कोरोना: वॉरेन बफ़ेट ने एयरलाइन्स कंपनियों के अपने सारे शेयर बेचे

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अरबपति निवेशक वॉरेन बफ़ेट ने कहा है कि उनकी कंपनी बर्कशायर हैथअवे ने अमरीका की चार सबसे बड़ी एयरलाइन्स कंपनियों में अपने सभी शेयर बेच दिए हैं.
शेयरहोल्डरों की सालाना बैठक में बफ़ेट ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण "दुनिया में कई तरह के बड़े बदलाव हुए हैं."
कोरोना महामारी के चलते इस साल बैठक ऑनलाइन हुई. बैठक में बफ़ेट ने कहा कि एयरलाइन इंडस्ट्री में निवेश करने का उनका फ़ैसला ग़लत था.
रॉयटर्स समाचार एजेंसी के अनुसार बफ़ेट के बयान से ठीक पहले उनकी कंपनी बर्कशायर हैथअवे ने पहली तिमाही में रिकॉर्ड 50 अरब डॉलर के घाटे का ऐलान किया था.
कंपनी की सालाना रिपोर्ट और कंपनी फाइलिंग के अनुसार वॉरेन बफ़ेट ने अमरीका की चार बड़ी एयरलाइन कंपनी में निवेश किया था. उनका डेल्टा एयरलाइन्स में 11 फ़ीसदी, अमरीकन एयरलाइन्स में 10 फ़ीसदी, साउथवेस्ट एयरलाइन्स में 10 फ़ीसदी और यूनाइटेड एयरलाइन्स में 9 फ़ीसदी शेयर उनके पास थे.
कंपनी ने साल 2016 से एयरलाइन कंपनियों में निवेश करना शुरू किया था.
वॉरेन बफ़ेट ने क्या कहा?
बैठक में वॉरेन बफ़ेट ने कहा, "एयरलाइन बिज़नेस की हालत देखते हुए इसका फ़ैसला लिया गया है. नुक़सान के बावजूद हमने इस व्यवसाय से अपना पूरा निवेश बाहर खींच लिया है."
"हम किसी ऐसी कंपनी में निवेश नहीं करेंगे... जहां हमें लगता है कि भविष्य में हमारा पूरा पैसा डूब सकता है."

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कोरोना वायरस महामारी के कारण अमरीका की ट्रैवल इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई है. एयरलाइन कंपनियों को हज़ारों की संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं और हज़ारों हवाई जहाज़ उड़ान पट्टियों से दूर हैं.
बफ़ेट ने कहा है कि महामारी से पहले एयरलाइन इंडस्ट्री में और भी निवेश का उनका विचार था.
उन्होंने कहा, "मांग ख़त्म हो गई है और ये एक बड़ा झटका है. इस देश में एयर ट्रैवल इंडस्ट्री को पूरी तरह बंद कर दिया गया है."
डेल्टा एयरलाइन्स ने एक बयान में कहा है कि "वॉरेन बफ़ेट और बर्कशायर की पूरी टीम का हम सम्मान करते हैं और उन्हें इसका अंदाज़ा था.
कंपनी ने कहा है कि उन्हें कंपनी की मज़बूती पर "पूरा भरोसा" है.

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