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भारत में तेज़ी से बढ़ रहा है कोरोना वायरस?
चीन का पड़ोसी देश होने के बावजूद भारत में कोरोना वायरस का असर अभी तक उस तरह से देखने को नहीं मिला है जैसा दुनिया के कई दूसरे देशों में देखने को मिल रहा है.
चीन के वुहान शहर से शुरू होने वाला कोरोना वायरस अभी तक 60 से अधिक देशों में फैल चुका है. कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा तीन हज़ार के पार पहुंच चुका है. चीन के बाद अगर कोई देश सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं तो वो दक्षिण कोरिया और इटली हैं. ईरान भी बहुत पीछे नहीं है.
दुनिया भर में कोरोना वायरस के संक्रमण के नब्बे हज़ार से अधिक मामले सामने आए हैं लेकिन इनमें से लगभग अस्सी हज़ार मामले अकेले चीन में ही हैं. शोधकर्ताओं ने अभी तक के आंकड़ों के आधार पर पाया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित प्रति एक हज़ार में से एक शख़्स की मौत हुई है.
अगर बात भारत की करें तो भारत में अभी तक कोरोना वायरस के 29 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. इनमें से एक मामला देर रात गुड़गांव में सामने आया. देर रात डिजीटल मनी ट्रांसफ़र कंपनी पेटीएम के हवाले से न्यूज़ एजेंसी एएनआी ने ख़बर दी कि उनके गुरुग्राम स्थित ऑफ़िस में एक शख़्स को कोरोना वायरस संक्रमित पाया गया है. यह शख़्स कुछ दिन पहले ही इटली से लौटा था.
हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट पर चार मार्च तक 28 मामलों की ही पुष्टि की गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट के मुताबिक़, इन 28 मामलो में से 17 जयपुर में, दिल्ली में एक, आगरा में छह और तेलंगाना में एक केस सामने आया है. इससे पहले केरल में तीन मामले सामने आए थे. हालांकि इन तीनों को ही इलाज के बाद वापस भेज दिया गया.
इन सभी मामलों में तो संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है लेकिन तेलंगाना में अभी दो मामलों के लैब-टेस्ट की रिपोर्ट आने का इंतज़ार है.
इस बीच कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए और एहतियात बरतते हुए नोएडा के दो स्कूलों को कुछ दिन के लिए बंद कर दिया गया है.
स्कूलों में सुरक्षा और सावधानी बरतते हुए गाइडलाइन्स जारी की गई हैं.
स्कूलों के साथ-साथ मेट्रो में भी सावधानी बरती जा रही है. दिल्ली मेट्रो के कर्मचारियों को सैनेटाइज़ रहने और क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए की गाइडलाइन्स को फॉलो करने को कहा गया है. मेट्रो में सावधानी बरतते हुए जल्दी-जल्दी सफ़ाई भी की जा रही है.
इसके पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, ''कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए दुनिया भर के विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि एक साथ भीड़ में जमा होने से बचें. इसी को देखते हुए मैंने फ़ैसला किया है कि किसी भी होली मिलन प्रोग्राम में शरीक नहीं होऊंगा.''
केंद्रीय गृहमंत्री ने भी ट्वीट कर लिखा कि वो भी इस साल होली का त्योहार नहीं मनाएंगे.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ट्वीट किया कि वो भी इस वर्ष होली का त्योहार नहीं मनाएंगे.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी कहा कि सतर्कता और सुरक्षा उपायों से हम सभी लोगों को COVID-19 के प्रकोप से बचा सकते हैं. एहतियात के तौर पर हम राष्ट्रपति भवन में होली समारोह का आयोजन नहीं करेंगे.
सरकार की तरफ़ से क्या कुछ नया किया गया
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव श्री पी.के. मिश्रा ने बुधवार को कोरोना वायरस के मुद्दे पर तैयारियों और प्रतिक्रिया की समीक्षा के लिए विभिन्न मंत्रालयों की एक बैठक की अध्यक्षता की.
इस बैठक में बैठक में मंत्रिमंडल सचिव, विदेश सचिव, स्वास्थ्य, नागर विमानन, सूचना और प्रसारण, नौवहन पर्यटक मंत्रालयों के सचिव, अध्यक्ष (भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण), गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन, सचिव और रक्षा सेनाओं, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), नीति आयोग और प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.
