उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन ने अमेरिका को बताया सबसे बड़ा दुश्मन

किम जोंग उन

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उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने अमेरिका को अपना 'सबसे बड़ा दुश्मन' बताया है. साथ ही उन्होंने अधिक उन्नत परमाणु हथियारों की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया है.

किम जोंग उन की यह बात अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के लिए निश्चित रूप से एक चुनौती है, जो कुछ दिन बाद ही डोनाल्ड ट्रंप की जगह लेने वाले हैं.

किम जोंग उन ने राजधानी प्योंगयांग में सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए ये बात कही.

सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, किम ने इस बैठक में कहा कि व्हाइट हाउस में चाहे कोई भी आये, पर अमेरिका की शत्रुतापूर्ण नीतियाँ बदलने वाली नहीं हैं.

उन्होंने कहा, "हमारी विदेशी राजनीतिक गतिविधियों का ध्यान अमेरिका को दबाने की ओर होना चाहिए, जो हमारा 'सबसे बड़ा दुश्मन' है और हमारे विकास में मुख्य बाधा है."

विश्लेषकों का मानना है कि 'किम के ये बयान अमेरिका की नई सरकार पर दबाव बनाने का एक प्रयास हैं.'

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'और नये हथियार बनायेंगे'

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2020 के अपने चुनाव अभियान के दौरान यह कहते रहे कि 'किम के साथ उनके संबंध मधुर हैं और वे उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों को रोकने के लिए उनसे बात कर रहे हैं, जो अमेरिका के हित में है.' लेकिन उनके कार्यकाल में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत में कम ही प्रगति हुई.

लेकिन यह स्पष्ट हो जाने के बाद कि राष्ट्रपति ट्रंप अब व्हाइट हाउस में कुछ ही दिन के मेहमान हैं, किम जोंग उन की ओर से यह प्रतिक्रिया आयी है.

किम ने कहा है कि अमेरिका की प्रवृति और उसकी मौलिक नीतियाँ कभी भी उत्तर कोरिया के हित में बदलने वाली नहीं हैं.

उन्होंने साम्राज्यवाद-विरोधी और स्वतंत्र ताक़तों से अपने संबंध बेहतर बनाने की बात कही है.

उन्होंने कहा है कि "उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों का 'दुरुपयोग' नहीं करेगा, मगर वो परमाणु हथियारों का विस्तार कर रहे हैं. इनमें हमला करने की ज़बरदस्त क्षमता वाले, अलग-अलग साइज़ के वॉरहेड (मिसाइल का विस्फोटक हिस्सा) शामिल हैं."

किम ने हाइपरसॉनिक हथियारों, अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (आईसीबीएम), जासूसी सैटेलाइटों और ड्रोन सहित कई अन्य युद्धक उपकरणों को बनाने की बात कही है.

उन्होंने दावा किया कि उत्तर कोरिया कई नये हथियारों के परीक्षण और उत्पादन की तैयारी कर रहा है. उन्होंने बताया कि एक नयी परमाणु पनडुब्बी का शोधकार्य लगभग पूरा हो गया है.

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किम की आर्थिक योजना फेल रही

सोल की कोरिया यूनिवर्सिटी में उत्तर कोरिया अध्ययन के प्रोफ़ेसर यू हो-योल ने कहा, "किम ने आख़िर दिखा दिया कि उनके दिमाग़ में क्या है - पनडुब्बी, मिसाइलें, बेहतर आईसीबीएम और उन्नत हथियार. वे वही कह रहे हैं जो आगे चलकर अमेरिका को दिखेगा और जो तनाव को बढ़ा भी सकता है. या फिर ये बातचीत के दरवाज़ों को खोल भी सकता है."

अमेरिका के विदेश मंत्रालय की ओर से किम के इस बयान पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, जो बाइडन के कैंपेन प्रवक्ता ने फ़िलहाल इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

उत्तर कोरिया सख़्त आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद अपने हथियारों को बढ़ाने में काफ़ी कामयाब रहा है. मगर पिछले सप्ताह ही किम जोन उन ने स्वीकार किया था कि उनकी पार्टी ने उत्तर कोरिया के लिए जो पंच-वर्षीय आर्थिक योजना बनाई थी, वो लगभग सभी क्षेत्रों में नाकाम साबित हुई.

उत्तर कोरिया की सीमाएं पिछले साल जनवरी से बंद हैं. उत्तर कोरिया ने कोविड महामारी के मद्देनज़र अपनी सीमाएं बंद करने की घोषणा की थी. साथ ही यह दावा भी किया जाता रहा है कि उत्तर कोरिया में कोविड का कोई केस सामने नहीं आया है.

इस बार भी अमेरिका पर निशाना साधते हुए किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया को नहीं बख़्शा. उन्होंने कहा कि 'दक्षिण कोरिया को अमेरिका के साथ सैन्य अभ्यास करना और उससे हथियार ख़रीदना बंद कर देना चाहिए.'

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कड़वाहट के बीच बेहतर संबंधों की उम्मीद

इस पर दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि वो अब भी बेहतर उत्तर कोरिया-अमेरिका संबंधों की उम्मीद करते हैं और कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त करने की कोशिशें जारी रखेंगे.

किम की टिप्पणी आने के बाद मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "नई अमेरिकी सरकार आने के बाद अमेरिका-उत्तर कोरिया संबंधों को बेहतर बनाने का एक अच्छा अवसर हो सकता है और हम संबंधों को फिर से बहाल करने की उम्मीद करते हैं."

राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में उप-राष्ट्रपति रहे जो बाइडन ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान किम जोंग उन को 'ठग' कहा था.

साल 2019 में उत्तर कोरिया ने जो बाइडन को एक 'पागल कुत्ता' बताया था और कहा था कि 'उनकी छड़ी से पिटाई किये जाने की ज़रूरत है.'

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