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कोरोना वायरस: मास्क और सेनेटाइज़र बाज़ार से कहां गए?
- Author, गुरप्रीत सैनी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल पॉज़िटिव मामले करीब 18000 हो गए हैं.
मामले बढ़ने की ख़बरों के साथ ही लोगों में चिंता भी बढ़ती जा रही है. लोग ख़ुद को और अपनों को कोरोनो वायरस से बचाने के लिए मास्क और सेनेटाइज़र ख़रीदने दुकानों पर पहुंच रहे हैं. हालांकि लॉकडाउन की वजह से अधिकतर इलाकों में दुकानें पूरी तरह बंद हैं और सिर्फ़ ज़रूरत का सामान ही मिल रहा है.
दरअसल, कोरोना वायरस से बचने के लिए बार-बार हाथ धोने और घर में रहने की सलाह दी जा रही है. मोदी सरकार ने देशभर में लॉकडाउन की घोषणा की है और लॉकडाउन 3 मई तक चलेगा.
सेनेटाइज़र 99.9% किटाणुओं को मारने का दावा करते हैं और एहतियातन लोग ज़्यादा सेनेटाइज़र खरीदने लगे हैं.
वहीं, लोगों का ये भी मानना है कि वो मास्क लगाकर संक्रमण से बच सकते हैं.
अचानक बढ़ी मांग
लेकिन, अचानक से मास्क और सेनेटाइज़र की मांग बढ़ने की वजह से लोगों को मास्क और सेनेटाइज़र मिलने में दिक्कत हो रही है. दुकानदारों के मुताबिक मार्च की शुरुआत में अचानक बिक्री बढ़ गई.
लोगों का कहना है कि अब कई मेडिकल स्टोर्स पर मास्क और सेनेटाइज़र नहीं मिल रहे हैं, जहां मिल भी रहे हैं वहां उनकी कीमतें बहुत ज़्यादा हैं. मार्च की शुरुआत में ही बीबीसी ने नोएडा और दिल्ली के कई इलाक़ों में जाकर इस बात की पड़ताल की और पाया कि कई मेडिकल स्टोर्स और दुकानों पर मास्क और सेनेटाइज़र के स्टॉक खत्म हो गए. जहां मिल रहे थे वहां उनकी कीमत 100 रु से 500 रु तक थी.
अशोक कुमार नोएडा में रहते हैं. उनका कहना है कि नोएडा में कहीं भी मास्क नहीं मिल रहे हैं. नोएडा के सेक्टर-18 के एक मेडिकल स्टोर पर उन्हें मास्क मिला. लेकिन उनका कहना है कि वहां उन्हें एक एन95 मास्क 499 रुपए में मिला, जबकि उन्होंने बिल्कुल वही मास्क एक दिन पहले कहीं से 250 रुपए में खरीदा था. अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि जनता परेशान है, जिसका दुकानदार फायदा उठा रहे हैं.
हालांकि, मेडिकल स्टोर में काम करने वाले अमन का कहना है कि मांग बढ़ने की वजह से सपलाई कम हो गई है. उनके पास स्टॉक खत्म हो गया है और डिस्ट्रिब्यूटर भी माल पहुंचा नहीं रहे हैं. उनके पास कुछ माल आया, लेकिन उसकी कीमत बढ़ गई है.
उनका कहना है कि जो मास्क अशोक कुमार ने खरीदा है, पहले उसकी कीमत 149 रु थी, फिर बढ़कर 299 रु हो गई, अब कंपनी ने इसकी कीमत बढ़ाकर 499 रु कर दी है.
दिल्ली के मयूर विहार में अरोरा केमिस्ट में काम करने वाले एक शख्स ने बताया, ''कंपनी से ही ढाई सौ रुपए, तीन सौ रुपए का मास्क आ रहा है, तो बताइए हमें कितने में बेचें?"
वहीं, दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के पास मेडिकल स्टोर चलाने वाले दिनेश गुप्ता ने कहा, "डिमांड बढ़ेगी, तो सपलाई कम हो ही जाती है. उस वजह से कीमतें थोड़ी बढ़ गई हैं. लेकिन ऐसा नहीं है कि माल मिल ही नहीं रहा या उल्टे-सीधे रेट पर मिल रहा है."
दिनेश गुप्ता का कहना है कि उनके पास सेनेटाइज़र और मास्क का पर्याप्त स्टॉक है.
लेकिन कई लोग आकर बहुत सारे मास्क और सेनेटाइज़र एक साथ खरीदकर ले जा रहे हैं.
एक महिला ने मेडिकल स्टोर से एक साथ 10 सेनेटाइज़र और 10 मास्क खरीदे. महिला ने कहा कि उन्हें मास्क और सेनेटाइज़र कहीं मिल नहीं रहे. यहां मिल गए हैं तो एक साथ कई सारे खरीदकर रख रही हैं.
क्या कहते हैं डॉक्टक
हालांकि, नोएडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग भार्गव का कहना है कि लोगों को पैनिक होने की ज़रूरत नहीं है. वो मास्क और सेनेटाइज़र बल्क में खरीदकर ना रखें.
डॉ. अनुराग का कहना है कि लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से फिलहाल बचना चाहिए. अगर जाना ही पड़े तब मास्क लगाना चाहिए. घर में या ऑफिस में मास्क लगाने की ज़रूरत नहीं है. अगर आप जानते हैं कि आपके साथ जो लोग हैं वो प्रभावित देशों से लौटकर नहीं आए हैं या इन देशों से लौटकर आए लोगों के संपर्क में नहीं आए हैं, तो उनके साथ होने पर मास्क लगाने की ज़रूरत नहीं है.
डॉक्टर अनुराग ने बताया कि बहुत महंगे मास्क खरीदने के ज़रूरत नहीं है. ट्रिपल लेयर मास्क अच्छा काम करेंगे, एन95 मास्क सबको लेने की ज़रूरत नहीं है.
वह कहते हैं, "सेनेटाइज़र के बजाए अच्छे से हाथ धो लें और आंख, नाक, कान को छूने से पहले भी ठीक से हाथ धो लें."
ट्रिपल लेयर मास्क को साधारण सर्जरी मास्क ही कहते हैं, जो बाज़ार में 10 से 20 रु की कीमत में मिल जाता है.
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