पाकिस्तान: जनरल आसिम बाजवा को घेरने वाले पाकिस्तानी पत्रकार को कहा जा रहा है ग़द्दार

आसिम बाजवा परिवार पर लगे गंभीर आरोप

इमेज स्रोत, Anadolu Agency

इमेज कैप्शन, जनरल आसिम बाजवा
    • Author, रजनीश कुमार
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान की सेना और सरकार आजकल एक पत्रकार की रिपोर्ट से विवादों में घिरी हुई है. रिपोर्ट में लेफ़्टिनेंट जनरल आसिम सलीम बाजवा (रिटायर्ड) पर गंभीर आरोप हैं.

जनरल आसिम बाजवा प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के विशेष सहायक और सीपीईसी यानी चाइना पाकिस्तान इकॉनॉमिक कॉरिडोर के चेयरमैन भी हैं. बाजवा और उनके परिवार पर बेतहाशा संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं. बाजवा ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है.

लेकिन पाकिस्तानी पत्रकार अहमद नूरानी का कहना है कि उन्हें इस रिपोर्ट के बाद ग़द्दार और भारतीय एजेंट कहा जा रहा है.

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, ''एक न्यूज़ चैनल ने मेरी तस्वीर लगाकर मुझे ग़द्दार और भारतीय एजेंट कहा है. मेरी हत्या की कोशिश की जा रही है और लगातार ऐसी धमकियाँ भी मिल रही हैं. इन धमकियों को लेकर पत्रकार भी साथ नहीं दे रहे हैं और यहाँ तक कि इस्लामाबाद प्रेस क्लब ने भी इन धमकियों की निंदा में एक शब्द नहीं कहा है.''

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

पाकिस्तान में सेना के ख़िलाफ़ रिपोर्टिंग करना इतना आसान काम नहीं है. इस रिपोर्ट के बाद अहमद नूरानी अब निशाने पर हैं.

27 अगस्त को अहमद नूरानी की एक रिपोर्ट पाकिस्तानी खोजी वेबसाइट फ़ैक्ट फ़ोकस में विस्तार से छपी थी. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कैसे प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के विशेष सहायक और लेफ़्टिनेंट जनरल आसिम सलीम बाजवा (रिटायर्ड) के परिवार की संपत्ति दिन दोगुना रात चौगुना होती गई.

वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान सरकार के ख़िलाफ़ न्यूयॉर्क से लेकर लंदन तक क्यों हुए विरोध प्रदर्शन?

जनरल आसिम बाजवा सीपीईसी यानी चाइना पाकिस्तान इकॉनॉमिक कॉरिडोर के चेयरमैन भी हैं. इस रिपोर्ट के बाद शुक्रवार को बाजवा ने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के विशेष सहायक के पद से इस्तीफ़़ा दे दिया. लेकिन बाद में इमरान ख़ान ने उनका इस्तीफ़ा नामंज़ूर कर दिया और उन्हें अपना काम जारी रखने को कहा है.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने अपने बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान आसिम बाजवा की ओर से पेश साक्ष्य और स्पष्टीकरण से संतुष्ट हैं, इसलिए प्रधान मंत्री ने उन्हें विशेष सहायक के रूप में अपना काम जारी रखने का निर्देश दिया है.

दूसरी ओर जनरल आसिम बाजवा ने इस रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों से पूरी तरह इनकार किया है.

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

जनरल आसिम बाजवा पर आरोप क्या हैं?

आसिम बाजवा परिवार पर लगे गंभीर आरोप

इमेज स्रोत, FACT FOCUS

फ़ैक्ट फ़ोकस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, ''पहले अमरीका और फिर पाकिस्तान में बाजवा परिवार के कारोबारी साम्राज्य की तरक़्क़ी और जनरल आसिम सलीम बाजवा की ताक़त का बढ़ना कोई संयोग नहीं है. अभी बाजवा चीन के वित्त-पोषित इन्फ़्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट सीपीईसी के चेयरमैन हैं. जनरल आसिम बाजवा के छोटे भाइयों ने 2002 में पापा जॉन्स पिज़्‍ज़ा रेस्तरां खोला. इसी साल बाजवा जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के लिए लेफ़्टिनेंट कर्नल के तौर पर काम करने गए थे.''

