तकिए के खोल में मिले इन सांपो का रहस्य क्या है?

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तकिए के खोल जितने मुड़े तुड़े थे उसे देखकर ही लग रहा था कि कुछ तो गड़बड़ है. दरअसल, वेलेंटाइन डे से एक दिन पहले शाम में उत्तरी पूर्वी इंग्लैंड के संदरलैंड के फ़ायर फ़ाइटर्स को एक असामान्य चुनौती से निपटने को कहा गया.
उनके स्टेशन से ठीक पीछ ब्रिटिश खिलौने के कैरेक्टर बज़ लाइटर की तस्वीर वाले तकिए के खोल में 13 रॉयल अजगर सांप फेंके गए थे. वे सबके सब दो फ़ीट से लेकर चार फ़ीट तक लंबे थे. इसके बाद फ़ायर फ़ाइटर के लोगों ने मदद के लिए रॉयल सोसायटी फ़ॉर द प्रीवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल्स यानी आरएसपीसीए के लोगों को बुलाया.
आरएसपीसीए के स्पेसलिस्ट जब वहां पहुंचे तो उन्होंने ठंडे और सुस्त पड़े सांपों को वॉर्म करने के लिए एक मकान में ले आए. अगली सुबह यानी 14 फरवरी को स्थानीय पशु चिकित्सक ने बताया कि एक सांप को छोड़कर बाकी सब ठीक हैं. जिस रॉयल अजगर की स्थिति अच्छी नहीं थी, बाद में वह जीवित नहीं बचा.
इसके बाद आरएसपीसीए ने अपने इंस्पेक्टर ट्रेवर वॉकर को बुलाया. वैसे तो ट्रेवर पास के न्यूकैसल में काम करते हैं, लेकिन उनका घर यॉर्कशायर में है और उस दिन उन्हें अपने परिवार से मिलने जाना था.
इन सांपों को आरसीपीसीए के यॉर्कशायर स्थित स्पेशलिस्ट सेंटर में रखे जाने की ज़रूरत थी. ट्रेवर इन सांपों को ले जाने के लिए तैयार थे. अपनी वोल्वो हैचबेक से घर जाने के रास्ते में वॉकर इन सांपों को सेंटर तक पहुंचाने वाले थे.
ट्रेवर ने बताया, "हमारे पास 12 स्नेक बैग थे. हर बैग में एक सांप. इन सबको कार के पीछे सामान रखने वाली जगह पर रख दिया गया. यह अच्छा भी था और गर्म भी."
"जब तक हम आधी दूरी तक पहुंच नहीं गए तब तक मैंने पत्नी से इसका ज़िक्र तक नहीं किया. अगर उसे पहले से मालूम होता तो मुझे नहीं लगता कि वह खुश होतीं."

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कुछ और सांप मिले
इन सांपों को यॉर्कशायर के सेंटर में जमा करने के बाद वॉकर अपने पारिवारिक मामलों में व्यस्त हो गए. लेकिन अगली सुबह जब वे अपना आईपैड देख रहे थे, तब उन्हें एक ताजा अलर्ट मिला. ठीक उसी जगह पर कुछ और सांप फेंके गए थे.
इन सांपों में एक रॉयल अजगर और 15 कॉर्न स्नैक (अमरीका के दक्षिण पूर्वी हिस्से के खेतों में पाए जाने वाला सांप जिससे नुकसान नहीं पहुंचता) शामिल थे. इन्हें दो गुलाबी तकिए के खोलों में रख गया था. उनके जिप लॉक थे और वे टेप से बंधे हुए भी थे.
नार्थ ईस्ट रेप्टाइल रेस्क्यू के एलक वुड नियमित तौर पर रेप्टाइल प्रजाति की उन जीवों को नया ठिकाना दिलाते हैं जिनके मालिक उन्हें रखना नहीं चाहते. उन्होंने कहा, "कोई भी सामान्य आदमी इस घटना से डर और सदमे में आ जाएगा. यह एक तरह की क्रूरता है. हममें से कोई भी, किसी भी जानवर के साथ ऐसा होते नहीं देखना चाहेगा. यह जानवर पालने की हॉबी को ग़लत नज़रिए से दर्शाती है. बहुत ही ग़लत नज़रिए से."

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ये दोनों घटनाएं स्थानीय ही नहीं राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियां बन गईं.
वॉकर ने बताया, "इतनी बड़ी संख्या में सांपों को देखना असमान्य बात है. आम तौर पर जानवरों को रखने की जगह वाइवेरियम से एकाध सांप निकल जाते हैं तो हम अगले ही दिन उसे धूप में लेटे हुए पकड़ लेते हैं."
वॉकर बताते हैं, "सांपों की इतनी बड़ी संख्या से यह अंदाजा होता है कि यह कारोबार के लिए था, पालतू जानवरों की कोई दुकान भी हो सकती है. लेकिन फिर सवाल यह है कि इन मूल्यवान सांपों को कोई यूं ही क्यों फेंक देगा, वह भी तब जब इनसे पैसे कमाए जा सकते हैं."
आरएसपीसीए की इस मामले में जांच जारी है, हालांकि उस इलाके के सीसीटीवी फ़ुटेज नहीं होने से जांच में मुश्किल आ रही है.
जानवरों के अधिकारों के लिए अभियान चलाने वाली संस्था पेटा ने सांप छोड़ने वाले शख़्स के बारे में कोई भी सूचना देने वालों को 2500 पाउंड देने की घोषणा की है. पेटा की निदेशक इलिसा एलेन ने कहा, "इतने सांपों को एक साथ छोड़ना काफी दुखद है. सहानुभूति की भारी कमी को भी बताने वाला है."

