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कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के कारण क्रिसमस से पहले ब्रिटेन में कड़े प्रतिबंध
कोरोना महामारी के कारण क्रिसमस से पहले ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने लंदन समेत कुछ और इलाक़ों में चौथे चरण के कड़े प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की है.
शनिवार रात हुए एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने स्पष्ट किया कि देश में त्योहार का मौसम इस बार पहले से अलग होगा. उन्होंने कहा कि "पहले जो योजना तैयार की गई थी उसके अनुसार इस बार हम क्रिसमस नहीं मना सकते."
उन्होंने कहा कि चौथे चरण के प्रतिबंध पूर्वी और दक्षिण पूर्वी इंग्लैंड के कुछ इलाक़ों समेत लंदन में रविवार से लागू होंगे.
सरकार ने क्रिसमस के दौरान पाबंदियों में पांच दिन की छूट देने की घोषणा की थी. लेकिन अब इसे कम कर के केवल एक दिन कर दिया गया है.
जिन इलाक़ों में चौथे चरण के प्रतिबंध लागू किए गए हैं वहां लोगों को घरों पर ही रहने, ज़रूरत न होने पर घर से बाहर न निकलने, अपने इलाक़े से बाहर न जाने और दूसरे इलाक़ों के लोगों से न मिलने के लिए कहा गया है. साथ ही ये भी कहा गया है कि इन इलाक़ों में घर से बाहर निकल कर सार्वजनिक जगहों पर एक व्यक्ति केवल एक ही व्यक्ति से मुलाक़ात करे.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन इलाक़ों में चौथे चरण के प्रतिबंध लागू हैं वहां रहने वाले लोग क्रिसमस के दिन भी बाहरी लोगों से न मिलें और जिन इलाकों में ये प्रतिबंध नहीं हैं वहां क्रिसमस के मौक़े पर केवल तीन परिवार ही साथ आएं.
ये पाबंदियां फिलहाल दो सप्ताह तक लागू रहेंगी जिसके बाद 30 दिसंबर को एक बार फिर स्थिति का आकलन किया जाएगा.
नए वेरिएंट के कारण बिगड़ी स्थिति
राजनीति संवाददाता निक यर्डली कहते हैं कि सरकार का मानना है कि क्रिसमस से पहले बीते 72 घंटों में हालात काफी बदल गए हैं.
बीती रात कोरोना वायरस के कारण पैदा हुई स्थिति के बारे में चर्चा करने के लिए सरकार ने एक आपात बैठक बुलाई थी जिसमें ये फ़ैसला लिया गया था कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार को कड़ी पाबंदियां लगानी होंगी.
लंदन में मौजूद बीबीसी संवाददाता गगन सभरवाल ने बताया कि शुक्रवार को कोराना संक्रमण के नए आंकड़े सामने आने के बाद प्रधानमंत्री को इस दिशा में कदम लेने के लिए बाध्य होना पड़ा है. शुक्रवार को कोरोना संक्रमण के सप्ताहिक आंकड़ों में साठ फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है.
प्रधानमंत्री ने कहा है कि कोरोना वायरस का एक नया वेरिएंट (स्ट्रेन) अब देश में अपने पैर पसार रहा है जो पहले से ज़्यादा तेज़ी से फैलता है. इस नए वेरिएंट के कारण अस्पतालों में मरीज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, हालांकि इससे अधिक मौतें नहीं हो रहीं.
साथ ही उन्होंने कहा कि "अगर वायरस हमला करने की अपनी रणनीति बदलता है तो हमें भी बचाव की अपनी रणनीति बदलनी होगी."
गगन बताती हैं कि प्रधानमंत्री नमे कहा कि कोरोना वायरस का ये वेरिएंट अब तक दो देशों में पाया गया है. हालांकि सरकार ने अब तक ये पुष्टि नहीं ब्रिटेन के अलावा कौन से देशों में वायरस का वेरिंएट मिला है.
सरकार का कहना है कि ब्रिटेन ने वायरस के नए वेरिएंट के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन को जानकारी दी है ताकि अन्य देश अगर चाहें तो ब्रितानियों के अपने देश में आने पर पाबंदी लगा सकते हैं.
70 फीसदी अधिक संक्रामक है वेरिएंट
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि वायरस का ये नया वेरिएंट कोविड-19 बीमारी का कारण बनता है और 70 फीसदी अधिक संक्रामक हो सकता है.
संवाददाता सम्मेलन के दौरान सरकार के चीफ़ साइंटिफ़िक एडवाइज़र सर पैट्रिक वैलेन्स से जब इस नए वेरिएंट की उत्पत्ति के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "वायरस हमेशा अपना रूप बदलता रहता है और दुनिया भर में इसके कई नए रूप मिल सकते हैं. लेकिन ये एक ख़ास वेरिएंट है जो अधिक महत्वपूर्ण है."
