पाकिस्तान में प्रेग्नेंट सिंगर की गोली मारकर 'हत्या'

इमेज स्रोत, SINDH POLICE
घर चलाने के लिए वो गाना गाती थी...जश्न के मौकों पर...मशहूर थी. उस दिन भी एक समारोह था...वो मंच पर बैठी हुई थी, उस वक़्त भी गाना ही गा रही थी कि तभी गोली चली और वो गिर पड़ी. लेकिन मौत सिर्फ़ उसकी नहीं हुई. पेट में पल रहे आठ महीने के बच्चे ने भी मां के साथ आख़िरी सांस ली.
मामला पाकिस्तान है, जहां मंगलवार को हुए इस हादसे के बाद गायक बिरादरी सड़क पर उतर आई है और इंसाफ़ की मांग कर रही है.
हालांकि जिस समय 28 साल की समीरा सिंधु को गोली लगी उस समय परिस्थितियां कैसी थीं, ये स्पष्ट नहीं है.
वहां मौजूद एक शख़्स पर इल्ज़ाम है कि उसने ही समीरा पर गोली चलाई क्योंकि वो खड़े होकर गाना नहीं गा रही थी, लेकिन उस शख़्स का कहना है कि वो हवाई फ़ायरिंग कर रहा था और इसी दौरान ग़लती से गोली समीरा को लग गई.
गोली लगने के साथ ही समीरा के पेट में पल रहे आठ महीने के बच्चे की सांसें भी थम गईं.
क्या है पूरा मामला
मामला सिंध प्रांत के लरकाना शहर के पास कांगा गांव का है जहां एक परिवार में ख़तना के उपलक्ष्य में जश्न का आयोजन किया गया था.
समीरा सिंधु के पति आशिक शम्मो ने पुलिस में शिक़ायत दर्ज कराई है. उनके अनुसार, समारोह में ही एक ऐसा शख़्स मौजूद था जिसने समीरा को 'चेतावनी दी कि वो एक जगह खड़े होकर गाना गाए.'
इस पर समीरा ने कहा कि 'वो प्रेग्नेंट हैं, खड़ी नहीं हो सकती हैं. इसके बाद उस शख़्स ने उस पर गोली चला दी.
एक शख़्स को गिरफ़्तार कर लिया गया है. तारिक़ जटोई ने कोर्ट के बाहर पत्रकारों को बताया कि वो हवाई फ़ायरिंग कर रहे थे और ग़लती से गोली गायिका को लग गई. उन्हें रिमांड पर ले लिया गया था.
प्रदर्शन कर रहे लोगों की मांग है कि मौके पर दो और लोग भी मौजूद थे और उन्हें भी गिरफ़्तार किया जाना चाहिए.
सोशल मीडिया पर समारोह का एक वीडियो भी तेज़ी से शेयर हो रहा है. लेकिन वीडियो में कहीं कुछ ऐसा साफ़ नज़र नहीं आ रहा है कि कोई समीरा को धमका रहा हो.
वीडियो में दिख रहा है कि वो स्टेज पर बैठी हैं, उनके साथ वादक हैं. तभी तीन लोग मंच पर आते हैं और नोट लुटाते हैं. वो खड़ी हो जाती हैं और गाना जारी रखती हैं. तभी एक शख़्स फ़्रेम से चला जाता है और कुछ वक़्त में ही तीन राउंड फ़ायर की आवाज़ आती है. इसके बाद समीरा गिर पड़ती हैं.
समीरा स्थानीय इलाक़े में एक जानी-मानी सिंगर थीं. सिंधी लोकगीत और सूफ़ी गीतों की उनकी आठ से अधिक एल्बम आ चुकी थीं. लेकिन जीविका के लिए वो मुख्य तौर पर पारिवारिक समारोहों में गाना ही गाती थीं.
कोर्ट में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जाटोई के खून में शराब की मात्रा की रिपोर्ट रखी जाएगी. पाक़िस्तान में मुस्लिमों के लिए शराब पीना वर्जित है.