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चार लाख सांप हैं पालतू
ब्रिटिश घरों में मोटे तौर पर चार लाख सांपों को पालतू रखने का अनुमान है. लेकिन अजगर और कॉर्न स्नैक को पालतू बनाना सस्ता नहीं है. आरएसपीसीए की अनुशंसाओं के मुताबिक सांपों को अलग अलग वाइवेरियम में रखना होता है. यह इतना लंबा हो कि सांप उसमें खुद को स्ट्रैच कर सके. इसका एक सिरा दूसरे की तुलना में थोड़ा गर्म भी होना चाहिए. जगह हवादार होनी चाहिए. इतना ही नहीं ह्यूमिडिटी का स्तर भी सावधानी से नियंत्रित करने की व्यवस्था होनी चाहिए. अजगर पालने के लिए पश्चिम अफ्रीका वाली ह्यूमिडिटी चाहिए होगी तो कॉर्न स्नैक्स के लिए अमरीकी जंगलों वाली ह्यूमिडिटी.
वॉकर ने बताया, "इस तरह के सांपों को पालने के लिए काफी पैसों की ज़रूरत होती है. ऐसे में हम उन घरों के बारे में नहीं सोच सकते जो एक सांप पालते हैं. यह मामला एकदम असमान्य है." लेकिन सांप की विशेष प्रजाति को रखने वाले भी अंदाज़ा नहीं लगा पा रहे हैं जिन सांपों को यूं फेंका गया, उसका मालिक कौन है.
एलक वुड बताते हैं, "अगर इतने सांपों का कोई संग्रह हटाना चाहेगा तो लोगों को उसके बारे में मालूम होगा. लोगों को पता होगा ही. अगर आप रेप्टाइल कम्यूनिटी के लोगों से बात करें तो, यहां के दुकानदारों से बात करें तो कोई ऐसा नज़र नहीं आता जो इतने बड़े संग्रह को हटाना चाहता हो."
एलक वुड यह भी बताते हैं कि इस संग्रह में रॉयल अजगर की दुर्लभ प्रजातियां मौजूद हैं. एकदम रेयर रंग और पैटर्न वाले अजगर. एक अजगर पीले रंग का भी है जिसमें बारीक काली धारियां हैं. वुड के मुताबिक इस तरह के अजगर काफी महंगे होते हैं.
वुड के मुताबिक़ इससे यह संकेत मिलता है कि सांपों का मालिक इसे हटना नहीं चाहता होगा, लेकिन परिवार में कोई ट्रेजडी हो गई हो. वुड बताते हैं कि घरेलू ब्रेकअप का मामला हो सकता है, असमय मृत्यु या फिर गंभीर बीमारी हो सकती है. इसके चलते कोई पारिवारिक दोस्त या फिर रिश्तेदार ने ऐसे सांपों के संग्रह को फेंक दिया हो क्योंकि इन सांपों का क्या करना है, ये उसे समझ में नहीं आ रहा होगा.