"हमें लगता है कि और भी देशों वायरस का ये वेरिएंट होगा लेकिन ब्रिटेन में ये महामारी का कारण बन गया है. हो सकता है कि इसकी शुरूआत यहीं से हुई हो, फिलहाल हमें इस बार में पुख्ता तौर पर जानकारी नहीं है."
उन्होंने कहा इस वेरिएंट में क्या बदला है और वो अध़िक ख़तरनाक है या नहीं ये समझने के लिए इसकी फिर से सीक्वेंसिग की ज़रूरत होगी और इस पर वैश्विक स्तर पर काम चल रहा है.
बढ़ाया जाएगा टीकाकरण अभियान
बीबीसी से स्वास्थ्य संवाददाता निक ट्रिगल कहते हैं कि लंदन में नवंबर के मध्य में वायरस के इस नए वेरिएंट के कारण 28 फीसदी मामले दर्ज किए गए थे जो अब बढ़ कर 60 फीसदी से अधिक हो गए हैं.
ये आंकड़ा बताता है कि दूसरे लॉकडाउन के दौरान लंदन में कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से क्यों बढ़ गए और कुछ इलाक़ों में प्रतिबंध लगाने का लाभ क्यों नहीं मिल पाया.
निक बताते हैं कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ टीकारण अभियान शुरू हो चुका है और प्रधानमंत्री का कहना है कि बीते दो सप्ताह में 35,000 लोगों को कोरोना का टीका दिया जा चुका है.
आने वाले सप्ताह में टीकाकरण करने वाले क्लिनिक्स की संख्या में इज़ाफा किया जाएगा और एक बार ऑक्सफ]र्ड की वैक्सीन आने के बाद बड़े पैमाने पर टीकाकरण के लिए स्टेडियम और कॉन्फ्रेंस सेंटर्स को भी टीकाकरण क्लिनिक में तब्दील किया जाएगा.
इस तरह आने वाले दिनों में बीस लाख लोगों को टीका दिया जा सकता है.
स्कॉटलैंड और वेल्स में भी कड़ी पाबंदियां
स्कॉटलैंड की फर्स्ट मिनिस्टर निकोला स्टर्जन ने स्कॉटलैंड के पूरे मेनलैंड में कोरोना के कारण कड़ी पाबंदियों की घोषणा की है.
उन्होंने कहा कि क्रिसमस के दौरान स्कॉटलैंड से इंग्लैड जाने पर सख्त पाबंदी लागू की जाएगी. उन्होंने कहा, "स्कॉटलैंड में रहने वालों को ब्रिटेन या फिर ब्रिटेन में रहने वालों को इस दौरान स्कॉटलैंड नहीं आना चाहिए."
साथ ही उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर भी पाबंदी लगाई जानी चाहिए जिसके बारे में सरकार जल्द दिशानिर्देश जारी करेगी.
यहां भी चौथे चरण के प्रतिबंध लगाए गए हैं और लोगों से आपस में मिलने जुलने और घरों से बाहर निकलने को लेकर रोक लगाई गई है.
ये प्रतिबंध कम से कम तीन सप्ताह तक लागू रहेंगे.
निकोला स्टर्जन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा है कि स्कॉटलैंड में वायरस के नए वेरिएंट के 17 मामले दर्ज किए गए हैं लेकिन हो सकता है कि असल में संक्रमण के मामले इससे अधिक हों.
उन्होंने कहा ये आंकड़ा सुनने में कम लगता है कि लेकिन इससे बड़ा ख़तरा हो सकता है और हम वक्त रहते "कड़े कदम उठाने होंगे."
उन्होंने कहा कि "इस नए वेरिएंट के कारण महामारी के शुरू होने के बाद से शायद हम अब सबसे ख़तरनाक मोड़ पर हैं."
वेल्स में भी शनिवार रात से सख्त लॉकडाउन लागू कर दिया गया है और सिर्फ क्रिसमस के दिन के लिए लॉकडाउन में ढील देने की घोषणा की गई है.
कोरोना वायरस के नए वेरिएंट को लेकर हुई आपात बैठक के बाद वेल्स के फर्स्ट मिनिस्टर मार्क ड्रेकफोर्ड ने कहा कि "मुझे यकीन है कि 2021 एक अलग और बेहतर साल होगा. हमारी अर्थव्यवस्था फिर से दुरुस्त हो जाएगी और क्रिसमस एक बार फिर आएगा."
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