कनाडा से साइप्रस तक गर्मी का क़हर, ख़तरा बनी जंगल की आग

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दुनिया के कई देश भीषण गर्मी की चपेट में हैं. इनमें कनाडा, अमेरिका और साइप्रस शामिल हैं. गर्मी की वजह से जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं.
साइप्रस के जंगलों में लगी आग बुझाने के लिए कई देशों ने मदद मुहैया कराई है. इसे देश के इतिहास की सबसे भीषण आग बताया जा रहा है. आग पर काबू पाने के लिए कई देशों ने विमान भेजे हैं.
ग्रीस, इटली और इसराइल ने साइप्रस की मदद की गुहार के बाद सहयोग का भरोसा दिया है, जबकि ब्रिटेन के सैनिक मदद में जुट गए हैं. तेज़ हवाओं की वजह से जंगल की आग का दायरा बढ़ता जा रहा है. दक्षिणी लिमासोल ज़िले में आग फैलती जा रही है. आग के कारण कई गांव खाली करा लिए गए हैं.

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चार लोगों की मौत
रविवार को आग की चपेट में आकर चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई. माना जा रहा है कि मरने वाले चारों लोग मिस्र के श्रमिक थे. इनकी कार आग की चपेट में आ गई थी और तब से ही ये लापता थे.
स्थानीय मीडिया के मुताबिक ओडोस गांव में इनकी कार जहां मिली थी, उनके शव उससे करीब चार सौ मीटर की दूरी पर मिले.
साइप्रस के मंत्री निकोस नॉरिस ने कहा रविवार को जानकारी दी, "तमाम संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि ये लापता बताए गए वही चार लोगों हैं जिनकी हम कल से तलाश कर रहे हैं."
साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस एनास्तासियादेस ने ट्रूडोस पर्वतमाला के तलहटी में लगी आग को 'एक त्रासदी' बताया है.
राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार पीड़ितों और उनके परिवार को तत्काल सहायता मुहैया कराएगी. उन्होंने रविवार को एक राहत शिविर और प्रभावित इलाके का दौरा भी किया.
इस बीच पुलिस ने आग लगाने के शक में 67 साल के एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है. पुलिस का कहना है कि शनिवार को जब आग लगी तभी एक प्रत्यक्षदर्शी ने उसे अराकापास गांव के पास से गुजरते देखा था.

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कनाडा में आग
कनाडा में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की वजह से जंगल में लगी आग के बाद सेना को मदद के लिए तैयार रहने को कहा गया है. डर है कि प्रभावित इलाके के करीब रहने वाले समुदाय आग की चपेट में आ सकते हैं.
कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में जबरदस्त गर्मी पड़ रही है. हीट वेव के चलते जंगल में आग लग गई है. आपातकालीन सेवा से जुड़े अधिकारियों ने जानकारी दी है कि उन्हें 170 जगह आग लगने की सूचना मिली है और वो सभी को काबू करने की कोशिश में हैं.
जबरदस्त गर्मी की वजह से कनाडा के पश्चिमी इलाके में मुश्किल की स्थिति बन गई है. बीते मंगलवार को लिटन में 49.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था जो अब तक का सर्वाधिक तापमान है.
कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सज्जन ने पत्रकारों को बताया, " जो लोग ख़तरे में हैं उनकी मदद के लिए सेना के 350 जवानों को तैयार हैं. विमान भी तैनात किए हैं. "

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मदद का भरोसा
इसके पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने प्रभावित इलाके नेताओं और मंत्री से बात की थी. ट्रूडो ने कहा, "हम वहां मदद के लिए पहुंचेंगे."
बीते रविवार के पहले तक कनाडा में तापमान ने कभी 45 डिग्री सेल्सियस का आंकड़ा पार नहीं किया था.
विशेषज्ञों की राय है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से 'हीटवेव' जैसी मौसम की प्रतिकूल स्थितियों का लगातार सामना करना पड़ सकता है. हालांकि किसी एक घटना को ग्लोबल वॉर्मिंग से जोड़ना थोड़ा जटिल बात होगी.
कनाडा और अमेरिका के पश्चिमी हिस्से में गर्मी की वजह कैलिफोर्निया और आर्कटिक क्षेत्र से आने वाली गर्म हवा की वजह से बना दबाव है.

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गर्मी का मुक़ाबला कैसे करें
•तापमान काबू में रखें: ज़्यादातर लोग इस बात से वाकिफ हैं. फिर भी ध्यान रखना जरूरी है कि अगर जिस्म 40 डिग्री सेंटीग्रेट का तापमान झेलता है तो हीट स्ट्रोक का शिकार होने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता की ज़रूरत होती है. ऐसा नहीं होने पर बेहोशी और अंगों को नुक़सान हो सकता है. कुछ मामलों में मौत भी हो सकती है. अगर पसीना निकलना बंद हो जाए या फिर सांस लेने में दिक्कत हो तो ये भी ख़तरे के लक्षण हैं.
•भोजन और पानी: पानी पीते रहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो. ऐसा खाना खाएं जिसमें पानी की मात्रा अधिक हो और आसानी से पच सके.
•धूप में निकलने से बचें: आप घर के अंदर जितना रह सकते हैं, उतना अच्छा होगा. दिन के समय संभव हो तो बाहर न निकलें. एक्सरसाइज़ करते समय भी सावधान रहें.
•कपड़े: बाहर निकलें तो खुद को ढककर रखें लेकिन ध्यान रखें कि आप सूती या लिनेन का कपड़ा इस्तेमाल कर रहे हों. सिर पर टोपी या हैट लगाना बेहतर होगा.
•खुद को कैसे ठंडा रखें: एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के इस्तेमाल के अलावा फेस स्प्रे का इस्तेमाल और ठंडे पानी से नहाना भी कारगर हो सकता है. कमरे को ठंडा रखने के लिए पर्दा लगाकर रखें.
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