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कोरोना: ब्रिटेन ने लॉकडाउन 21 दिनों के लिए बढ़ाया
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए "कम से कम तीन सप्ताह" के लिए देश में लॉकडाउन आगे बढ़ाने की घोषणा की है.
गुरुवार को हुए संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने बताया कि अगर लॉकडाउन में छूट दी गई तो न केवल ये सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए ख़तरा होगा बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा ख़तरा हो सकता है.
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बीमार होने के बाद से डोनमिक राब, प्रधानमंत्री पद की ज़िम्मेदारी संभाल रहे हैं. उन्होंने कहा, "अब तक हम अपेक्षा के अनुरुप संक्रमण की दर को कम नहीं कर पाए हैं."
ब्रिटेन में कोरोना वायरस के कारण अस्पतालों में 861 और मौतें हुई हैं जिसके बाद यहां मौतों का कुल आंकड़ा 13,729 हो गया है.
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए ब्रिटेन में 23 मार्च को लॉकडाउन लगाया गया था. सरकार ने लोगों से घरों पर ही रहने की गुज़ारिश की थी और सभी ग़ैर-ज़रूरी व्यवसाय बंद कर दिए गए थे. साथ ही एक जगह पर दो लोगों के पास-पास खड़े होने पर भी पाबंदी लगा दी गई थी.
जानकारों की राय के अनुसार लॉकडाउन के नियम कितने कारगर हुए इसका आकलन हर तीन सप्ताह के बाद मंत्री करेंगे.
डोमिनिक राब ने कहा है कि, "हम इस महामारी के बेहद नाज़ुक और ख़तरनाक दौर में हैं. अगर हम लॉकडाउन में छूट देने में किसी तरह की जल्दबाज़ी करते हैं तो ये एक बड़ा जोखिम हो सकता है."
"इस वायरस के दोबारा लौटने का ख़तरा है जिसके बाद लोगों की ज़िंदगियों को ख़तरा तो होगा ही बल्कि लॉकडाउन की नौबत आई तो अर्थव्यवस्था को भी भारी क्षति पहुंचेगी."
उन्होंने कहा कि स्थिति का आकलन करने के बाद पता चला है कि सरकार ने जो कदम उठाए हैं उनका असर पड़ रहा है लेकिन इस बात के भी सबूत मिल रहे हैं कि अस्पतालों और केयर होम्स में ये वायरस फैल रहा है.
डोमिनिक राब ने कहा लॉकडाउन तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक सरकार पांच बेहद अहम बातें सुनिश्चित नहीं कर लेती. ये पांच बातें हैं -
1. ये सुनिश्चित करना कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा पूरे देश के लिए ज़रूरी स्वास्थ्य सेवा देने में सक्षम हो.
2. कोरोना के कारण रोज़ाना हो रही मौतों में गिरावट आए.
3. संक्रमण की दर उम्मीद के अनुसार एक निचले स्तर तक न पहुंच जाए.
4. भविष्य में ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए ज़रूरी टेस्टिंग किट और पीपीई इक्विपमेंट की सप्लाई पूरी तरह सुनिश्चित न कर ली जाए.
5. और, जब तक ये भरोसा न हो जाए कि वायरस दोबारा देश के लिए ख़तरा नहीं बनेगा.
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने भी अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो ट्वीट कर कहा है कि "अभी लॉकडाउन आगे नहीं बढ़ाया गया तो संक्रमण के और फैलने का डर है. लॉकडाउन के नियमों को कम से कम तीन सप्ताह के लिए बढ़ाया जा रहा है. जब तक हम पांच अहम बातें सुनिश्चित नहीं कर लेते ये नियम नहीं बदले जाएंगे."
डोमिनिक राब ने कहा कि लॉकडाउन कब तक जारी रहेगा इसे लेकर वो फिलहाल कोई निश्चित समयसीमा नहीं दे सकते. लेकिन कोरोना महामारी की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी थी कि वायरस के संक्रमण के चरम पर पहुंचने और उस स्थिति से उबरने में लगभग तीन महीने का वक्त लग जाएगा.