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एलक वुड ने कहा, "अगर आपकी परिस्थिति अचानक से बदल जाए तो फिर इस तरह के बड़े संग्रह से निजात पाने के सहज वैधानिक तरीके में लगने वाले समय की वजह से आप उसे अपनाना नहीं चाहेंगे."
नेशनल सेंटर फॉर रेप्टाइल वेलफेयर (एनसीआरडब्ल्यू), टॉनब्रिज, केंट के क्रिस न्यूमैन अचानक से इतने सांपों का बाहर पाया जाना अपने आप में अचरज वाली बात है. उनके मुताबिक सांप पालने वालों का समुदाय आपस में काफी जुड़ा हुआ है लेकिन इन सांपों के मालिक के बारे में किसी को मालूम नहीं है.
क्रिस न्यूमैन ने एक अन्य पहलू की ओर इशारा करते हुए कहा, "आम तौर पर जो लोग कॉर्न स्नैक पालते हैं, वो कॉर्न स्नैक ही पालते हैं. जो रॉयल अजगर पालते हैं वे लोग रॉयल अजगर ही पालते हैं."
इन वजहों से क्रिस न्यूमैन संदेह जताते हैं कि, 'यह मामला रेप्टाइल समुदाय को बदनाम करने की सोची समझी साजिश भी हो सकती है.'
क्रिस न्यूमैन ने कहा, "वैसे भी एनिमल राइट्स को लेकर काम करने वाली संस्थाओं में रेप्टाइल पालने वालों को लेकर निगेटिव धारणा ज़्यादा होती है. ऐसे में यह साज़िश भी हो सकती है. अगर आप रेप्टाइल को लेकर निगेटिव पब्लिसिटी हासिल करना चाहते हों तो यह तरक़ीब काम कर सकती है."
लेकिन ऐसा आख़िर कौन करना चाहेगा, इस सवाल के जवाब में न्यूमैन ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम है.
लेकिन एलक वुड के मुताबिक़, इस मामले में आरएसपीसीए के शामिल होने से कई लोग असहज महसूस कर रहे हैं क्योंकि संस्था हर तरह के महंगे जानवरों को पालतू रखने का विरोध करती रही है.
ब्रिटेन में लोग घरों में किन जानवरों को रख सकते हैं इसको लेकर साल 2000 के शुरुआती दिनों में एनिमल वेलफेयर एक्ट की रूपरेखा तैयार हो रही थी तब रेप्टाइल प्रजाति के जीवों को पालतू रखने के विरोध में अभियान चलाया गया था. तब वह अभियान सफल नहीं हुआ था लेकिन सांपों को पालने के शौकीन लोग इसे भूले नहीं हैं.
न्यूमैन ने बताया,"जुनूनी होना बेहद आसान है. लेकिन क्या चल रहा है, चीजें कैसे हो रही हैं और कौन सी बात उन लोगों को ड्राइव कर रही हैं, इन सब पहलूओं पर मैं सोच रहा हूं, समझने की कोशिश कर रहा हूं."

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रेप्टाइल समूह के जीवों को रखना आसान नहीं
आरएसपीसीए के प्रेस ऑफ़िसर ने बताया कि रेप्टाइल समूह के जीवों को रखने वाले लोगों में आम तौर पर एक गलत धारणा है कि हमारी संस्था सांपों को पालतू रखने के ख़िलाफ़ है. प्रेस ऑफ़िसर ने संस्था की ओर से प्रकाशित वह सामाग्री भी दिखाई जिसमें सांपों की देखभाल संबंधी सामाग्री छपी है.
इसमें प्रकाशित बयान में भी कहा गया है, "रेप्टाइल प्रजाति के जीवों को पालतू बनाने और उसके कारोबार को लेकर आरएसपीसीए की अपनी चिंताएं हैं. क्योंकि कुछ प्रजाति के जीवों की ज़रूरतों को पूरा कर पाना बेहद मुश्किल है. असंभव नहीं है लेकिन घरेलू परिस्थितियों में बेहद मुश्किल है. कुछ प्रजाति के जीव काफी लंबे होते हैं, धारीदार अजगर 30 फीट तक लंबे हो सकते हैं. ऐसे में इन जीवों को घरेलू वातावरण में पर्याप्त जगह मुहैया कराना मालिकों के लिए बेहद मुश्किल है."
पेटा का भी यही मानना है कि निजी स्वामित्व में सांपों को बेहद तकलीफ़ उठानी होती है. पेटा ने अपने बयान में कहा, "इन सांपों को उनके प्राकृतिक जगहों से सैकड़ों हजारों मील दूर भयावह स्थितियों में भेजा जाता है. छोटे टैंकों पर रखकर प्रदर्शन किया जाता है और बाद में इसी तरह फेंक दिया जाता है." हाल ही में पेटा ने घरेलू स्थिति में सांपों को पर्याप्त जगह देने की मांग संबंधी अभियान चलाया है.
लेकिन क्या कोई एनिमल राइट समूह 29 अजगर और कॉर्न स्नैक को इस तरह डंप नहीं कर सकता है? इस राय से असहमति जताते हुए पेटा के प्रेस ऑफ़िसर ने कहा, "कृपया यह जान लीजिए कि पेटा में हम सांपों का सम्मान करते हैं, उनकी रक्षा करते हैं. इस तरह की बात पेटा का अपमान करने जैसा है."
बहरहाल, इस मामले में आरएसपीसीए की जांच जारी है. ट्रेवर वॉकर ने बताया, "हमने लोगों से अपील की है क्या उन दो रातों के दौरान किसी ने कुछ असमान्य होते हुए देखा है? इलाके में क्या कोई वाहन आया-गया था?"
रॉयल सोसायटी फ़ॉर द प्रीवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल्स (आरएसपीसीए) को इस मामले में कई सूचनाएं मिली है, जिसके आधार पर सोसायटी जांच कर रही है, लेकिन सोसायटी उन सूचनाओं को अभी सार्वजनिक नहीं करना चाहती.
इतना ही नहीं, वॉकर के मुताबिक़ अब तक इस मामले में पुलिस की मदद नहीं ली गई है. वॉकर ने कहा, "जब जांच आगे बढ़ेगी और हमें किसी इमारत, प्रापर्टी और घरेलू एरिया में प्रवेश की जरूरत होगी तब हम जांच में पुलिस को भी शामिल कर लेंगे, उनसे मदद मांगेंगे."

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