पाकिस्तान में यूरोपीय संसद में पारित प्रस्ताव पर चर्चा क्यों- उर्दू प्रेस रिव्यू

इमरान ख़ान

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    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना के अलावा यूरोपीय संसद में पाकिस्तान से जुड़े एक प्रस्ताव के पारित होने से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रही.

सबसे पहले बात यूरोपीय संसद में पारित हुए एक प्रस्ताव की.

यूरोपीय संसद में भारी बहुमत के साथ एक प्रस्ताव पारित किया गया है जिसमें यूरोपीय यूनियन से आग्रह किया गया है कि वो साल 2014 में पाकिस्तान को जेनरालइज़्ड स्कीम ऑफ़ प्रिफ़रेंसेंज़ (जीएसपी) प्लस के तहत दी गई कारोबारी रियायत पर फ़ौरन पुनर्निचार करे.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार गुरुवार को पारित हुए इस प्रस्ताव में पाकिस्तानी सरकार से कहा गया है कि वो ईश-निंदा क़ानून की दफ़ा 295 बी और सी को ख़त्म कर दें. प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में ईश-निंदा क़ानून के तहत दर्ज किए गए मुक़दमों की सुनवाई एंटी-टेरर कोर्ट में ना की जाए.

पाकिस्तान ने यूरोपीय संसद में पारित इस प्रस्ताव को निराशाजनक क़रार दिया है. अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ज़ाहिद हफ़ीज चौधरी ने कहा है कि पाकिस्तान को इस प्रस्ताव के पारित होने पर मायूसी हुई है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक सक्रिय सिविल सोसायटी, आज़ाद मीडिया और आज़ाद न्यायपालिका के साथ एक संसदीय लोकतंत्र है. उन्होंने कहा कि यूरोपीय संसद में पाकिस्तान के ईश-निंदा क़ानून के बारे में जो बहस की गई है उससे पता चलता है कि उनमें बर्दाश्त करने की क्षमता नहीं है.

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पाकिस्तान को अपने अल्पसंख्यकों पर गर्व है और उन्हें पाकिस्तानी संविधान के तहत मानवाधिकार और बुनियादी अधिकारों की सुरक्षा हासिल है.

पाकिस्तान में मानवाधिकार मंत्री शीरीन मज़ारी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, यह बदक़िस्मती है कि यूरोपीय संसद में पाकिस्तान के विरोध में पारित प्रस्ताव को एक ऐसे व्यक्ति ने पेश किया था जिनकी पार्टी को स्वीडन के प्रधानमंत्री ने 'एक एजेंडे वाली नव-फासीवादी पार्टी' क़रार दिया था जिसकी जड़ें नाज़ी जर्मनी और नस्लवादी हैं.

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प्रस्ताव में कहा गया है कि ईश-निंदा क़ानून से अल्पसंख्यकों को डराया जाता है, उन पर ज़ुल्म किया जाता है और ईश-निंदा का आरोप लगाकर अल्पसंख्यकों की हत्या कर दी जाती है.

हालांकि प्रस्ताव में यह भी स्वीकार किया गया है कि अभी तक इस क़ानून के तहत पाकिस्तान में किसी भी अल्पसंख्यक को फांसी नहीं दी गई है.

2014 में पाकिस्तान को जेनरालइज़्ड स्कीम ऑफ़ प्रिफ़रेंसेंज़ (जीएसपी) प्लस के तहत दी गई कारोबारी रियायत के कारण पाकिस्तान से निर्यात किए जाने वाले सामानों पर यूरोपीय यूनियन के 27 देशों में कोई शुल्क नहीं लगता है. लेकिन अगर इस रियायत को ख़त्म कर दिया जाता है तो पाकिस्तान को करोड़ो रुपए का व्यापार घाटा होगा.

वीडियो कैप्शन, बिलावल भुट्टो पर अपनी सियासी विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती

एक संसदीय सीट के लिए हुआ उपचुनाव सुर्ख़ियों में

पाकिस्तान में एक संसदीय सीट के लिए हुआ उपचुनाव आजकल सुर्ख़ियों में है. कराची की संसदीय सीट एनए 249 पर हुए उपचुनाव के लिए गुरुवार को वोट डाले गए थे.

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार ने इस पर जीत हासलि कर ली है लेकिन इसके नतीजे ने विपक्षी गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) में एक और दरार पैदा कर दी है.

