तुर्की: अर्दोआन बोले- 'अल-अक़्सा मस्जिद की तरफ़ बढ़ते हाथों को तोड़ देंगे'- - पाक उर्दू प्रेस

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पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते इसराइल और फ़लस्तीन का मामला सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहा.
इसराइल और ग़ज़ा पर शासन कर रहे हथियारबंद इस्लामिक संगठन हमास का एक दूसरे पर हमला जारी है. हमास 2007 से ग़ज़ा पर शासन कर रहा है लेकिन इसराइल उसको स्वीकार नहीं करता है और उसे एक चरमपंथी संगठन मानता है.
इसराइल के क़ब्ज़े वाले पूर्वी यरुशलम स्थित मस्जिद-अक़्सा से शुरू हुआ संघर्ष अब लगभग एक युद्ध की शक्ल में तब्दील हो गया है.
ग़ज़ा पर इसराइली हमले में अब तक 139 लोग मारे जा चुके हैं जबकि हमास के ज़रिए किए गए रॉकेट हमले में इसराइल के अब तक कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है.

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अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को फ़ोन किया और दोनों नेताओं के बीच इसराइली हमले पर बातचीत हुई.
दोनों नेताओं ने इसराइली हमले की कड़ी आलोचना की है और इसराइली हमले को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र में मिलकर काम करने का इरादा किया है.
मस्जिद-ए-अक़्सा की तरफ़ बढ़ते हुए हाथों को तोड़ देंगे: अर्दोआन
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार अर्दोआन ने इसराइल के ख़िलाफ़ सख़्त रुख़ अपनाते हुए कहा है कि अगर पूरी दुनिया भी ख़ामोश हो जाए तो भी तुर्की अपनी आवाज़ उठाता रहेगा.
अख़बार के अनुसार अर्दोआन अपनी पार्टी के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा रहे थे, "बैतुल मोक़द्दस (मस्जिद-ए-अक़्सा) मुसलमानों के साथ-साथ इसाइयों और यहूदियों के लिए भी पवित्र स्थल है, जहां इसराइल नामी दहशतगर्द रियासत ने अमानवीयता की तमाम हदें पार कर ली हैं. इसराइली हमले पर मैंने कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं से बात की है और सबने मेरे स्टैंड का समर्थन किया है लेकिन अगर फ़लस्तीन में इसराइली ज़ुल्म के ख़िलाफ़ पूरी दुनिया ख़ामोश भी हो जाए तब भी हम उसके ज़ुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाते रहेंगे."
अख़बार के अनुसार अर्दोआन ने कहा कि, "मैंने सीरियाई सीमा के निकट जिस तरह दहशतगर्दों का रास्ता रोका, उसी तरह मस्जिद-ए-अक़्सा की जानिब बढ़ते हुए हाथों को भी तोड़ देंगे."
उन्होंने कहा कि इसराइल के कथित ज़ुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना हर संवेदनशील इंसान का फ़र्ज़ है.
अर्दोआन ने कहा कि वो पूरे अंतरराष्ट्रीय जगत से अपील करते हैं कि वो इसराइल के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं.
इमरान-सऊदी क्राउन प्रिंस बातचीत
इमरान ख़ान और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच भी फ़ोन पर बातचीत हुई. अख़बार के मुताबिक़ इमरान ख़ान ने सऊदी क्राउन प्रिंस का उनकी मेहमाननवाज़ी करने के लिए शुक्रिया अदा किया.

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इमरान ख़ान पिछले हफ़्ते तीन दिनों के लिए सऊदी अरब के दौरे पर गए थे.
अख़बार के अनुसार शुक्रिया अदा करने के अलावा दोनों नेताओं के बीच इसराइली हमले को लेकर भी बातचीत हुई.
उधर पाकिस्तान के केंद्रीय गृहमंत्री शेख़ रशीद अहमद ने कहा है कि सऊदी अरब ने ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी ओआईसी की रविवार को जो आपातकालीन बैठक बुलाई है उसमें इसराइली हमले पर बहुत अहम फ़ैसला होगा.
इसराइल और हमास के बीच होने वाले ख़ूनी संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक रविवार को होगी. अखब़ार जंग के अनुसार संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र को अब क़दम उठाना चाहिए और उसे सख़्त संदेश देना चाहिए.
अख़बार के अनुसार अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा है कि मध्य-पूर्व संकट पर खुली बहस होनी चाहिए जिससे उसके राजनयिक हल का मौक़ा मिलेगा.
शहबाज़ शरीफ़ को देश छोड़कर जाने की इजाज़त नहीं
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री, पाकिस्तान संसद में नेता प्रतिपक्ष, मुस्लिम लीग (नवाज़ गुट) के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के छोटे भाई नवाज़ शरीफ़ को पाकिस्तान छोड़कर जाने की इजाज़त नहीं मिली है.

