस्फ़ोट हुआ था, जिसमें छह कर्मी घायल हो गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि नोशकी में विस्फ़ोट के बाद, ऑपरेशन क्लीन अप जारी है, ऑपरेशन के पूरा होने के बाद ही जानी नुकसान के बारे में बताया जा सकता है.
मीर ज़ियाउल्लाह ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए कहा, "हमारे सुरक्षा बलों के जवान आतंकवाद के ख़िलाफ़ मज़बूती से खड़े हैं और आतंकवादियों के सभी इरादों को नाकाम कर दिया जाएगा."
कैप्शन-नोशकी में एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि विस्फ़ोट इतना ज़ोरदार था कि इसने आसपास के पुलिस थानों, सिविल अस्पताल और डिप्टी कमिश्नर के ऑफ़िस को हिलाकर रख दिया.
याद रहे कि कुछ दिन पहले बलूचिस्तान के इलाक़े केच में 25 से 26 जनवरी की दरमियानी रात को हुए चरमपंथी हमले में सेना के 10 जवानों की मौत हो गई थी.
आईएसपीआर ने हमले के दो दिन बाद अपने एक बयान में पुष्टि करते हुए बताया, "पाकिस्तान सेना के 10 जवान शहीद हुए हैं, जबकि जवाबी कार्रवाई में एक आतंकवादी मारा गया है."
प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन फ़्रंट ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी.
चश्मदीदों ने क्या देखा?
नोशकी में एफ़सी के एक अधिकारी ने बीबीसी की फ़रहत जावेद को बताया, "आतंकवादी कैंप के अंदर दाख़िल नहीं हो सके और गेट पर मौजूद गार्डों ने कई हमलावरों को मार गिराया था, जिनके शव एफ़सी गेट पर बिखरे पड़े हैं."
नोशकी में एक पुलिस अधिकारी ने फ़ोन पर बीबीसी को बताया कि कली शरीफ़ ख़ान रोड की तरफ़ से फ़्रंटियर कोर के मैन गेट पर एक ज़ोरदार धमाके की आवाज़ सुनाई दी थी.
उन्होंने कहा कि धमाका इतना ज़ोरदार था कि इसने पास के पुलिस स्टेशन, सिविल अस्पताल और डिप्टी कमिश्नर के ऑफ़िस की बिल्डिंग को हिलाकर रख दिया था.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फ़ोट के बाद भारी गोलीबारी का सिलसिला शुरू हो गया, जो काफी देर तक चलता रहा.
उन्होंने कहा कि एफ़सी मुख्यालय से भी फ़ायरिंग की आवाज़ें आने लगीं और ऐसा लगा कि ज़ोरदार धमाका होने के बाद एफ़सी मुख्यालय पर कोई हमला हुआ है या एफ़सी कर्मियों ने आत्मरक्षा में फ़ायरिंग शुरू कर दी है.
कैप्शन-नोशकी में इस तरह की यह पहली घटना बताई जा रही है
नोशकी में चश्मदीदों के अनुसार, बड़े धमाके के बाद, उन्होंने एफ़सी मुख्यालय के अंदर एक छोटे धमाके की भी आवाज़ सुनी और इसके साथ ही भारी गोलीबारी का सिलसिला शुरू हो गया जो काफी देर तक चलता रहा.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ एफ़सी मुख्यालय के अंदर से फ़ायरिंग की आवाज़ें आती रहीं.
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि विस्फ़ोटों और गोलीबारी से एफ़सी मुख्यालय के आसपास के इलाक़े में दहशत फैल गई, जबकि विस्फ़ोट के बाद शहर में सभी दुकानें और व्यापारिक केंद्र बंद हो गए हैं.
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने बम धमाके और गोलीबारी के कुछ घंटों बाद शहर के ऊपर दो हेलीकाप्टरों को भी उड़ते देखा.
एफ़सी मुख्यालय में धमाके के बाद जिला मुख्यालय अस्पताल और डिप्टी कमिश्नर ऑफ़िस से, जो तस्वीरें सोशल मीडिया के ज़रिये सामने आई हैं उससे पता चलता है कि विस्फ़ोट से आसपास के कार्यालयों और घरों को नुक़सान पहुंचा है.
नोशकी और पंजगुर कहां स्थित हैं?
नोशकी क्वेटा शहर से लगभग 150 किलोमीटर दूर पश्चिम में स्थित है और नोशकी जिले की सीमा उत्तर में अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगती है.
नोशकी में पहले भी सुरक्षाबलों पर बम विस्फ़ोट और हमले की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन मंगलवार की रात को जो घटना घटी है वो नोशकी शहर के इतिहास में अपनी तरह की पहली घटना है.
दूसरी ओर, पंजगुर, प्रांत के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित है, जहां से ईरान की सीमा सौ किलोमीटर से भी कम फ़ासले पर है, जबकि यह प्रांतीय राजधानी क्वेटा से पांच सौ किलोमीटर दूर है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)