कोरोना वायरस: नज़रबंद रह चुके लोगों से सीखें क्वारंटीन के सबक़

    • Author, नीना नाज़ारोवा और अनासतासिया गुलोबायेवा
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़ रशियन

हाल के सालों में रूस में हज़ारों लोग (2013 से लेकर 2018 तक के बीच में क़रीब 60,000) राजनीतिक आरोपों और दूसरी वजहों से हाउस अरेस्ट में रहे हैं. हाउस अरेस्ट में रहे छह रूसियों ने बीबीसी से अपने अनुभव साझा किए और बताया कि आइसोलेशन में रहने को कैसे आसान बनाया जा सकता है.

रूसी थियेटर डायरेक्टर किरिल सेरेब्रेननिकोव ने डेढ़ साल हाउस अरेस्ट में बिताए हैं. उन्होंने एक वीडियो बनाया है कि कैसे जब आप घर के अंदर बंद हो तो बदहवास मत होइए. आम जीवन फोन कॉल्स, इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक जैसे कई तरह के जंजालों में फंसा हुआ रहता है लेकिन आइसोलेशन आपको ठहरने का मौका देता है.

"यह ख़ुद को तमाम तरह के उलझनों से मुक्त करने का बेहतरीन मौक़ा होता है. आप उन्हीं चीज़ों पर अपना ध्यान केंद्रीत कर सकते हैं, जो वाक़ई में आपके लिए मायने रखती हैं. मसलन आप कौन है और ज़िंदगी से क्या चाहते हैं."

वो अपने साथ एक डायरी रखने का सलाह देते हैं और कहते हैं कि हर बात जो आपके दिमाग़ में आती हो चाहे वो कितनी भी सामान्य बात क्यों न हो, उसे डायरी में लिखें.

नारीवादी और बच्चों की थियेटर डायरेक्टर यूलिया त्सवेत्कोवा सर्बिया में महिलाओं और एलजीबीटी समुदाय के अधिकारों की बात ऑनलाइन प्रचारित करने की वजह से चार साल तक हाउस अरेस्ट में थीं.

वो कहती हैं, "यह कुछ भी ना करने और इसे लेकर ग्लानी ना महसूस करने का यह एक अद्भुत अवसर था."

नज़रबंदी के दौरान रुटीन काम

सर्गेई फ़ोमिन ने केस शुरू होने से पहले के एक महीने हिरासत और तीन महीने हाउस अरेस्ट में बिताए हैं. उनके ऊपर मास्को में राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का आरोप है.

जब वो केस की सुनवाई से पहले एक महीने हिरासत से रहकर छूटे तो उन्होंने हाउस अरेस्ट के लिए कुछ योजनाएँ बनाई थीं.

वो बताते हैं, "मैंने कसरत करने, पुश-अप मारने और पढ़ने की योजना बनाई थी. लेकिन एक ही महीने बाद मेरा रुटीन ख़राब हो गया. मैं दस बजे सोकर उठने लगा. और बिस्तर पर तीन बजे तक पड़ा रहता था. बाथरूम में तीन-तीन घंटे लगाता था और फिर धीरे-धीरे बिस्तर में घुस जाता था."

यूलिया को भी जूझना पड़ा था. वो बताती हैं, "मैं ख़ुद को दुनिया और वास्तविकता से दूर कर लेना चाहती थी. जो वाक़ई में डराने वाला था."

गणितज्ञ दिमित्री बोगाटोव ने छह महीने से ज्यादा वक्त 2018 में हाउस अरेस्ट में बिताए थे. वो कहते हैं, "वाकई में इस दौरान किसी भी तरह के टाइमटेबल का पालन करना मुश्किल होता है. क्योंकि आपके पास करने को कुछ नहीं होता. ना समय पर काम खत्म करने का दबाव होता है. सब कुछ बेमानी सा हो जाता है."

यूक्रेनी साहित्य की लाइब्रेरी की पूर्व डायरेक्टर नताल्या शरीना को 2015 में हिरासत में लिया गया था और हाउस अरेस्ट में 18 से ज्यादा महीनों तक रखा गया था. पुलिस के छापे और पूछताछ के बाद हाउस अरेस्ट स्वर्ग जैसा लगता है लेकिन ज्यादा दिनों तक नहीं.

