नूर मुक़द्दम केस: क़त्ल जिसने इस्लामाबाद को हिला कर रख दिया है

- Author, हुमैरा कंवल, आबिद हुसैन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, इस्लामाबाद
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पूर्व राजनयिक की बेटी की हत्या ने शहर को झकझोर दिया है.
नूर मुक़द्दम की मौत की कहानी बेहद तकलीफ़देह है क्योंकि ये कोई सामान्य मौत नहीं है.
ताबूत में कफ़न में लिपटी नूर का सिर तन से जुदा है. ये कोई अचानक हुआ हादसा नहीं था बल्कि ये वहशियाना क़त्ल का एक दिल दहला देने वाला वाक़या था.
नूर की हत्या के बाद उनका गला काट दिया गया था. उनकी हत्या के शक में उनके बचपन के दोस्त ज़ाहिर जफ़ीर को गिरफ़्तार किया गया है. दोनों के परिवारों के बीच पुरानी और अच्छी जान पहचान रही है.
पुलिस जांच के मुताबिक 20 जुलाई को इस्लामाबाद की रहने वाले नूर मुकद्दम की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या की गई थी. जिस घर में नूर की हत्या हुई वहां घटना के समय कई लोग मौजूद थे.
नूर मुक़द्दम के पिता और पूर्व राजदूत शौक़त मुक़द्दम ने एफ़आईआर में उनके दोस्त ज़ाहिर जफ़ीर का नाम लिखवाया है. शौकत मुक़द्दम दक्षिण कोरिया में पाकिस्तान के राजदूत रह चुके हैं.
जब नूर के जनाज़े को दफ़नाने ले जाया जा रहा था तो मंज़र दिल दहलाने वाला था. उनके पिता नूर के चेहरे पर झुक कर कहते हैं, 'मैंने अपनी बेटी को अल्लाह के हवाले किया.'
वो बार-बार यही शब्द दोहरा रहे थे.

नूर के साथ जो हुआ था वो उनके पिता को काफ़ी बाद में बताया गया था. वो पूछते थे कि 'गोली लगी है' तो सब उनको कहते थे कि 'हां'.
जब जनाज़े की नमाज़ के लिए ताबूत को मस्जिद ले जाया जा रहा था तो वहां मौजूद हर व्यक्ति ख़ामोश था. लोगों के चेहरे पर अफ़सोस और हैरानी थी जैसे किसी के पास कहने को कुछ ना हो.
लोग शोक में डूबे परिवार को दिलासा देने की कोशिश कर रहे थे. परिवार के लोग बेहद सब्र के साथ अफ़सोस ज़ाहिर करने वालों से मिलते, लेकिन आंख से आंसुओं को ना रोक पाते.
क़ब्रिस्तान में मौजूद नूर के पिता और पूर्व राजदूत शौक़त मुक़द्दम एक पत्थर के सहारे बेटी की क़ब्र के पास बैठे हुए थे. उन्होंने बताया कि हत्या के दिन वो शाम तक थाने में एफ़आईआर दर्ज करवाने में लगे रहे.
नूर की एक दोस्त ने बताया कि वो बेहद ही नेकदिल इंसान थी, वो गली के कुत्तों और बिल्लियों को भी खाना खिलाती थी.
क़ब्रिस्तान में आई एक महिला कहती हैं, 'हम सब बहुत परेशान हैं, हमारे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं हम कैसे अपने बच्चों की हिफ़ाज़त करें. जिस तरह नूर को बेदर्दी से मारा गया है, ये माफ़ी के लायक नहीं है. चीफ़ जस्टिस को इसका संज्ञान लेना चाहिए.'

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नूर की क़रीबी दोस्त आलिया ग़ुल ने कहा, 'वो तो वाक़ई नूर थी. न कभी उसने किसी का बुरा चाहा ना किसी से बुरा बोला. वो एक पेंटर और कम्युनिटी वर्कर थीं. हर दोस्त के जन्मदिन पर कार्ड ख़ुद बनाती थीं.'
उनके दोस्त कहते हैं कि जो उनके साथ हुआ उसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी. नूर जिस घर में रहती थीं उसमें कई कर्मचारी भी थे.
उनके दोस्त कहते हैं, 'जिस घर में इतने लोग हों, वहां ऐसा क़त्ल हो सकता है, ये कोई सोच भी नहीं सकता.'
नूर के दोस्त कहते हैं कि वो बहुत धीमा बोलती थीं, हत्या के समय उन्होंने मदद की पुकार लगाई होगी, लेकिन शायद कोई सुन ना पाया होगा.
नूर की हत्या के शक़ में उनके दोस्त ज़ाहिर जफ़ीर को गिरफ़्तार किया गया है. वो इस्लामाबाद की एक बड़ी रियल एस्टेट कंपनी के सीईओ के बेटे हैं.
नूर मुक़द्दम के दफ़न होने के कुछ घंटे बाद ही इस्लामाबाद पुलिस ने उनकी हत्या के बारे में प्रेस कांफ्रेंस की.

इस्लामाबाद पुलिस ने बताया कि जब अभियुक्त ज़ाहिर जफ़ीर को गिरफ़्तार किया गया तो उसकी दिमाग़ी हालत बिलकुल ठीक थी. वो पूरी तरह अपने होश-ओ-हवास में थे.
एसएसपी इंवेस्टिगेशन अताउर्रहमान ने सोशल मीडिया पर चल रही ख़बरों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हो सकता है कि अभियुक्त की पहले कभी दिमाग़ी सेहत ख़राब रही हो, लेकिन जिस दिन उसे गिरफ़्तार किया गया उस दिन उनकी दिमाग़ी हालत बिल्कुल ठीक थी.
सोशल मीडिया पर कहा जा रहा था कि ज़ाहिर जफ़ीर दिमाग़ी तौर पर परेशान थे.
पुलिस ने अपने बयान में कहा, 'वो बिलकुल अपने होश में था. उसे बांधा गया था, उसने किसी और पर भी हमला किया था, जब पुलिस मौके पर पहुंची थी तो लोगों ने उसे बांधकर पकड़ा था. जहां तक इस घटना की बात है तो वो पूरी तरह होश में था.'
पुलिस का कहना है कि यदि अभियुक्त हत्या में शामिल होने से इनकार भी करता है तब भी पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं और अदालत में सबूत ही मायने रखते हैं.
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हुए हथियार को बरामद करने का भी दावा किया है.
पुलिस को मौके से छुरा और पिस्तौल मिली है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जांच और मेडिकल रिपोर्ट से पता चला है कि पिस्तौल का इस्तेमाल नहीं हुआ था. हालांकि पुलिस का ये भी कहना था कि पिस्तौल में गोली फंस गई थी और वो चल नहीं पाई थी.
पुलिस ने अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार किया था और वो अभी रिमांड पर है.
हत्या से पहले क्या हुआ होगा इस सवाल पर पुलिस का कहना है कि घर में मौजूद कर्मचारियों के मुताबिक झगड़ा हुआ था, इसकी वजह क्या थी इसकी जांच की जा रही है.
पूर्व राजदूत की बेटी की बेरहमी से की गई इस हत्या ने इस्लामाबाद को हिलाकर रख दिया है. राजनेताओं और आम लोगों ने इस पर अफ़सोस और गुस्सा ज़ाहिर किया है.
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