अमरीका चुनाव 2020: ट्रंप और बाइडन का इन आठ मुद्दों पर क्या है स्टैंड

ट्रंप बाइडेन

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अमरीकी मतदाताओं के सामने राष्ट्रपति पद के लिए विकल्प हैं मौजूदा राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन.

आइए एक नज़र डालते हैं कि चुनाव के आठ प्रमुख मुद्दों पर उनकी नीतियाँ क्या हैं.

कोरोना वायरस
कोरोना वायरस

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राष्ट्रपति ट्रंप ने जनवरी के आख़िर में ही कोरोना वायरस को लेकर एक टास्क फ़ोर्स का गठन किया था. ट्रंप का कहना है कि अब इस टास्क फ़ोर्स का ध्यान लोगों की सुरक्षा और देश की अर्थव्यवस्था को कैसे खोला जाए, इन पर केंद्रित है.

राष्ट्रपति ट्रंप कोरोना वायरस के इलाज और उसकी वैक्सीन विकसित करने को अपनी प्राथमिकता बना रहे हैं. इसके लिए वे 10 अरब डॉलर का फंड भी दे रहे है.

दूसरी ओर जो बाइडन एक नेशनल कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग प्रोग्राम का गठन करना चाहते हैं. वे हर प्रांत में कम से कम 10 टेस्टिंग सेंटर भी स्थापित करना चाहते हैं और ये भी चाहते हैं कि सभी की मुफ़्त में जाँच हो.

वे मास्क के इस्तेमाल पर राष्ट्रव्यापी नीति की भी बात करते हैं, जिसमें सार्वजनिक जगहों पर अपने चेहरे को ढँकना होगा.

जलवायु परिवर्तन
जलवायु परिवर्तन

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राष्ट्रपति ट्रंप जलवायु परिवर्तन को लेकर हमेशा से संदेह प्रकट करते रहे हैं. वे ऊर्जा के ऐसे स्रोत का विस्तार करना चाहते हैं, जिनका एक बार ही इस्तेमाल होता है.

उनका लक्ष्य है तेल और गैस निकालने का काम तेज़ करना. पर्यावरण से संबंधित जो सुरक्षा दी गई है, उसे वे वापस लेना चाहते हैं.

वे पेरिस जलवायु समझौते से हटने को लेकर प्रतिबद्ध हैं. पेरिस समझौता जलवायु परिवर्तन से निपटने को लेकर है. लेकिन इस साल के आख़िर में अमरीका इस समझौते से औपचारिक रूप से हट जाएगा.

जो बाइडन का कहना है कि अगर वे राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाते हैं, तो तुरंत ही वे फिर पेरिस समझौते में शामिल हो जाएँगे.

वे चाहते हैं कि अमरीका 2050 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य के स्तर तक ले जाए. साथ ही उनका प्रस्ताव है कि सार्वजनिक जगहों पर तेल और गैस निकालने के लिए नए लीज पर रोक लगाई जाए. साथ ही वे ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में दो ट्रिलियन डॉलर के निवेश का प्रस्ताव भी रख रहे हैं.

अर्थव्यवस्था
अमरीकी अर्थव्यवस्था

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राष्ट्रपति ट्रंप ने 10 महीनों में एक करोड़ नौकरियों के अवसर पैदा करने का वादा किया है. साथ ही ये भी कहा है कि 10 लाख नए छोटे उद्योग भी स्थापित किए जाएँगे.

वे आयकर में कटौती भी करना चाहते हैं और कंपनियों को टैक्स क्रेडिट देना चाहते हैं ताकि उन्हें अमरीका में नौकरियों में कटौती न करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके.

दूसरी ओर जो बाइडन उच्च आय वर्ग के लिए टैक्स बढ़ाना चाहते हैं ताकि सार्वनजिक सेवाओं में निवेश किया जा सके. लेकिन उनका कहना है कि आयकर में बढ़ोत्तरी सिर्फ़ उनके लिए होगी, जो सालाना चार लाख डॉलर से ज़्यादा कमाते हैं.

बाइडन राष्ट्रीय स्तर पर न्यूनतम मज़दूरी बढ़ाकर 15 डॉलर प्रति घंटे करना चाहते हैं. फ़िलहाल ये प्रति घंटे 7.25 डॉलर है.

स्वास्थ्य वय्वस्था
बराक ओबामा

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति ओबामा के समय पारित अफ़ोर्डेबल केयर एक्ट (एसीए) को ख़त्म करना चाहते हैं. इस एक्ट के तहत निजी स्वास्थ्य बीमा सिस्टम में संघीय सरकार के नियंत्रण को बढ़ा दिया गया था.

साथ ही पहले से ही बीमार लोगों के लिए बीमा कवरेज न देने को ग़ैर क़ानूनी बना दिया गया था. डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वे इसमें सुधार करके इसे बदलना चाहते हैं.