आम जनता के बीच 'क्या करें और क्या न करें' के संबंध में उपयुक्त परामर्श सहित जानकारी के प्रसार के लिए सूचना और प्रसार मंत्रालय को स्वास्थ्य मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है.
क्या कहना है विशेषज्ञों का
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोरोना वायरस से घबराने की कोई जरूरत नहीं है.
उन्होंने कहा कि इस संक्रमण से बचने के लिए लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और मास्क का इस्तेमाल करें.
आकाशवाणी समाचार के साथ विशेष बातचीत में डॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि इस संक्रमण के प्रमुख लक्षणों में हल्के से सामान्य बुखार, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द और सर्दी शामिल हैं.
लेकिन सिर्फ़ संक्रमण ही चिंता की बात नहीं
कोरोना वायरस की वजह से कुछ दवाओं के निर्यात को सीमित करने के भारत के फ़ैसले के बाद दुनिया भर में इन दवाओं की कमी की आशंका है.
भारत दुनिया में जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा देश है. उसने 26 चीज़ों और उससे बनने वाली दवाओं के निर्यात को सीमित कर दिया है.
जिन दवाओं के निर्यात को सीमित किया गया है, उनमें पारासिटामोल भी है. दर्द में राहत देने वाली ये दवा दुनिया भर में इस्तेमाल की जाती है.
दवा बनाने के काम आने वाली सामाग्री का उत्पादन चीन में बड़े पैमाने पर होता रहा है, लेकिन बदले हालात में वहां या तो उत्पादन बंद है या फिर इसमें कटौती की गई है.
भारत का ये फ़ैसला ऐसे हालात में आया है. भारत की दवा बनाने वाली कंपनियां अपने उत्पादों के लिए चीनी सामाग्री पर 70 फ़ीसदी तक निर्भर हैं.
विश्लेषक चेतावनी दे रहे हैं कि अगर कोरोना वायरस की महामारी बनी रही तो दवा कंपनियों को ज़रूरी सामाग्री की कमी की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है.
चाइना मार्केट रिसर्च ग्रुप के विश्लेषक शाउन रीन कहते हैं, "यहां तक कि जो दवाएं चीन में नहीं भी बनती हैं, उन्हें तैयार करने के काम आने वाली ज़रूरी चीज़ों की आपूर्ति चीन से होती है. अगर भारत और चीन इसकी चपेट में आए तो दुनिया भर में दवाओं की क़िल्लत पैदा हो सकती है."
दुनिया के बाक़ी देशों में क्या है स्थिति
- कैलिफ़ोर्निया में कोरोना वायरस की वजह से हुई पहली मौत के बाद स्टेट-इमरजेंसी की घोषणा कर है और इसी के साथ अमरीका में कोरोना वायरस की वजह से मरने वालों का आंकड़ा 11 हो गया है.
- अमरीका के छह राज्यों में कम से कम 150 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि.
- इटली पूरे देश में स्कूल-कॉलेजों को मार्च के मध्य तक बंद करने पर विचार कर रहा है. इटली में कोरोना वायरस की वजह से 107 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 2,706 लोग पॉज़ीटिव पाये गए हैं.
- ब्रिटेन में अभी तक 87 लोगों के कोरोना वायरस के शिकार होने की पुष्टि हो गई है. ब्रिटेन के चीफ़ मेडिकल ऑफ़िसर प्रोफ़ेसर क्रिस विट्टी ने कहा है कि अभी 32 और नए मामले सामने आए हैं.
- फ़्रांस ने भी राजधानी पेरिस के आस-पास के स्कूलों को बंद कर दिया है. कोरोना वायरस के प्रभावित इलाक़ों में स्थित 120 स्कूलों को बंद कर दिया गया है.
- चिली और अर्जेन्टीना में भी कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया है.
- इस बीच विश्व बैंक ने कोरोना वायरस से प्रभावित विकासशील देशों को इससे लड़ने के लिए 12 अरब डॉलर के आर्थिक मदद की घोषणा की है.
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