पेगासस जासूसीः दुबई की राजकुमारी लतीफ़ा और हया के नंबर की भी हुई थी निगरानी?

2018 में भागने के प्रयास से पहले ऐसी दिखती थीं राजकुमारी लतीफ़ा
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फ़ोन हैक करने वाले जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस की जांच में दुबई की दो राजकुमारियों के फ़ोन नंबर भी सामने आए हैं.

राजकुमारी लतीफ़ा दुबई के सुल्तान की बेटी हैं जबकि राजकुमारी हया बिंत अल हुसैन उनकी पूर्व पत्नी हैं.

इस साल फ़रवरी में बीबीसी के खोजी कार्यक्रम पैनोरमा में राजकुमारी लतीफ़ा का गुप्त वीडियो प्रसारित किया गया था जिसमें उन्होंने अपने आप को बंधक बनाए जाने का दावा किया था.

वहीं राजकुमारी हया अपनी जान के ख़तरे के मद्देनज़र 2019 में दुबई छोड़ गई थीं.

संयुक्त अरब अमीरात ने दोनों महिलाओं के सभी आरोपों का खंडन किया है.

इन दोनों के फ़ोन नंबर दुनियाभर के उन पचास हज़ार नंबरों में शामिल हैं जिनकी जासूसी पेगासस सॉफ़्टवेयर के ज़रिए किए जाने के आरोप हैं.

पेगासस इसराइल की कंपनी एनएसओ ग्रुप का सॉफ़्टवेयर है जिसके ज़रिए फ़ोन हैक करके जासूसी की जाती है.

फ़ोन नंबरों की ये सूची दुनियाभर के कई बड़े मीडिया समूहों को लीक की गई थी.

शेख़ मुहम्मद बिन राशिद अल मकतूम

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राजकुमारी और उनकी कुछ सहयोगियों के फ़ोन नंबर इस सूची में होने से शक पैदा हुआ है कि दुबई की सरकार ने उनकी जासूसी करवाई होगी.

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक बयान जारी करके कहा है कि इस जांच से पता चलता है कि इन दोनों महिलाओं के मानवाधिकार उल्लंघन में एनएसओ समूह भी शामिल है.

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सर्विलांस इंडस्ट्री को नियमित करने के लिए नियम बनाए जाने की मांग की है.

वहीं एनएसओ समूह का कहना है कि उसने कुछ गलत नहीं किया है.

एनएसओ का कहना है कि उसका सॉफ़्टवेयर आतंकवादियों और अपराधियों को रोकने के मक़सद से बनाया गया है और इसे सिर्फ़ सरकारों और सेनाओं को ही बेचा जाता है.

एनएसओ का कहना है कि इसे उन्हीं सरकारी एजेंसियों को दिया जाता है जिनका मानवाधिकार के मामले में अच्छा रिकॉर्ड होता है.

फ़्रांस की मीडिया संस्था फ़ॉरबिडेन स्टोरीज़ और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दुनियाभर के कई मीडिया संस्थानों के साथ मिलकर पेगासस प्रोजेक्ट के नाम से खोजी रिपोर्टें प्रकाशित की हैं.

एनएसओ समूह का कहना है कि ये जांच गलत धारणाओं और अपुष्ट सिद्धांतों से भरी पड़ी है.''

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इसराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि पेगासस पर लगे इन आरोपों की जांच के लिए एक उच्च समिति गठित कर दी गई है.

राजकुमारी लतीफ़ा ने दुबई से भागने की कोशिश की थी. उन्होंने बीबीसी को बताया था कि उन्हें इस प्रयास के बाद बंधक बनाकर रखा गया है.

राजकुमारी लतीफ़ा ने बीबीसी को बताया था कि साल 2018 में उन्होंने समंदर के रास्ते भागने की कोशिश की थी. उनकी नौका को हिंद महासागर में पकड़ लिया गया था और उन्हें वापस दुबई भेज दिया गया था.

लतीफ़ा का कहना था कि उन्हें एक विला में रखा गया है जिसे जेल में बदल दिया गया है.

बीबीसी की इस रिपोर्ट के बाद दुनियाभर में सवाल उठे थे. संयुक्त राष्ट्र ने दुबई से कहा था कि वो लतीफ़ा के ज़िंदा होने के सबूत दे.

शाही परिवार की तरफ़ से जारी एक बयान में कहा गया था कि उनका घर पर ही ध्यान रखा जा रहा है.

प्रिंसेज़ हया 2019 में ब्रिटेन चली गई थीं

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हाल के महीनों में राजकुमारी लतीफ़ा की कोई ख़बर नहीं हैं. उनके सहयोगियों के सोशल मीडिया अकाउंट पर उनके बाज़ार में घूमने और बाहर निकलने की तस्वीरें आई हैं.

वहीं राजकुमारी हया ने अपने पति पर बंधक बनाकर रखने, उत्पीड़न करने और डराने-धमकाने के आरोप लगाए हैं.

बीते साल आए एक फ़ैसले में ब्रितानी अदालत ने इन आरोपों को प्रकाशित किया था.

दस्तावेज़ों के मुताबिक राजकुमारी हया की शादी राजकुमारी लतीफ़ा और दुबई के शासक की एक अन्य बेटी शेख़ा शम्शा के साथ हुए व्यवहार की वजह से टूट गई थी.

वो अपने दो बच्चों के साथ अप्रैल 2019 में ब्रिटेन चली गई थीं. अदालत की सुनवाई में तर्क दिया गया था कि वो अपने पति से मिल रही धमकियों की वजह से ख़तरा महसूस कर रही थीं.

उन्होंने अदालत से कहा था कि उनके बच्चों को अग़वा करके दुबई ले जाया जा सकता है.

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