कोरोना: महामारी के 100 दिनों में 95 हज़ार से ज़्यादा की मौतें

आज से लगभग सौ दिन पहले दुनिया को एक नए कोरोना वायरस के बारे में पता चला था, जिसे नोवल कोरोना वायरस का नाम दिया गया.

इन सौ दिनों में कोरोना वायरस की वजह से 95 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 16 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नोवल कोरोना वायरस के पहले मामले के सामने आने के सौ दिन पूरे होने की पुष्टि की है.

संगठन के अनुसार 31 दिसंबर 2019 को चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में निमोनिया के कई मामले सामने आए थे.

31 दिसंबर साल 2019 - कोरोना के पूरे सौ दिन

चीनी सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को इसी दिन अज्ञात कारणों से निमोनिया होने के बारे में पता चलने की सूचना दी थी.

बाद में इस बीमारी को कोविड-19 का नाम दिया गया जबकि इसके वायरस को नोवल कोरोना वायरस कहा गया. इसके बाद से यह बीमारी या संक्रमण पूरी दुनिया में लगातार फैलता गया. दुनिया के अधिकांश देश फिलहाल इसकी चपेट में हैं और हर रोज़ इसके हज़ारों नए मामले सामने आ रहे हैं.

सौ दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक इसकी कोई न तो कोई वैक्सीन तैयार की जा सकी है न ही इससे निपटने के लिए कोई कारगर दवा ही मिल पाई है.

गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन के निदेशक टेड्रोस ऐडहॉनम गीब्रियेसस ने इन सौ दिनों को मील का पत्थर बताया.

उन्होंने कहा कि इस संक्रमण की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है. इसके साथ ही संक्रमित देशों में सामाजिक ढांचा भी अव्यवस्थित हुआ है.

टेड्रोस ऐडहॉनम गीब्रियेसस ने कहा, यह महामारी केवल एक स्वास्थ्य समस्या से कहीं अधिक है. इससे निपटने के लिए सिर्फ़ किसी एक वर्ग या समुदाय नहीं बल्कि पूरे के पूरे सरकारी तंत्र और सामाजिक प्रतिक्रिया की ज़रूरत है.

टेड्रोस ने कहा कि इन बीते सौ दिनों में कोविड 19 ने हमें ये दिखा दिया है कि धनी देश महामारी से अछूते नहीं, उन्हें भी नुकसान हो सकता है.

सौ दिनों में क्या-क्या हुआ? कुछ महत्वपूर्ण तारीख़ें -

31 दिसंबर 2019: चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया कि हूबेई प्रांत के वुहान शहर में अज्ञात कारणों से निमोनिया होने के कुछ मामले सामने आए हैं.

11 जनवरी 2020: चीन ने अपने यहां कोविड 19 के कारण हुई पहली मौत की ख़बर दी.

12 जनवरी 2020: चीन ने सार्वजनिक तौर पर कोविड 19 का जेनेटिक सिक्वेंस साझा किया.

13 जनवरी 2020: चीन के बाहर किसी दूसरे देश में पहली बार कोविड 19 का मामला सामने आया. यह वायरस चीन के बाद थाईलैंड में पहुंचा और फिर ये दुनिया के दूसरे देशों में अपने पैर पसारता ही चला गया.

23 जनवरी 2020: चीन के वुहान शहर में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई और 1.1 करोड़ की आबादी वाला ये शहर पूरी तरह बंद कर दिया गया.

30 जनवरी 2020: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड 19 को आधिकारिक तौर पर स्वास्थ्य इमर्जेंसी घोषित कर दिया. इसी दिन भारत में कोरोना वायरस के पहले मामले की पुष्टि की हुई. यह एक छात्र थे वुहान यूनिवर्सिटी से केरल लौटे थे.

7 फरवरी 2020: चीन के डॉक्टर ली वेन्लियांग जिन्होंने दुनिया को इस वायरस के बारे में चेतावनी देने की कोशिश की थी, उनकी मौत इसी वायरस के कारण हुई.

22 फरवरी 2020: इटली में कोरोना वायरस के कारण हुई पहली मौत. इसके बाद ही इटली ने सोशल डिस्टेंसिंग को अपने यहां लागू किया.

11 मार्च 2020 : विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया.

27 मार्च 2020: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का कोरोना वायरस टेस्ट पॉज़ीटिव पाया गया. जिसके बाद उन्हें आईसीयू में भी भर्ती कराना पड़ा.

8 अप्रैल 2020: चीन के चीन के वुहान शहर में लॉकडाउन ख़त्म. चीनी मीडिया के अनुसार 65,000 लोगों ने ट्रेन और विमान के सहारे बुधवार को शहर छोड़ दिया.

दुनिया भर में कोरोना वायरस की वजह से अभी तक 97 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 16 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं.

सबसे अधिक संक्रमित अमरीका में हैं जबकि इटली में सबसे अधिक मौतें हुई हैं.

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