लॉकडाउन की समयसीमा आगे बढ़ाने में सरकार को विपक्षी पार्टियों का समर्थन मिल रहा है लेकिन विपक्ष का कहना है कि लॉकडाउन में छूट देने की योजना के बारे में भी सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए.
लेबर पार्टी के नेता सर कीयर स्टार्मर ने कहा है कि उनकी पार्टी "इस कदम का पूरी तरह से समर्थन करती है और ऐसा कर के सरकार बिल्कुल सही काम कर रही है."
हालांकि सर कीयर का कहना है कि सरकार को लॉकडाउन से बाहर निकलने की अपनी रणनीति के बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी देनी चाहिए. उनका कहना है "इसके लिए सरकार को बड़े पैमाने पर लोगों की टेस्टिंग की सुविधा करनी होगी."
अप्रैल के आख़िर तक हर दिन एक लाख तक टेस्ट कर सकने की क्षमता बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है. फिलहाल सरकार की क्षमता एक दिन में 35 हज़ार तक टेस्ट करने की है.
'लॉकडाउन में छूट देना जल्दबाज़ी होगा'
ब्रिटेन सरकार का ये फ़ैसला आपातकालीन कोबरा समिति की एक बैठक के बाद आया है. इस बैठक में उत्तरी आयरलैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड के फ़र्स्ट मिनिस्टर शामिल होते हैं.
स्कॉटलैंड में अस्पतालों में 80 और लोगों की मौत हो गई है. यहां की फ़र्स्ट मिनिस्टर निकोला स्टर्जन ने कहा है कि "लॉकडाउन जारी रहना चाहिए क्योंकि इस पर भरोसा करना मुश्किल है कि महामारी के कारण पैदा हुई स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है."
वेल्स में और 32 लोगों की मौत कोरोना से हुई है. वहां के फ़र्स्ट मिनिस्टर मार्क ड्रेकफोर्ड ने कहा कि, "लॉकडाउन अभी खोल देना जल्दबाज़ी होगी."
वहीं अस्पतालों में 18 और मौतों के साथ उत्तरी आयरलैंड में अब तक एक दिन में सबसे अधिक मौतें दर्ज की गई हैं. वहीं इंग्लैंड में 740 और मौतें दर्ज की गईं हैं.
मास्क पहनने की सलाह
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद ब्रिटेन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार, प्रोफ़ेसर क्रिस व्हिट्टी ने कहा कि लोग दूसरी बीमारियों के लिए भी बिना संकोच अस्पतालों का रुख़ कर सकते हैं, उन्हें एनएचएस से सभी तरह की ज़रूरी मदद मिलेगी.
इससे पहले आए आंकड़ों से पता चला था कि कोरोना महामारी के बाद से दुर्घटना और इमर्जेंसी यूनिट्स में आने वाले लोगों की संख्या तेज़ी से कम हो गई है.
उन्होंने कहा कि सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि वायरस को फैलने से रोकने के लिए लोगों को मास्क पहनने की सलाह दी जानी चाहिए या नहीं. उनका कहना था कि इसके पक्ष में सबूत कम ही हैं और इस कारण अगर मास्क की मांग बढ़ गई तो स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मुश्किल हो सकती है.
लेकिन लंदन के मेयर सादिक ख़ान ने बीबीसी को बताया कि वो चाहते थे कि राजधानी में लोग घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनें या अपने चेहरे को ढकें.
उन्होंने कहा, "दुनिया भर में इस बात के सबूत मिलते हैं कि ये कदम असरदार हो सकता है. मैं सरकार, सलाहकारों से पैरवी कर रहा हूं कि वो इस संबंध में अपनी सलाह बदलें. मैं चाहता हूं कि हम देरी न करें और जल्द से जल्द में ये कदम उठाएं."
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