''नदीम बाजवा (53) ने डिलिवरी ड्राइवर नाम से एक पिज़्ज़ा रेस्तरां फ़्रैंचाइजी खोला. इसका मालिकाना हक़ आसिम बाजवा की पत्नी, बेटों और भाइयों के पास है. इन्होंने चार देशों में कुल 99 कंपनियाँ बनाईं. इनमें एक पिज़्ज़ा फ्रेंचाइज़ी भी है, जिसके 133 रेस्तरां हैं और अनुमान के मुताबिक़ यह पूरा कारोबार 39.9 अरब डॉलर का है. कुल 99 कंपनियों में 66 मुख्य कंपनियाँ हैं और 33 कंपनियों के ब्रांच हैं और पाँच कंपनियाँ अब अस्तित्व में नहीं हैं.''

वीडियो कैप्शन, दाऊद मामले पर पाक की सफ़ाई

आरोप ये भी है कि बाजवा परिवार कई कंपनियों के ज़रिए कारोबार कर रहा था, जिसका नाम बाजको ग्रुप दिया गया था.

जनरल आसिम बाजवा के बेटों ने बाजको ग्रुप 2015 में ज्वाइन किया. इन्होंने भी पाकिस्तान और अमरीका में बाजको ग्रुप का विस्तार शुरू किया. यह सब तब हो रहा था, जब बाजवा आईएसपीआर के डाइरेक्टर जनरल बन गए और दक्षिणी कमांड के कमांडर.

आरोप ये भी है कि शुरुआत से ही बाजवा की पत्नी सभी कारोबार में शेयरहोल्डर थीं.

दावा ये भी किया गया है कि अभी बाजवा की पत्नी फ़ारुख़ ज़ेबा 82 विदेशी कंपनियों समेत कुल 85 कंपनियों से जुड़ी हैं या तो शेयरहोल्डर हैं. इनमें से 71 कंपनियाँ अमरीका, सात यूएई और चार कनाडा में हैं. अमरीकी सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार कुछ कंपनियों का मालिकाना हक़ जनरल बाजवा की पत्नी के पास है.

इसके अलावा यहाँ के रीयल एस्टेट में भी इनका निवेश है. अमरीका में कुल 13 कॉमर्शियल प्रॉपर्टी हैं, जिनमें से दो शॉपिंग सेंटर हैं. अनुमान के अनुसार इनके कुल कारोबार और प्रॉपर्टी की क़ीमत पाँच करोड़ 27 लाख डॉलर है.

क्या कहना है जनरल आसिम बाजवा का

इमरान ख़ान

इमेज स्रोत, PM HOUSE PAKISTAN

पूरे मामले पर जनरल आसिम बाजवा ने भी स्पष्टीकरण में एक ट्वीट किया है और कुछ नोट्स के ज़रिए आरोपों को ख़ारिज किया है. अपने ट्वीट में जनरल बाजवा ने लिखा है, ''मेरे और मेरे परिवार पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं. मेरी प्रतिष्ठा पर चोट करने की एक और कोशिश की गई है. मैंने हमेशा से पाकिस्तान के लिए गर्व और मर्यादा के साथ काम किया है.''

जनरल बाजवा ने संपत्ति की घोषणा करते हुए अपनी पत्नी के नाम पर महज़ 18,468 डॉलर के निवेश की घोषणा की थी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्तान से बाहर उनकी या उनकी पत्नी की कोई अचल संपत्ति नहीं है. इसके साथ ही जनरल बाजवा ने ये भी कहा था कि पाकिस्तान से बाहर उनका या उनकी पत्नी का कोई कारोबार नहीं है.'

आसिम बाजवा ने ट्वीट पर विस्तार से आरोपों पर स्पष्टीकरण दिया है.

आसिम बाजवा का कहना है कि उनके ख़िलाफ़ आरोप हैं कि उन्होंने अपनी पत्नी के व्यवसाय का विवरण नहीं दिया है, लेकिन ये सच नहीं है.