हालाँकि उनकी योजना क्या है, इस बारे में कोई जानकारी अभी सामने नहीं आई है. राष्ट्रपति ट्रंप का लक्ष्य दवा की क़ीमतों को कम करना भी है. इसके लिए वे बाहर से सस्ती दवाओं के आयात की अनुमति देना चाहते हैं.

लेकिन जो बाइडन ओबामा के एसीए को न सिर्फ़ बचाना चाहते हैं, बल्कि उसका विस्तार भी करना चाहते हैं.

बाइडन मेडिकेयर के लिए आयु सीमा को 65 से घटाकर 60 करना चाहते हैं. मेडिकेयर के तहत बुज़ुर्गों को चिकित्सा सुविधा मिलती है. वे ये भी चाहते हैं कि सभी अमरीकियों को मेडिकेयर की तरह पब्लिक हेल्थ इंश्योरेंस में पंजीकृत होने का विकल्प दिया जाए.

विदेश नीति
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना वादा दोहराया है कि वे विदेश में मौजूद अमरीकी सैनिकों की संख्या में कमी करेंगे. साथ ही वे सेना में निवेश भी करेंगे.

ट्रंप ने ये भी कहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों को चुनौती देना जारी रखेंगे और चीन पर व्यापार शुल्क भी बनाए रखेंगे.

लेकिन जो बाइडन का कहना है कि वे सहयोगी देशों के साथ रिश्तों में सुधार करेंगे.

उनका ये भी कहना है कि वे चीन पर एकतरफ़ा शुल्क नहीं लगाएँगे. इसके बजाए वो एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के साथ चीन को जवाबदेह बनाएँगे और चीन इसकी अनदेखी भी नहीं कर पाएगा.

नस्लवाद के ख़िलाफ़ प्रदर्शन
नस्लवाद के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

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राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि वे नहीं मानते कि नस्लवाद अमरीकी पुलिस फ़ोर्स में व्यवस्था से जुड़ी समस्या है.

वे क़ानून व्यवस्था को लागू करने के बड़े पक्षधर के रूप में दिखना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने सख़्त क़दमों का विरोध किया है और बेहतर कार्यप्रणाली के लिए अनुदान की पेशकश की है.

दूसरी ओर जो बाइडन नस्लवाद को एक व्यवस्थागत समस्या के रूप में देखते हैं. उन्होंने न्याय व्यवस्था में नस्लवादी असमानता को दूर करने के लिए नीतियाँ निर्धारित की हैं, जिनमें क़ैदियों की संख्या कम करने को लेकर प्रांतों को प्रोत्साहन देने की बात है.

पुलिस को फंड न देने की मांग को उन्होंने ख़ारिज किया है और कहा है कि इसके बदले उचित स्टैंडर्ड बनाए रखने के लिए अतिरिक्त संसाधन दिए जाने चाहिए.

बंदूक
अमरीका में गन कंट्रोल

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राष्ट्रपति ट्रंप ने अमरीकी संविधान के दूसरे संशोधन की अपने नज़रिए से व्याख्या की है, जिसमें अमरीकियों को हथियार रखने के अधिकार को लेकर सुरक्षा दी गई है.

उन्होंने 2019 में गोलीबारी की कई घटनाओं के बाद बंदूक़ ख़रीदने वालों की पृष्ठभूमि की जाँच कड़ाई से करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन योजना के बारे में कुछ भी पता नहीं चला और न ही कोई क़ानून ही बनाया गया.

जो बाइडन ने असॉल्ट राइफ़ल बैन करने, समान रूप से सबका बैकग्राउंड चेक करने, प्रति महीने प्रति व्यक्ति बंदूक ख़रीदने की संख्या सीमित करने और लापरवाह बंदूक निर्माताओं और विक्रेताओं पर मुकदमा करना आसान बनाने का प्रस्ताव रखा है.

बाइडन बंदूक से होने वाली हिंसा को रोकने के लिए और रिसर्च कराना चाहते हैं और इसे फंड करने को भी तैयार हैं.

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अपने मौजूदा कार्यकाल के दौरान सुप्रीम कोर्ट में ख़ाली पद को भरना उनका संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने एमी कोनी बैरेट का नाम आगे किया है.

अमरीका में अबॉर्शन को क़ानूनी अधिकार बनाने पर सुप्रीम कोर्ट को जल्द ही फ़ैसला करना है. ये एक मुद्दा इसलिए बन गया है क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप और जज बैरेट पहले इसके विरोध में अपने विचार रख चुके हैं.

जो बाइडन का कहना है कि कोर्ट के ख़ाली पद उस समय भरे जाने चाहिए, जब नया राष्ट्रपति अपना पद संभाल ले.

बाइडन का कहना है कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने अबॉर्शन को क़ानूनी अधिकार बनाने के ख़िलाफ़ फ़ैसला दिया, तो वे चुने जाने पर महिलाओं को अबॉर्शन के अधिकार की गारंटी देने वाले विधेयक को पास करने के लिए काम करेंगे.

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