पाकिस्तान: विपक्षी पार्टियों की एकजुटता को पीएम इमरान ने बताया 'डाकुओं की एकता': उर्दू प्रेस

    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते इमरान ख़ान और विपक्ष का एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप, नवाज़ शरीफ़ का केस, एक धर्मगुरु की हत्या और कोरोना से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में थीं.

पाकिस्तान में सरकार और विपक्ष आमने-सामने है और दोनों एक दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं. प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने विपक्षी पार्टियों की एकजुटता पर हमला करते हुए उन्हें 'डाकुओं की एकता' बताया है.

अख़बार जंग के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा कि "सारे बेरोज़गार राजनेता इकठ्ठे हो गए हैं. यह डाकुओं की एकता है. विपक्ष जितनी मर्ज़ी जलसे-जुलूस कर ले, लेकिन क़ानून तोड़ने पर सीधा जेल जाएंगे और ये जेल वीआईपी जेल नहीं होगी, आम क़ैदियों वाली जेल होगी."

दरअसल पाकिस्तान में सभी प्रमुख विपक्षी पार्टियों ने मिलकर पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) का गठन किया. विपक्ष इमरान सरकार के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहा है और उनके इस्तीफ़े की माँग कर रहा है.

इमरान ख़ान भी विपक्ष पर ज़ोरदार हमले कर रहे हैं और ख़ासकर नवाज़ शरीफ़ को निशाना बना रहे हैं.

अख़बार के अनुसार इमरान ख़ान ने विपक्षी पार्टियों पर हमला करते हुए कहा, "विपक्ष का मसला लोकतंत्र नहीं बल्कि भ्रष्टाचार बचाना है. लोकतंत्र तो मैं हूं. देश तरक़्क़ी कर रहा है, इसलिए विपक्ष को सरकार गिराने की जल्दी है."

इमरान ख़ान के निशाने पर नवाज़ शरीफ

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ पर निशाना साधते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि नवाज़ शरीफ़ सेना को पंजाब पुलिस बनाना चाहते हैं.

वकीलों के एक संगठन के ज़रिए आयोजित किए गए एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इमरान ख़ान ने कहा, "नवाज़ शरीफ़ सेना को पंजाब पुलिस बनाना चाहते हैं. जब यह सत्ता में होते हैं तो सारी संस्थाओं पर क़ाबू कर लेते हैं. आईएसआई (पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी) को क़ाबू करने की कोशिश करते हैं तो लड़ाई होती है. यही वजह है कि किसी भी सेना प्रमुख से उनकी (नवाज़ शरीफ़) नहीं बनी."

इमरान ख़ान ने एक बार फिर दोहराया कि उन्हें सेना से कोई परेशानी नहीं है और सेना हर जगह सरकार के साथ खड़ी है.

नवाज़ शरीफ़ भ्रष्टाचार के मामले में दोषी क़रार दिए जा चुके हैं लेकिन इन दिनों अपनी ख़राब सेहत का इलाज कराने के लिए लंदन में हैं.

भ्रष्टाचार निरोधक संस्था नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (नैब) ने भ्रष्टाचार के एक मामले में नवाज़ शरीफ़ को अदालत में हाज़िर होने के आदेश दिए थे. नवाज़ शरीफ़ हाज़िर नहीं हुए जिसके बाद नैब ने उनके पासपोर्ट और पहचान पत्र को ब्लॉक करने की सिफ़ारिश की है. नैब ने उन्हें भगोड़ा और ईनामी मुजरिम क़रार देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.

इसके अलावा पाक सरकार ने नवाज़ शरीफ़ के भाई और मुस्लिम लीग (नून) के अध्यक्ष शहबाज़ शरीफ़ की पत्नी और दो बेटों समेत कुल 10 लोगों के नाम ईसीएल (एग्ज़िट कंट्रोल लिस्ट) में डाल दिए हैं जिसका मतलब है कि यह लोग देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं. आय से ज़्यादा संपत्ति के मामले में शहबाज़ शरीफ़ की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज होने के बाद नैब ने उन्हें 28 सितंबर को लाहौर हाईकोर्ट से गिरफ़्तार कर लिया था.