हालांकि चुनाव आयोग ने आधिकारिक तौर पर नतीजे घोषित नहीं किए हैं और वहां पर दोबारा गिनती के आदेश दे दिए हैं लेकिन इसको लेकर पीपीपी और मुस्लिम लीग (नवाज़) एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं.

अख़बार जंग के अनुसार पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने मुस्लिम लीग पर हमला करते हुए कहा, "उनका शौक़ है अपोज़िशन से अपोज़िशन करना, उनका शौक़ है पीपीपी से मुक़ाबला करना, तो करो और हारो, इस्टैबलिश्मेंट, पहले और दूसरे सेलेक्टेड सबसे लड़ने को तैयार हैं."

बिलावल का जवाब देते हुए मुस्लिम लीग की उपाध्यक्ष मरियम नवाज़ ने कहा, "नतीजा चोरी किया गया है, हार तब मानेंगे जब हराया जाएगा, शेर का शिकार करना आसान नहीं है."

इस उपचुनाव की एक और ख़ास बात यह थी कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के उम्मीदवार पाँचवें नंबर पर रहे और कट्टरपंथी गुट तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के उम्मीदवार तीसरे नंबर पर रहे. केंद्रीय मंत्री और पीटीआई के नेता फ़ैसला वावडा के इस्तीफ़ा देने के बाद ही यह सीट ख़ाली हुई थी और उसपर उपचुनाव हुए.

जेयूआई—एफ के प्रमुख मौलान फ़ज़लुर्रहमान

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पीडीएम शानो-शौक़त से मौजूद है: मौलान फ़ज़लुर्रहमान

पीपीपी और मुस्लिम लीग में गहरे मतभेद के बावजूद पीडीएम के प्रमुख मौलाना फ़ज़लुर्हमान ने कहा है कि पीडीएम की एकता क़ायम है और उसमें मतभेद की ख़बरें विरोधियों की साज़िश है और उनका हक़ीक़त से कोई वास्ता नहीं है.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार मौलाना का कहना था, "पीडीएम के फ़ैसले किसी एक पार्टी या नेता के नहीं होते, यहां सब मिलकर फ़ैसला करते हैं. पीडीएम की एकता पूरी तरह क़ायम है इसे आगे भी क़ायम रखा जाएगा. विपक्ष इसी प्लेटफ़ॉर्म से आगे बढ़ेगा."

उन्होंने कहा कि जिन पार्टियों ने पीडीएम छोड़ने की ग़लती की है उन्हें अपनी ग़लती स्वीकार कर लेनी चाहिए और पीडीएम में वापस आ जाना चाहिए.

मौलाना ने कहा कि पाकिस्तान जिस संकट से गुज़र रहा है उसका सिर्फ़ एक ही हल है कि यहां फ़ौरन स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराएं जाएं. उन्होंने कहा कि लोगों की चुनी हुई सरकार को सत्ता में होना चाहिए और उसी के फ़ैसले दरअसल राष्ट्रीय फ़ैसले होंगे.

पाकिस्तान में कोरोना वायरस

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कोरोना के दो नए वैरिएंट

पाकिस्तान में कोरोना वायरस के दो नए वेरिएंट पाए गए हैं. अख़बार उम्मत के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ में किए गए टेस्ट में कोरान वायरस के दो नए वेरिएंट का पता चला है जिनमें एक ब्राज़ील वेरिएंट है जबकि दूसरा अफ़्रीका वेरिएंट है.

मंत्रालय के अनुसार इन दोनों वेरिएंट्स से संक्रमित मामलों का पता लगाने के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी गई है.

इस बीच पाकिस्तान में कोरोना की तीसरी लहर का ज़ोर बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तान में अब तक क़रीब 18 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं और गुरुवार को पहली बार एक दिन में 200 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई.

पाकिस्तान में इस वक़्त 91 हज़ार से ज़्यादा एक्टिव केस हैं जिनमें से पाँच हज़ार कोरोना संक्रमितों की हालत नाज़ुक है.

पाकिस्तान ने कई शहरों में सख़्त पाबंदियां लगा दी हैं और कई शहरों में पूर्ण लॉकडाउन लागू कर दिया गया है.

वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान तीसरी लहर की चपेट में

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