तस्वीरों में: अफ़गानिस्तान की राजधानी काबुल में तालिबान-पाकिस्तान के ख़िलाफ़ महिलाओं का मोर्चा
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ नारे लगातीं महिला प्रदर्शनकारी.
अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल की सड़कों पर मंगलवार को एक हज़ार से ज़्यादा प्रदर्शनकारी उतरे और तालिबान और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद की. तालिबान ने बीते महीने 15 अगस्त को काबुल पर कब्ज़ा कर लिया था.
तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने सोमवार को पंजशीर पर कब्ज़े का दावा किया.
पंजशीर अफ़ग़ानिस्तान वो इलाका है जहां से विरोधी तालिबान को चुनौती दे रहे थे. हालांकि नेशनल रसिस्टेंस फ्रंट ने तालिबान के दावे को ख़ारिज किया. काबुल की सड़कों पर मंगलवार को उतरे प्रदर्शनकारियों ने मुख्य मोर्चा पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खोला. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान तालिबान की मदद कर रहा है.
बीबीसी पाकिस्तान की वायुसेना ने पर पंजशीर में बम बरसाने के आरोप लग रहे हैं. हालांकि, तालिबान पाकिस्तान की ओर से मदद दिए जाने के आरोपों से इनकार करते रहे हैं. अफ़ग़ानिस्तान और काबुल में लगातार बदलते घटनाक्रम की कहानी तस्वीरों में
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में महिलाएं बीते हफ़्ते से ही प्रदर्शन कर रही हैं. महिलाओं की अपील पर मंगलवार के प्रदर्शन में पुरुषों ने भी हिस्सा लिया.
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, काबुल में प्रदर्शन करने वाली महिलाएं 'पाकिस्तान पर पाबंदी' लगाने की मांग कर रही थीं. बीबीसी की टीम समेत कुछ पत्रकारों को रैली की फ़िल्म बनाने से रोक दिया गया. अफ़ग़ानिस्तान की टोलो न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि उनके कैमरामैन के साथ कुछ स्थानीय और विदेशी मीडिया के पत्रकारों को गिरफ़्तार कर लिया गया.
इमेज स्रोत, European Pressphoto Agency
इमेज कैप्शन, काबुल में मंगलवार को हुए प्रदर्शन के एक दिन पहले यानी सोमवार को नेशनल रसिस्टेंस फ्रंट के नेता अहमद मसूद ने आम नागरिकों से तालिबान के ख़िलाफ़ उठ खड़े होने की अपील की थी.
इमेज कैप्शन, काबुल में मंगलवार को हुए प्रदर्शन के दौरान फ़िल्माया गया एक वीडियो बीबीसी को भेजा गया है. इसमें तालिबान लड़ाके हवा में गोली चलाते हुए नज़र आ रहे हैं. तालिबान ने बीते हफ़्ते हवा में गोली चलाने पर पाबंदी लगा दी थी.
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, काबुल में मंगलवार को निकाली गई रैली में शामिल प्रदर्शनकारी पंजशीर के लिए समर्थन जाहिर कर रहे थे. तालिबान ने पहले 1996 से लेकर 2001 अफ़ग़ानिस्तान पर शासन किया था, तब भी पंजशीर तालिबान विरोधी ताक़तों का गढ़ था.
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मंगलवार को काबुल में निकाली गई रैली में एक व्यक्ति अफ़ग़ानिस्तान की पूर्व सरकार का झंडा लेकर चल रहा था.
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार को निकाली गई रैली के दौरान तालिबान के लड़ाके प्रदर्शनकारियों के आगे चल रहे थे.
बदलता अफ़ग़ानिस्तान
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, तालिबान के कब्ज़े के बाद से अफ़ग़ानिस्तान में बहुत कुछ बदलता दिख रहा है. छात्र- छात्राओं के लिए नए नियम लागू किए गए हैं. काबुल की एक यूनवर्सिटी में नए नियमों के तहत चलती क्लास की ये तस्वीर समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सोशल मीडिया से हासिल की है.
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, यूनिवर्सिटी की क्लास में लड़के और लड़कियां अलग-अलग बैठे दिखाई दे रहे हैं. क्लास में उनके बीच पर्दा लगाया गया है. तालिबान के पिछले शासन काल में महिलाओं और लड़कियों पर कई पाबंदियां लगाई गई थीं. तालिबान इस बार ख़ुद को बदला हुआ और पिछली बार से अलग दिखाने की कोशिश में हैं. हालांकि, तालिबान ने कामकाजी महिलाओं को अगले आदेश तक घर पर ही रहने को कहा है.