बाइडन ने राष्ट्रपति कार्यालय में किए कई बदलाव - तस्वीरें

1. अमेरिकी झंडा, 2. सीज़र शावेज़ की प्रतिमा, 3. राष्ट्रपति की मोहर वाला झंडा, 4. परिवार के सदस्यों की तस्वीरें, 5. कार्यकारी आदेश, 6. द रूज़वेल्ट डेस्क, 7. बेंजामिन फ़्रैंक्लिन की पेंटिंग, 8. हैरी ट्रूमैन की प्रतिमा

अमेरिका के नये राष्ट्रपति जो बाइडन ने ओवल ऑफ़िस (राष्ट्रपति कार्यालय) में अपनी पसंद के अनुसार कुछ बदलाव किये हैं.

बाइडन ने अपने कार्यालय में अमेरिकी इतिहास के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली नेताओं में से कुछ के चित्र और प्रतिमाएं लगायी हैं.

कई अमेरिकी विशेषज्ञ राष्ट्रपति बाइडन द्वारा लाये गए बदलावों का अध्ययन करने की कोशिश कर रहे हैं.

ओवल ऑफ़िस का संचालन देखने वालीं एशली विलियम्स ने राष्ट्रपति बाइडन के कार्यालय का दौरा करवाते हुए 'द वॉशिंगटन पोस्ट' अख़बार से कहा, "जो बाइडन के लिए यह महत्वपूर्ण था कि वे एक ऐसे दफ़्तर में बैठें जो असल अमेरिका जैसा दिखता हो और यह दिखाता है कि वे कैसे राष्ट्रपति हैं."

ओवल ऑफ़िस से अमेरिका के सातवें राष्ट्रपति एंड्र्यू जैक्सन का चित्र हटा दिया गया है. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एंड्र्यू जैक्सन में अपनी छवि देख पाते थे. जैक्सन पर भी कुछ आरोप लगे थे, हालांकि उनके ख़िलाफ़ कभी भी महाभियोग नहीं लाया गया था.

द रूज़वेल्ट डेस्क जिसपर बैठकर अमेरिकी राष्ट्रपति काम करते हैं, उसके बाईं ओर लगे एंड्र्यू जैक्सन के चित्र को हटाकर दार्शनिक, वैज्ञानिक और लेखक बेंजामिन फ़्रैंक्लिन की तस्वीर लगायी गई है जिन्हें 'अमेरिका के संस्थापकों' में से एक समझा जाता है.

कहा जा रहा है कि यह बदलाव राष्ट्रपति बाइडन की विज्ञान में रुचि को दर्शाता है और जो बाइडन वैज्ञानिक तरीकों से ही कोरोना महामारी को हराने की बात कहते रहे हैं.

जो बाइडन ने अपनी मेज़ के सामने मार्टिन लूथर किंग जूनियर और रॉबर्ट एफ़ केनेडी की प्रतिमाएं लगायी हैं, यानी वो दो लोग जिनका अमेरिका के नागरिक अधिकार आंदोलन में काफ़ी असर था. ग़ौर करें तो राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान जो बाइडन ने इन दोनों नेताओं की बातों का कई बार ज़िक्र किया था.

नागरिक अधिकारों के लिए काम करती रहीं रोज़ा पार्क्स और अब्राहम लिंकन की प्रतिमा को भी दफ़्तर में सजाया गया है.

ओवल ऑफ़िस में स्थित फ़ायर-प्लेस (अंगीठी) के ऊपर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति फ़्रैंकलिन डी रूज़वेल्ट का एक बड़ा-सा चित्र लगा है जिन्होंने वैश्विक मंदी और दूसरे विश्व युद्ध से अमेरिका को उभारा था.

उनके अलावा पूर्व राष्ट्रपति थॉमस जेफ़रसन, जॉर्ज वॉशिंगटन और अब्राहम लिंकन की तस्वीर भी इस कमरे में हैं.

ओवल ऑफ़िस के संचालकों के अनुसार, "विपरीत विचारधारा वाले नेताओं की तस्वीरों को एक साथ रखने से यह संकेत दिया गया है कि विचारों में विविधता का सम्मान होना चाहिए."

ओवल ऑफ़िस की नई तस्वीरें देखने के बाद, सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने यह नोटिस किया कि जो बाइडन की कुर्सी के पीछे रखी मेज़ पर उनके परिवार की तस्वीरों के साथ मैक्सिकन-अमेरिकी श्रमिक नेता सीज़र शावेज़ की प्रतिमा भी रखी हुई है.

शावेज़ ने 1960 और 1970 के दशक में खेतों में काम करने वाले श्रमिकों के अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी.

रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार को ओवल ऑफ़िस में लगे सुनहरे पर्दे भी हटा दिये गये जिन्हें डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2017 में अपने कार्यकाल की शुरुआत में लगवाया था.

कमरे में अब गहरे नीले रंग का कालीन लगाया गया है और पर्दों का रंग भी पहले से थोड़ा गहरा किया गया है.

द वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार ने लिखा है कि पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के दौर में भी ओवल ऑफ़िस का यही रंग था.

अमेरिकी फ़ौज की विभिन्न शाखाओं के झंडे भी अब ओवल ऑफ़िस से हटा दिये गए हैं. उनकी जगह पर अब अमेरिकी ध्वज है और साथ में राष्ट्रपति की मोहर वाला झंडा भी.

ब्रिटेन के युद्धकालीन नेता सर विंस्टन चर्चिल की एक विवादास्पद प्रतिमा को भी अमेरिकी राष्ट्रपति के दफ़्तर से हटाया गया है.

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती बराक ओबामा द्वारा इस प्रतिमा को हटाये जाने के बाद यह वादा किया था कि वे जब भी ओवल ऑफ़िस में बैठेंगे, उस प्रतिमा को ज़रूर अपने कार्यालय में लगायेंगे.

तब ब्रिटेन के तत्कालीन विदेश सचिव बोरिस जॉनसन जो अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री हैं, उन्होंने ओबामा पर 'ब्रिटिश साम्राज्य को पुश्तैनी रूप से नापसंद' करने का आरोप लगाया था.

इस बार, उनके प्रवक्ता ने कहा, "ओवल ऑफ़िस अमेरिकी राष्ट्रपति का निजी कार्यालय है और यह राष्ट्रपति के ऊपर है कि वे उसे कैसे सजाते हैं."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)