उन्होंने कहा कि उन्होंने 22 जून, 2020 को अपनी संपत्ति का विवरण दिया था, लेकिन उनकी पत्नी कुछ सप्ताह पहले उनके भाइयों के विदेशी कारोबार से अलग हो गई थी और उन्होंने 1 जून, 2020 को अपना निवेश वापस ले लिया था.

जनरल बाजवा का दावा है कि संपत्ति का विवरण देते समय उनकी पत्नी इन कंपनियों में निवेशक नहीं थीं और न ही वे शेयरों की मालिक ही थीं.

आसिम बाजवा

इमेज स्रोत, ASIM BAJWA FB

उन्होंने कहा कि अमरीका में दस्तावेज़ों में उनकी पत्नी के व्यवसाय से अलग होने का आधिकारिक तौर पर उल्लेख किया गया है.

जुलाई में जारी की गई संपत्ति की सूची में आसिम बाजवा ने अपनी पत्नी के नाम पर 'पारिवारिक व्यवसाय' में केवल 31 लाख रुपए का निवेश दिखाया और शपथ पत्र के अंत में पुष्टि की कि उनकी पत्नी की संपत्ति की सूची पूर्ण और सटीक है और उन्होंने कुछ भी नहीं छिपाया है.

आसिम बाजवा ने कहा कि 2002 से 1 जून 2020 तक 18 वर्षों में, उनकी पत्नी ने अमरीका में अपने भाइयों के व्यवसाय में कुल 19,492 डॉलर का निवेश किया था.

उन्होंने कहा कि यह निवेश उनके (असीम बाजवा) बचाए गए पैसे से किया गया था और उनमें से सभी के खाते हैं. आसिम बाजवा ने कहा कि इस निवेश ने स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान के नियमों का एक बार भी उल्लंघन नहीं हुआ.

जनरल आसिम बाजवा के इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए फ़ैक्ट फ़ोकस ने लिखा है कि वो अपनी रिपोर्ट के साथ खड़ा है और उसके पास पूरे सबूत और तथ्य हैं.

छोड़िए X पोस्ट, 3
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 3

बवाल

हामिद मीर

इमेज स्रोत, EDUARDO SOTERAS

इमेज कैप्शन, हामिद मीर

पाकिस्तान में इस रिपोर्ट को लेकर बवाल मचा हुआ है. पाकिस्तान की सरकार इसे ख़ारिज कर रही है. जनरल बाजवा ने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के विशेष सहायक के पद से इस्तीफ़ा दे दिया. हालाँकि इमरान ख़ान ने अब उनका इस्तीफ़ा नामंज़ूर कर दिया है.

अहमद नूरानी ने लिखा है कि जब जनरल बाजवा पर चौतरफ़ा सवाल उठने लगे, तो सवाल खड़ा करने वालों को भारत की अंतरराष्ट्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी रिसर्च एनलिसिस ऑफ़ विंग यानी रॉ से जोड़ा जाने लगा. नूरानी का कहना है कि बाजवा परिवार की ओर से कहा जाने लगा कि सीपीईसी के ख़िलाफ़ यह भारत की साज़िश है.

नूरानी ने लिखा है, ''जनरल आसिम के बेटे ने एक ब्लॉग ट्वीट किया और उन्होंने कहा कि मैं रॉ के लिए काम कर रहा हूँ.''

पाकिस्तान की जानी-मानी राजनीति विज्ञानी और पाकिस्तान की सेना पर 'इनसाइड पाकिस्तान्स मिलिटरी इकॉनमी' टाइटल से किताब लिख चुकीं आयशा सिद्दीक़ा ने बीबीसी से कहा, ''ये सिलसिला तो अभी शुरू हुआ है. उन्होंने केवल इमरान ख़ान के विशेष सहायक से इस्तीफ़ा दिया है. लेकिन सीपीईसी के चेयरमैन अब भी हैं. पाकिस्तान की सेना में भ्रष्टाचार है और ये किसी से छुपी बात नहीं है. पाकिस्तान की सेना की पूरी इकॉनॉमी का अध्ययन करेंगे, तो साफ़ पता चलता है कि कैसे सेना का पूरा महकमा कारोबार में लगा हुआ है.''

