इसराइली पीएम नेतन्याहू ने कहा था शुक्रिया, इस देश ने समर्थन से किया इनकार

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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने रविवार को ट्वीट करके कहा था कि मौजूदा समय में 25 देशों ने उसका समर्थन किया है लेकिन उनके दावों को ख़ारिज करते हुए बोस्निया और हर्ज़ेगोविना की विदेश मंत्री ने कहा कि उनके देश ने ऐसा कोई समर्थन नहीं किया था.
बोस्निया और हर्ज़ेगोविना की विदेश मंत्री बिसेरा तुर्कोविच ने कहा है कि उनके देश ने कभी भी इसराइल का समर्थन नहीं किया है.
उन्होंने बयान जारी किया है जिसे उनके ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है.
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ट्वीट में लिखा है, "बोस्निया और हर्ज़ेगोविना का ध्वज केवल शांति का समर्थन करता है और फ़लस्तीनी क्षेत्रों के ध्वज के लिए एक उचित समाधान प्राप्त करने के प्रयासों का समर्थन करता है. इज़राइल का ध्वज हिंसा, स्थायी शांति और स्थिरता की ओर नहीं ले जाता है."
"हम उन हमलों को तत्काल समाप्त करने का आह्वान करते हैं जिनमें निर्दोष लोग मारे जाते हैं, और हम दोनों देशों को शामिल करने वाले समाधान का समर्थन करते हैं, यह मानते हुए कि केवल बातचीत ही स्थायी शांति ला सकती है. हम उन पहलों का भी समर्थन करते हैं जो हिंसा की लहर को रोकने में मदद करेंगी."
बोस्नियाई सदस्य ने भी की आलोचना

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विदेश मंत्री के अलावा बोस्निया और हर्ज़ेगोविना के राष्ट्रपति परिषद के बोस्नियाई सदस्य सेफ़िक ज़ाफ़ेरोविच ने भी कहा है कि उनका देश मासूम नागरिकों की हत्या का समर्थन नहीं करता है.
उन्होंने फ़ेसबुक पर लिखा, "मेरा प्रधानमंत्री नेतन्याहू को यह संदेश है कि बोस्निया और हर्ज़ेगोविना ग़ज़ा में इसराइली सैन्य बलों द्वारा मासूम लोगों की हत्या का समर्थन न ही करता है और न ही कर सकता है."
उन्होंने नेतन्याहू से ग़ज़ा पर 'लगातार हमले' बंद करने और फ़लस्तीनी और इसराइली लोगों के लिए शांति स्थापित करने में योगदान देने को कहा है.
नेतन्याहू ने क्या कहा था

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इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने रविवार सुबह एक ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने मौजूदा समय में इसराइल का समर्थन कर रहे 25 देशों को शुक्रिया कहा था.
नेतन्याहू ने अपने ट्वीट में सबसे पहले अमेरिका, फिर अलबेनिया, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बोस्निया और हर्ज़ेगोविना, ब्राज़ील, कनाडा, कोलंबिया, साइप्रस, जॉर्जिया, जर्मनी, हंगरी, इटली, स्लोवेनिया और यूक्रेन समेत कुल 25 देशों का ज़िक्र किया था.
उन्होंने लिखा था कि "आतंकवादी हमलों के ख़िलाफ़ आत्मरक्षा के हमारे अधिकार का समर्थन करने और इसराइल के साथ मज़बूती से खड़े होने के लिए आप सभी का धन्यवाद."
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हालांकि, इस ट्वीट में नेतन्याहू ने भारत का ज़िक्र नहीं किया था.
जबकि भारत की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के कई नेता और दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थक लगातार इसराइल की पीठ थपथपा रहे हैं और उसके समर्थन में सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय हैं.
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