अमरीका-चीन तनाव: पॉम्पियो के कुत्ते की तस्वीर पर चर्चा क्यों?

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- Author, कैरी एलन
- पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग
अमरीकी विदेश मंत्री का एक ट्वीट काफी सुर्खियां बटोर रहा है. उनके इस ट्वीट से इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह ट्वीट चीन की सरकार को कहीं कोई संदेश देने का प्रयास तो नहीं.
माइक पॉम्पियो ने अपने निजी ट्विटर अकाउंट से एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें उनकी पालतू कुतिया 'मर्सर' अपने सभी पसंदीदा खिलौने के साथ बैठी हुई है. 'विनी द पूह' का एक सॉफ्ट टॉय भी बीच में रखा हुआ है.
'विनी द पूह' बच्चों का पसंदीदा कार्टून कैरेक्टर है.
इस ट्वीट पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आयी हैं.
कई लोगों ने तस्वीर में नज़र आ रहे विनी द पूह के खिलौने को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से जोड़कर देख रहे हैं.
चीन में इंटरनेट पर सक्रिय लोग माइक पॉम्पियो को बहुत अधिक पसंद नहीं करते हैं और उन्हें'दुष्ट'और 'झूठों के सरदार के रूप में' देखते हैं.
हालांकि पॉम्पियो इस बात से तो अवगत होंगे ही अगर उन्होंने इस ट्वीट पर बात की तो इससे बात बिगड़ सकती है क्योंकि शी जिनपिंग के संदर्भ में 'विनी द पूह' के प्रयोग वाले ट्वीट को सेंसर कर दिया जाता है.
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लेकिन विनी-द-पूह क्यों?
चीन की सरकार सक्रिय तौर पर अपमानजनक टिप्पणियों या उपनामों को सेंसर करती है. ख़ासतौर पर उन ट्वीट्स को जिनमें कम्यूनिस्ट पार्टी के नेताओं-अधिकारियों का मज़ाक उड़ाया जा सकता है. हालांकि चीन में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले काफी वक़्त से रचनात्मक तरीक़े से चीनी नेतृत्व को लेकर ऑनलाइन टिप्पणी करते रहे हैं.
साल 2013 में एक तस्वीर काफ़ी वायरल हुई थी. इस तस्वीर में शी जिनपिंग के शरीर की डील-डौल की तुलना कार्टून कैरेक्टर (भालू) से की गई थी. इस तस्वीर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी थीं.
चीन में सेंसर की यह रणनीति पहले भी अपनायी जाती रही है. इससे पूर्व जियांग जेमिन के समय में भी यह रणनीति थी और यह काफी सफल भी रही.

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लेकिन क्या 'विनी द पूह' का इस्तेमाल करना वाकई इतना संवेदनशील है?
अगर स्पष्ट शब्दों में कहें तो हां..बिल्कुल.
विनी द पूह और इसी तरह के संदर्भ वाले शब्द लंबे समय से चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सेंसर किये जाते रहे हैं.
चीनी ऐप वीबो पर जब विनी शब्द को ढूंढा जाता है तो यहां सिर्फ़ वही परिणाम दिखाई पड़ते हैं जिन्हें सरकार ने अप्रूव किया हो या फिर जो आधिकारिक तौर पर सत्यापित हों.
इसके साथ ही वीबो पर नीचे की ओर एक डिस्क्लेमर भी दिखाई देता है. जिसमें लिखा होता है कि कुछ परिणामों को छिपा दिया गया है. या उन्हें प्रदर्शित नहीं किया जा रहा है.
यहां तक की चीन ने तो साल 2019 में एक ताइवानी खेल 'डिवोशन' को भी वापस ले लिया था क्योंकि इसमें शी जिनपिंग और 'विनी द पूह' को जोड़ने वाला एक संदर्भ छिपा हुआ था,
क्या सोचकर पॉम्पियो ने इसे पोस्ट किया होगा?
यह पूरी तरह से संभव है कि पॉम्पियो ने अपने कुत्ते और उसके खिलौनों की तस्वीर यूं ही पोस्ट कर दी हो. लेकिन इस तस्वीर में और भी बहुत कुछ ऐसा है जिस पर ध्यान जाता है.
हो सकता है कि पॉम्पियो ने कुत्ते को अमरीका के तौर पर या खुद को ही संदर्भ के तौर पर पेश किया हो. चीनी भाषा में डॉग शब्द अक्सर उन लोगों या देशों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिन्हें आक्रामक या जंगली माना जाता है.
यहां पॉम्पियो की पालतू जानवर बैठी है वहां एक खिलौना हाथी भी रखा हुआ है, जिसे भारत से जोड़कर देखा जा रहा है.

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क्या है लोगों की प्रतिक्रिया
माइक पॉम्पियो की इस पोस्ट पर हज़ारों लोगों ने कमेंट किया है. बहुत से लोगों ने इस पर मीम तक बना डाले हैं. और कई लोगों ने इस तस्वीर पर कमेंट करते हुए लिखा है कि कैसे विदेश मंत्री 'चीन के साथ खेल' रहे हैं.
इन हज़ारों कमेंट्स के बीच चीन में इंटरनेट यूज़र्स के लिए सेंसर के चलते अपने देश के भीतर इस पोस्ट पर बात कर पाना मुश्किल है.
वहीं दूसरी ओर चीन की मीडिया लगभग नियमित तौर पर पॉम्पियो के लिए ऐसा चित्रण करती है कि यह वो शख़्स है जिस पर यक़ीन नहीं किया जा सकता है.
और ऐसे में हो सकता है कि पॉम्पियो ने व्यक्तिगत तौर पर चीन पर हमला करने का ये तरीका खोज निकाला हो जिसे लेकर उस देश में कोई जवाब नहीं दे सकता...केवल चुप्पी ही रखनी है.
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