अमरीका ने रूस से झड़प के बाद सीरिया में सैन्य ताकत बढ़ाई

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रूसी सेना के साथ हुई झड़पों के बाद अमरीका ने सीरिया में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है.

अमरीका ने बताया कि छह ब्रैडले फाइटिंग वाहन और 100 सैनिक सीरिया की उत्तर-पूर्वी सीमा पर तैनाती का हिस्सा थे.

अमरीका और रूस की पेट्रोलिंग सैन्य टुकड़ियों के बीच इस साल कई झड़पें हुई हैं. अमरीकी नौसेना के कैप्टन बिल अर्बन के मुताबिक ये फ़ैसला "गठबंधन बलों की सुरक्षा और सेक्युरिटी सुनिश्चित करेगा."

उन्होंने बताया कि फ़ाइटर वाहनों के अलावा अमरीका ने 'सेंटिनल रडार' भी लगाए हैं और "अमरीकी लड़ाकू विमानों की पेट्रोलिंग" भी बढ़ा दी गई है.

अमरीकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता अर्बन ने शुक्रवार को अपने बयान में कहा, "अमरीका सीरिया में किसी भी और सेना के साथ झड़प नहीं चाहता, लेकिन अगर ज़रूरत पड़ी तो गठबंधन सेना को डिफेंड करेगा."

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अर्बन ने रूसी सेना का नाम नहीं लिया लेकिन एक अमरीकी अधिकारी का एनबीसी न्यूज़ को दिए गए दूसरे बयान में थोड़ी अधिक जानकारियां दीं.

अधिकारी ने बताया, "ये कार्रवाई और बदलाव रूस और दूसरे गुटों के लिए एक सीधा संकेत है कि वो उत्तर-पूर्वी सीमा पर तनाव कम करने की साझा कोशिशों में साथ दें ताकि अव्यवसायिक, असुरक्षित और उत्तेजक कार्रवाई से बचा जा सके.

एनबीसी न्यूज़ ने उस अधिकारी के हवाले से बताया अमरीका ने ये वाहन और सेना रूस को एक सिक्युरिटी एरिया में अंदर जाने से रोकने के लिए भेजा है.

अमरीका और रूस के बीच पिछले कुछ सालों में विवाद होते रहे हैं, लेकिन कुछ हफ़्तों से उत्तर पूर्वी सीरिया में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है.

अगस्त महीने के अंत में रूस के एक वाहन से टक्कर में सात अमरीकी सैनिक घायल हो गए थे. रूस और अमरीकी सरकारों ने इसके लिए एक-दूसरे को ज़िम्मेदार ठहराया. इस टक्कर की रिकॉर्डिंग ट्विटर पर पोस्ट भी की गई थी.

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अमरीका के मुताबिक रूस के सैनिक एक 'सिक्सुरिटी ज़ोन' में घुस गए थे, जिसमें नहीं जाने के लिए वो पहले सहमत हुए थे. हालांकि रूस ने कहा कि उन्होंने अमरीका को पहले ही चेतावनी दी थी कि वो उस इलाके में पेट्रोलिंग करेंगे.

इस इलाके में अमरीका के 500 सैनिक हैं. हालांकि ये संख्या पहले के मुकाबले काफ़ी कम है. ये तैनाती आइएस से किसी तरह के ख़तरे से निपटने के लिए है.

रूस सीरिया सरकार का साथ देता है जबकि अमरीका कुर्दिश लड़ाकों के साथ है.

अक्तूबर 2019 में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1000 अमरीकी सैनिकों को हटाने का फ़ैसला किया था जो कि कुर्द लड़ाकों की अगुवाई वाले सीरियन डेमेक्रेटिक फोर्सस एलायंस का साथ दे रहे थे.

कुछ महीनों के बाद ट्रंप ने कहा कि उन्होंने फ़ैसला किया है कि कुछ सैन्य टुकड़ियां तेल के कुएं की सुरक्षा के लिए वहां रहेंगी.

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