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पाकिस्तानी सरकार ने उनका नाम एग्ज़िट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) में डालने का फ़ैसला किया है.
अख़बार जंग के अनुसार ईसीएल पर बनी केंद्रीय कमिटी ने अपना फ़ैसला कैबिनटे के पास भेज दिया है और शहबाज़ शरीफ़ का नाम ईसीएल में डालने की सिफ़ारिश की है.
पाकिस्तानी गृहमंत्री शेख़ रशीद अहमद ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा है कि कैबिनेट ने अभी तक इस पर आधिकारिक फ़ैसला नहीं किया है और उम्मीद है कि सोमवार या मंगल तक कैबिनेट का फ़ैसला आ जाएगा जिसके बाद क़ानून मंत्रालय और गृह-मंत्रालय मिलकर ईसीएल की नोटिफ़िकेशन जारी करेगा.
उधर मुस्लिम लीग ने कहा है कि ईद की छुट्टी के बाद सोमवार को अदालत खुलेगी और उसी दिन सरकार के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ पार्टी सुप्रीम कोर्ट जाएगी.
ग़ौरतलब है कि लाहौर के हाईकोर्ट ने शहबाज़ शरीफ़ को अपना इलाज करान के लिए लंदन जाने की इजाज़त दे दी थी लेकिन जिस वक़्त वो हवाई जहाज़ पर बैठने वाले थे उसी समय उन्हें बताया गया कि उनका नाम अभी भी ब्लैक लिस्ट में है और अदालती फ़ैसले के बाद भी उनका नाम सिस्टम में ब्लैक लिस्ट से नहीं हटा है लिहाज़ा उन्हें विदेश यात्रा की इजाज़त नहीं दी जा सकती है.
इस बीच सरकार ने उनका नाम ईसीएल में डालने का फ़ैसला कर लिया है. अब शहबाज़ शरीफ़ देश से बाहर जा सकेंगे या नहीं, इसका फ़ैसला पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में होगा.
कोरोना

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पाकिस्तान में कोरोना के मामलों में कमी को देखते हुए सरकार ने सख़्तियों में कमी करने का फ़ैसला किया है. पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान में कोरोना के कुल 2517 नए मामले आए और 48 लोगों की मौत हुई.
इसको देखते हुए पाकिस्तान में रविवार से पब्लिक ट्रांसपोर्ट बहाल करने का फ़ैसला किया गया है.
पाकिस्तान में कोरोना पर क़ाबू पाने के लिए बनाई गई सर्वोच्च संस्था नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर (एनसीओसी) के चेयरमैन और केंद्रीय योजना मंत्री असद उमर की अध्यक्षता में शनिवार को एक बैठक हुई.
इस बैठक में फ़ैसला लिया गया है कि रविवार 16 मई से पूरे पाकिस्तान में सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बहाल कर दिया जाएगा लेकिन अधिकतम क्षमता से आधी यानी 50 फ़ीसद पैसेंजर को बिठाने की इजाज़त होगी.

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सभी बाज़ार भी 17 मई से खुल सकेंगे लेकिन उन्हें रात आठ बजे तक अपनी दुकानें बंद करनी होंगी. इसके अलावा सभी सरकारी और निजी दफ़्तर भी 50 फ़ीसद क्षमता के साथ 17 मई से खुल सकेंगे.
एनसीओसी के अनुसार अब तक पाकिस्तान में कोरोना के कुल आठ लाख 73 हज़ार मामले आए हैं जिनमें से 73 हज़ार से ज़्यादा एक्टिव मामले हैं.
पाकिस्तान में कोरोना से अब तक 19 हज़ार 384 लोगों की मौत हो गई है.
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