इमरान पर बलूचिस्तान को लेकर बरसे बिलावल- पाँच बड़ी ख़बरें

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने रविवार को चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर यानी सीपीईसी को लेकर इमरान ख़ान की सरकार पर निशाना साधा है.

भुट्टो ने कहा कि सीपीईसी के फ़ायदे से बलूचिस्तान के लोगों को महरूम कर दिया दिया गया है क्योंकि इस प्रोजेक्ट का रूट बदल दिया गया है.

ज़रदारी ने कहा, ''हमने सीपीईसी जैसी क्रांतिकारी योजना को ज़मीन पर उतारा. यह बलूचिस्तान के लोगों के लिए था. ख़ासकर ग्वादर के लोगों के लिए. हमने सोचा था कि इससे नौकरियां पैदा होंगी और अर्थव्यवस्था को फ़ायदा मिलेगा. लेकिन दुर्भाग्य से इसका रूट बदल दिया गया. हम चाहते थे कि इसका फ़ायदा हाशिए पर खड़े लोगों को मिले. इसके रूट की शुरुआत फाटा से बलूचिस्तान की ओर होनी चाहिए थी लेकिन इसका रूट बदल दिया गया. अब यह लाहौर से सिंध की तरफ़ जा रहा है. मुझे पता है कि यह सरकार कठपुतली है और आपके फ़ायदे से यह सहमत नहीं है.''

पीपीपी चेयरमैन ने कहा कि उनकी पार्टी ने बलूचिस्तान के लोगों को वहां के संसाधनों पर हक़ दिया था लेकिन दुर्भाग्य से इमरान ख़ान की सरकार नियमों का उल्लंघन कर रही है.

बिलावल ने कहा, ''हमारी सरकार ही केवल सीपीईसी का फ़ायदा लोगों तक पहुंचा सकती है. मैं साफ़ कर देना चाहता हूं कि किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हूं लेकिन ग़रीबों को जुल्म को आंख बंदकर नहीं देखूंगा. अगर विरोधी समझते हैं कि वो मुझे डरा देंगे तो वो बड़ी भूल कर रहे हैं.''

प्रियंका ने मोदी सरकार को बताया कायर

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने जामिया में पुलिस की कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार को निशाने पर लिया है. प्रियंका ने छात्रों और पत्रकारों पर पुलिसिया कार्रवाई को कायरतापूर्ण बताया है.

प्रियंका रविवार को ट्वीट कर कहा कि मोदी सरकार लोगों की आवाज़ दबाना चाहती है. प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, ''छात्रों को पुलिस मार रही है. जब सरकार को लोगों की आवाज़ सुननी चाहिए वैसे वक़्त में देश भर के छात्रों पर दमनकारी कार्रवाई की जा रही है. यह सरकार कायर है.''

प्रियंका ने कहा, ''मोदी जी भारतीय युवाओं की आवाज़ आप सुनिए. आप इसे दबा नहीं सकते हैं. आज या कल आपको सुनना ही पड़ेगा.''

हिंसा फैलाने वालों को कपड़े से पहचाना जा सकता है- मोदी

नए नागरिकता क़ानून को लेकर पूर्वोत्तर भारत में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के लोगों को 'हिंसा से दूर' रहने के लिए बधाई दी है. प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि जो हिंसा फैला रहे हैं उनकी पहचान उनके कपड़ों से कर सकते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस वही कर रही है जो पाकिस्तान कर रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने दुमका की रैली में कहा, ''हम असम के भाई-बहनों को हिंसा से दूर रहने के लिए बधाई देते हैं...वो अपनी बात शांतिपूर्ण तरीक़े से कह रहे हैं. कांग्रेस और उनके समर्थन हिंसा फैला रहे हैं. इनकी जब कोई नहीं सुनता है तो आगज़नी शुरू कर देते हैं.'' हालांकि असम में इसे लेकर हिंसा भी हुई है.

एजीपी का यूटर्न

सत्ताधारी बीजेपी की सहयोगी पार्टी असम गण परिषद ने यूटर्न लेते हुए नए नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की है. एजीपी के एकलौते राज्यसभा सांसद बिरेंद्र प्रसाद बैश्य ने सदन में पहले इस बिल के समर्थन में वोट किया था.

अब उनका कहना है कि वो इस बिल के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे और मांग करेंगे कि इस नए क़ानून से ब्रह्मपुत्र वैली के सभी ज़िलों को बाहर रखा जाए.

जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में खानापूर्ति

मैड्रिड में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के दौरान हुए समझौते की काफ़ी आलोचना हो रही है. पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि इसमें कड़े क़दम उठाने की बात नहीं है.

समझौते में सिर्फ़ ये कहा गया है कि अमीर देश...अगले साल के अंत तक उत्सर्जन में कमी के लिए नई योजना तैयार करेंगे. सर डेविड किंग 2015 में हुई पेरिस जलवायु वार्ता में ब्रितानी सरकार के प्रतिनिधी थे.

उन्होंने बीबीसी से कहा कि अमरीका के पेरिस समझौते से अलग होने के फ़ैसले ने मैड्रिड के समझौते पर असर डाला है.

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