बाइडन के सत्ता संभालने के बाद अमेरिका-रूस के बीच हालात इतने क्यों बिगड़े?

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रूस और अमेरिका के बीच बिगड़ते रिश्तों के बीच रूस ने अपने अमेरिकी राजदूत को वापस बुलवा लिया है ताकि दोनों देशों के बीच लगातार बिगड़ते रिश्तों को लेकर परामर्श किया जा सके.
रूस की सरकार ने कहा है कि अमेरिका में रूस के राजदूत अनातोली एंटोनोव को मॉस्को वापस बुला लिया गया है क्योंकि अमेरिका और रूस के रिश्ते एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं जहां से 'आगे का रास्ता साफ़ नज़र नहीं आ रहा.'
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने हाल में ही दिए एक इंटरव्यू में कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादमिर पुतिन को चुनाव में कथित छेड़छाड़ की 'क़ीमत चुकानी होगी.'
एबीसी न्यूज़ को दिए गए इंटरव्यू में बाइडन ने ये भी कहा कि वह मानते हैं रूस के राष्ट्रपति 'एक किलर' थे.
बाइडन उन अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट का हवाला देते हुए बात कर रहे थे जिसमें कहा गया है कि बीते नवंबर में अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव में पुतिन ने एक 'हस्तक्षेप अभियान के ज़रिए चुनाव में छेड़छाड़ की कोशिश की.'
रिपोर्ट में रूस पर आरोप लगाया गया है कि वह पूर्व रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रंप के पक्ष में चुनाव नतीजों को मोड़ने की कोशिश कर रहा था, जिसे डेमोक्रेटेट नेता बाइडन की जीत ने नाकाम साबित कर दिया.

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रूस के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
इन आरोपों पर पुतिन के प्रवक्ता, दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि आरोपों के समर्थन में सबूत नहीं हैं और ऐसे आरोपों से द्विपक्षीय संबंधों को नुक़सान होगा.
अगले सप्ताह तक इस रिपोर्ट के निष्कर्ष के आने की उम्मीद है और माना जा रहा है इसके बाद अमेरिका रूस पर प्रतिबंध लगा सकता है.
रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है, ''अमेरिका में रूसी राजदूत अनातोली एंटोनोव को अमेरिका के साथ रूस के संबंधों के संदर्भ में क्या किया जाना चाहिए, इस पर विश्लेषण और परामर्श के लिए मॉस्को बुलाया गया है. ''
इसमें यह भी कहा गया है कि रूस अमेरिका के साथ लागातार ख़राब होते रिश्तों को सुधारना चाहता है.
इसमें कहा गया है, ''हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि रूस-अमेरिका संबंधों को सुधारने के तरीकों को पहचाना जा सके, दोनों देशों के रिश्ते बुरे दौर से गुज़र रहे हैं. सही मायने में ये रिश्ता एक अंधी गली में जा पहुंचा है.''
इंटरव्यू में बाइडन ने क्या कहा?
जो बाइडन ने एबीसी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने जनवरी के आखिर में रूसी राष्ट्रपति पुतिन को एक कॉल के दौरान कथित तौर पर रूस के चुनाव में शामिल होने की संभावित प्रतिक्रिया के बारे में चेतावनी दी थी.
बुधवार को प्रसारित हुए इस इंटरव्यू में बाइडन ने कहा कि उन्होंने पुतिन से कहा था कि 'उन्हें इसकी क़ीमत चुकानी होगी.'
किस तरह के क़दम रूस को लेकर उठाए जा सकते हैं? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 'जल्द ही आप ये देख पाएंगे.'
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क्या वो पुतिन को 'एक किलर' मानते हैं इसके जवाब में बाइडन ने कहा- 'हां! मैं ऐसा मानता हूं.'
इसके बाद न्यूज़ कॉन्फ्रेंस के दौरान व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि रूस और अमेरिका के बीच संबंध ट्रंप प्रशासन के दौरान रहे संबंधों से अलग होंगे.
उन्होंने कहा- '' निश्चित तौर पर रूस ने जो किया है उसे उसका जवाब देना होगा. ''

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इंटेलिजेंस रिपोर्ट क्या कहती है?
नेशनल इंटेलिजेंस निदेशक के कार्यालय ने मंगलवार को 15 पेज की रिपोर्ट में जारी की. इसमें कहा गया है कि रूस और ईरान ने 'प्रभावित करने वाले अभियान' चलाए.
इसमें कहा गया है कि रूस से जुड़े हुए लोगों ने 3 नवंबर के चुनाव से पहले राष्ट्रपति बाइडन के बारे में निराधार दावे फैलाए थे.
एक ग़लत सूचनाओं वाले अभियान चलाए गए और व्यापक चुनाव प्रक्रिया में लोगों के विश्वास को कम करने की कोशिश भी की गई.
इस अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार, रूसी ख़ुफ़िया विभाग से जुड़े कुछ लोगों ने मीडिया आउटलेट्स के ज़रिए बाइडन विरोधी नरेटिव को बढ़ावा दिया.
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