आयशा सिद्दीक़ा

इमेज स्रोत, AAMIR QURESHI

इमेज कैप्शन, आयशा सिद्दीक़ा

आयशा सिद्दीक़ा कहती हैं, ''पाकिस्तान की सेना के ख़िलाफ़ रिपोर्टिंग करना बहुत जोख़िम भरा काम है. अहमद नूरानी की जान को ख़तरा है. वो अमरीका में हैं लेकिन उनका परिवार इस्लामाबाद में है. पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टियाँ चुप हैं. सेना के ख़िलाफ़ कोई बोलना नहीं चाहता है. दिक़्क़त ये है कि सबको सेना के ज़रिए ही सत्ता में आना है. लेकिन हक़ीक़त सबको पता है. पाकिस्तान की जनता की सहानुभूति सेना के प्रति रही है लेकिन अब जनता बहुत बदहाल स्थिति में है. पूरे मामले की जाँच होनी चाहिए और इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए.''

वीडियो कैप्शन, इमरान खान कई लंबे-चौड़े वादे करके सत्ता में पहुंचे थे.

पाकिस्तान के जाने-माने पत्रकार हामिद मीर ने अहमद नूरानी के समर्थन में ट्वीट करते हुए लिखा है, ''अगर अहमद नूरानी की रिपोर्ट ग़लत है तो जनरल असीम बाजवा ने प्रधानमंत्री के विशेष सहायक से इस्तीफ़ा क्यों दिया? यह इस्तीफ़ा और इनकार दोनों एक साथ क्यों है? उन्होंने सीपीईसी के चेयरमैन पद से भी इस्तीफ़ा क्यों नहीं दिया. उनके विरोधाभास सही हैं या इस्तीफ़ा?''

फ़रहतुल्लाह बाबर

इमेज स्रोत, AAMIR QURESHI

इमेज कैप्शन, फ़रहतुल्लाह बाबर

पाकिस्तान के पूर्व सीनेटर फ़रहतुल्लाह बाबर ने ट्वीट कर पूछा है, ''लेफ़्टिनेंट जनरल बाजवा ने स्वीकार किया है कि उनकी पत्नी की उनके भाई के साथ की कारोबारी साझेदारी 2002 में 19 हज़ार डॉलर से हुई और 2020 में सात करोड़ डॉलर की हो गई. क्या सेना के इस अधिकारी ने सेना मुख्यालय को सालाना संपत्ति के ब्यौरे में इसकी जानकारी दी थी? क्या इनकी जाँच की गई थी? सवाल पूछे गए?''

छोड़िए X पोस्ट, 4
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 4

बुशरा गौहर

इमेज स्रोत, NARINDER NANU

इमेज कैप्शन, बुशरा गौहर

पाकिस्तान की पूर्व सांसद बुशरा गौहर ने पाकिस्तान के पूर्व सैन्य प्रमुख और पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ पर भी सवाल खड़े किए हैं. बुशरा ने ट्वीट कर कहा है, ''जनरल बाजवा के परिवार के कारोबारी साम्राज्य पर जो आरोप लग रहे हैं, वो मुशर्रफ़ के टाइम का है. इस मामले में मुशर्रफ़ की भी जाँच होनी चाहिए."

छोड़िए X पोस्ट, 5
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 5

पाकिस्तान में इस रिपोर्ट को लेकर मीडिया भी बँटी हुई है. विपक्ष चुप है, तो सरकार भी बाजवा के ख़िलाफ़ खुलकर बोल नहीं रही है. अक्सर कहा जाता है कि पाकिस्तान में सरकार से ज़्यादा मज़बूत सेना होती है लेकिन इस बार सेना बैकफ़ुट पर जाती दिख रही है. पहली बार सार्वजनिक रूप से सरकार नहीं, सेना पर सवाल उठाया जा रहा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)