वो बताती हैं, "आप सोचते हैं कि आप ख़ूब पढ़ेंगे और संगीत सुनेंगे. लेकिन ऐसा नहीं होता. अन्याय की यह भावना कि मैं दोषी नहीं हूँ फिर भी भुगत रही हूँ, मेरे दिलो-दिमाग़ पर हावी हो गया. आप किताब पढ़ने के लिए उठाते हैं लेकिन ध्यान केंद्रीत नहीं कर पाते. आप टीवी चलाते हैं लेकिन सब कुछ लगता है कि आपके ऊपर से जा रहा है."

घर में कई महीनों तक बंद रहने के बाद नताल्या को क्लिनिक जाने की इजाज़त मिली. उन्हें अपने रीढ़ की हड्डी में लगी चोट का इलाज कराना था, जो उन्हें पुलिस वैन में चढ़ते वक़्त लगा था.

उस वक़्त उन्हें घर से बाहर निकलने पर राहत मिली और उनका मूड कुछ ठीक हुआ. वो बताती हैं, "मैं केवल क्लिनिक गई लेकिन दूसरे लोगों को अपनी ज़िंदगी जीते हुए देखकर राहत का एहसास मिला."

वो याद करती हैं, "जब मुझे उन लोगों ने 500 मीटर पैदल चलने की इजाज़त दी तो मेरे लिए यह बहुत भावुक करने वाला एहसास था. वो किसी छोटी सी आज़ादी का एहसास करा रहा था. लेकिन साथ में यह भी एहसास दिला रहा था कि मैं बाक़ी समय कितनी बंदिशों में रही हूँ."

सर्गेई को बाहर जाने को मना किया गया था लेकिन उन्होंने दो बार नियम तोड़े.

"रात के समय कभी-कभी मैं अपने सिर पर हूडी डालकर घर से बाहर बीयर ख़रीदने निकल जाता. जैसे ही बाहर जाता मुझे लगता कि मैं जेल से भाग रहा हूँ."

फ़ोन करने की इजाज़त

नताल्या बताती हैं कि हाउस अरेस्ट के दौरान कोर्ट आपको अपने क़रीबी रिश्तेदारों से बात करने की इजाज़त देता है. नताल्या के पति और बेटी आइसोलेशन के दौरान उनके साथ ऐसे ही भावनात्मक स्तर पर बने रहे.

बाद में उन्हें फ़ोन पर बात करने की इजाज़त मिल गई और फिर दोस्तों को आने की इजाज़त भी. वो बताती हैं, "आपका कोई पालतू जानवर आपको बड़ी राहत देता है इस वक्त."

टेक्नॉलॉजी एक्सपर्ट और विपक्षी कार्यकर्ता अलेक्जेंडर लिटरेयेव ने ग़ैर-हिंसक प्रदर्शनकारियों को पीटने वाली पुलिसकर्मियों की पहचान के लिए एक ऑनलाइन प्रोजेक्ट बनाया था.

उनका हाउस अरेस्ट का समय अभी शुरू ही हुआ है. उनकी दोस्त डारया रोज़ उनसे मिलने आती है. वो बताते हैं कि उनकी दोस्त रोज़ अच्छी-अच्छी चीज़ें खाने को लाती हैं और उनका हौसला बनाए रखती है.

हर कोई इस दौरान पढ़ने की सलाह ज़रूर देता है. किरिल सेरेब्रेननिकोव वार एंड पीस जैसी कई किताबों का नाम सुझाते हैं. वो इसके साथ एक संस्मरण लिखने और कोई नई भाषा सिखने की भी सलाह देते हैं.

अलेक्जेंडर लिटरेयेव कविता लिख रहे हैं और नई प्रोजेक्ट को लेकर योजना बना रहे हैं.

यूलिया कहती हैं, "राजनीतिक क़ैदियों के बारे में सोचिए. मुझे पता है कि अनिश्चित समय के लिए बंद होने का एहसास कैसा होता है. क्वारंटाइन कम से कम इतना डरावने वाला अनुभव तो नहीं है."

अलेक्जेंड के वकील एलेक्सी बुशमाकोव कहते हैं, "सेल्फ आइसोलेशन को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको पता है कि आप अकेले नहीं है. देर-सवेर यह ख़त्म हो ही जाएगा और आप आज़ाद हो जाएंगे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)