लेकिन सरकार की इन कार्रवाइयों से विपक्ष घबरा नहीं रहा है और इमरान ख़ान पर उसके हमले कम नहीं हो रहे हैं.

अख़बार दुनिया के अनुसार मुस्लिम लीग (नून) ने जवाबी हमला करते हुए कहा है, "हमें बदले की कार्रवाई का निशाना बनाकर अगर समझते हैं कि सरकार बच जाएगी तो ऐसा नहीं है. यह सरकार अब नहीं बचेगी."

अख़बार के अनुसार एक और विपक्षी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने भी कहा है कि इमरान सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने इमरान ख़ान पर हमला करते हुए कहा, "यह मुल्क आपका बोझ बर्दाश्त नहीं कर सकता. अवाम तो नहीं घबरा रही है लेकिन वक़्त आ गया है कि इमरान ख़ान को घबराना पड़ेगा."

बिलावल भुट्टो ने कहा कि कठपुतली सरकार से न पहले डरे हैं और न अब डरेंगे. बिलावल ने शहबाज़ शरीफ़ समेत विपक्ष के तमाम नेताओं की तुरंत रिहाई की माँग की.

सुन्नी धर्मगुरु की हत्या, भारत पर आरोप

कराची स्थित पाकिस्तान के एक मशहूर सुन्नी मदरसे जामिया फ़ारूक़िया के प्रमुख मौलाना आदिल फ़ारूक़ी की शनिवार शाम कुछ अज्ञात बंदूक़धारियों ने गोली मार कर हत्या कर दी. हमले में उनके ड्राइवर की भी मौत हो गई है.

पाकिस्तान में उनकी हैसियत क्या थी इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और सेना प्रमुख समेत सभी महत्वपूर्ण लोगों ने उनकी मौत पर अफ़सोस जताया है.

लेकिन इमरान ख़ान ने इसके लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहराया है.

इमरान ख़ान ने ट्वीट कर कहा, "मौलाना आदिल फ़ारूक़ी की कराची में शनिवार शाम हुई टारगेट किलिंग की मैं निंदा करता हूं. मेरी सरकार को इस बात की जानकारी है और मैं टीवी पर कई बार कह चुका हूं कि पिछले तीन महीनों से भारत शिया-सुन्नी धर्मगुरुओं की टारगेट किलिंग करवा कर देश भर में साम्प्रदायिक हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहा है."

कोरोना महामारी

पाकिस्तान दुनिया के उन चंद देशों में शामिल है जहां कोरोना वायरस संक्रमण के मामले में स्थिति बेहतर है, हालांकि पिछले कुछ दिनों से यहां मामले बढ़ रहे हैं.

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण के कुल मामले अब तक तीन लाख 17 हज़ार 934 हैं. उनमें से तीन लाख दो हज़ार 708 मरीज़ पूरी तरह ठीक हो चुके हैं. अब तक कोरोना से 6554 लोगों की मौत हो चुकी है. पिछले 24 घंटों में पाँच लोगों की मौत हुई है और 624 नए मामले सामने आए हैं.

कोरोना पर नज़र रखने के लिए बनाए गए संगठन नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर (एनसीओसी) के अनुसार फ़िलहाल 8,672 लोग संक्रमित हैं. पाकिस्तान में लॉकडाउन पूरी तरह से ख़त्म हो चुका है लेकिन हाल के दिनों में शादी घरों से नए मामले सामने आए हैं.

एनसीओसी ने शादी घरों के लिए लिए सख़्त गाइडलाइन्स जारी किए हैं.

शादी घरों में शाम आठ से 10 बजे तक केवल दो घंटों तक मेहमानों को रहने की इजाज़त दी गई है. अगर आयोजन इंडोर है तो अधिकतम 300 लोग जमा हो सकते हैं और आउटडोर में अधिकतम 500 लोगों के जमा होने की अनुमति दी गई है.

एनसीओसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन जगहों पर सरकारी दिशा निर्देश का सख़्ती से पालन किया जाए. कोरोना गाइडलाइन्स का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)