हाफ़िज़ सईद को साढ़े 5 साल जेल की सज़ा

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पाकिस्तान में मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड कहे जाने वाले हाफ़िज़ सईद को आतंकवाद के लिए ग़ैरक़ानूनी फ़ंडिंग के दो अलग-अलग मामलों में साढ़े 5 साल जेल की अलग-अलग सज़ा सुनाई गई है. ये दोनों सज़ाएँ एक साथ चलेंगी.
लाहौर स्थित आतंकवाद-विरोधी अदालत ने लाहौर और गुजरांवाला में दायर दो अलग मामलों में सज़ाएँ सुनाईं.
प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद और उनके साथी ज़फ़र इक़बाल पर 'आतंकवाद के लिए माली मदद' यानी ग़ैरकानूनी फ़ंडिंग करने का आरोप है.
हाफ़िज़ मोहम्मद सईद और उनके संगठन के सहयोगियों को दिसंबर 2019 में दोषी ठहराया गया था.
सईद और उनके सहयोगियों ने आरोप से इनकार करते हुए दावा किया कि उनके ख़िलाफ़ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और उनके ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय दबाव की वजह से कार्रवाई की जा रही है.

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एक साल पहले हुई थी गिरफ़्तारी
पाकिस्तानी पंजाब की राजधानी लाहौर में स्थित आतंकवाद निरोधक अदालत ने प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ ग़ैरक़ानूनी फ़ंडिंग के आरोप में दो अलग-अलग मुक़दमों पर अदालती कार्रवाई पूरी होने पर छह फ़रवरी को फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.
पंजाब पुलिस के एक उप विभाग 'काउंटर टेररिज़्म डिपार्टमेंट' ने पिछले साल 17 जुलाई को हाफ़िज़ मोहम्मद सईद और उनके संगठन के नेता ज़फ़र इक़बाल को पंजाब के शहर गुजरांवाला से गिरफ़्तार किया था.
मुक़दमों पर प्रारंभिक सुनवाई गुजरांवाला की विशेष आतंकवाद निरोधक अदालत में हुई. लेकिन लाहौर हाईकोर्ट ने हाफ़िज़ मोहम्मद सईद की अर्ज़ी पर उनके ख़िलाफ़ मुक़दमों को लाहौर की विशेष आतंकवाद निरोधक'अदालत में स्थानांतरित कर दिया.
आतंकवाद निरोधक अदालत 1997 में स्थापित की गई थी और इस अदालत का मक़सद आतंकवाद से सम्बंधित मुक़दमों पर सुनवाई करना है.

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दो दर्जन मुक़दमे
हाफ़िज़ मोहम्मद सईद को आतंकवाद निरोधक अदालत में पेश किया जाता रहा. पिछले साल 11 दिसंबर को अदालत ने उनपर आरोप तय किए, जिसके बाद नियमित सुनवाई शुरू हुई.
हाफ़िज़ सईद और उनके गिरफ़्तार साथियों ने अपने ख़िलाफ़ लगे आरोपों को ग़लत बताया और दावा किया कि उनपर वैश्विक दबाव की वजह से ऐसे आरोप लगाए गए हैं.
स्पेशल प्रॉसिक्यूटर जनरल अब्दुर रउफ़ वट्टो ने बीबीसी हिंदी को बताया कि उन्होंने हाफ़िज़ मोहम्मद सईद और उनके साथी के ख़िलाफ़ आरोपों को साबित करने के लिए प्रामाणिक सबूत पेश किए हैं.

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आतंकवाद निरोधक अदालत ने हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ अदालती मुक़दमों में गवाहों के बयान रिकॉर्ड किए और कार्रवाई पूरी होने पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था.
हाफ़िज़ मोहम्मद सईद और उनके प्रतिबंधित संगठन के नेताओं के ख़िलाफ़ पंजाब भर में क़रीब दो दर्जन मुक़दमे दर्ज हैं.
उधर, हाफ़िज़ सईद और उनके प्रतिबंधित संगठन के प्रोफ़ेसर अब्दुल रहमान मक्की समेत पांच अहम नेताओं के ख़िलाफ़ 4 और मुक़दमों पर भी आतंकवाद निरोधक अदालत ने कार्रवाई शुरू की हुई है.
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