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डोनल्ड ट्रंप महाभियोग के और क़रीब, अब सीनेट में होगी कार्यवाही
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग की कार्यवाही अब अमरीकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में चलेगी.
अमरीकी संसद के निचले सदन 'हाउस ऑफ़ रिप्रजेंटेटिव्स' में इस मद्देनज़र बुधवार को वोटिंग हुई.
ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग मामले को सीनेट में भेजने के प्रस्ताव के पक्ष में 228 वोट पड़े, जबकि 193 सांसदों ने इसके विरोध में वोट किया.
इस तरह मामले को सीनेट में भेजने का प्रस्ताव भारी मतों से मंज़ूर हो गया.
निचले सदन की स्पीकर नैंसी पलोसी ने एक प्रेस वार्ता में इसका ऐलान किया.
उन्होंने कहा, "आज हम इतिहास रचने जा रहे हैं. हम सत्ता के दुरुपयोग और संसद के काम में बाधा पहुँचाने के लिए अमरीका के राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ महाभियोग के प्रस्ताव को सीनेट में भेज रहे हैं."
नैंसी पेलोसी ने सात महाभियोग प्रबंधकों की नियुक्ति भी की है जो डेमोक्रैट्स की तरफ़ से ट्रंप को राष्ट्रपति पद से हटाने के लिए बहस करेंगे.
यह प्रस्ताव गुरुवार को सीनेट को भेजे जाएँगे, जहाँ इसे औपचारिक रूप से स्वीकार किया जाएगा.
अमरीका के इतिहास में ट्रंप ऐसे तीसरे राष्ट्रपति हैं जिनके ख़िलाफ़ महाभियोग को मंज़ूरी दी गई है.
अमरीकी संसद के निचले सदन में विपक्षी डेमोक्रैट सांसदों का दबदबा है. निचले सदन में पिछले साल 18 दिसंबर को ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने को मंज़ूरी दी गई थी.
हालांकि संसद के ऊपरी सदन में ट्रंप की सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों का दबदबा है जो यह तय करेंगे कि क्या ट्रंप को दोषी क़रार देते हुए पद से हटाया जाना चाहिए या नहीं.
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ट्रंप पर क्या आरोप हैं?
ट्रंप पर आरोप हैं कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडीमिर ज़ेलेंस्की पर 2020 में डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार जो बाइडेन और उनके बेटे के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार की जाँच के लिए दबाव बनाया है.
बाइडेन के बेटे यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी में बड़े अधिकारी हैं.
महाभियोग प्रक्रिया के तहत ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडीमिर ज़ेलेंस्की के बीच हुई फ़ोन वार्ता की जाँच हुई और डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण वाली न्यायिक समिति ने उनके ख़िलाफ़ औपचारिक आरोप तय कर दिए हैं.
इस फ़ोन वार्ता में राष्ट्रपति ट्रंप ने कथित तौर पर यूक्रेनी ऊर्जा कंपनी बुरिज़्मा के लिए काम कर चुके जो बाइडेन (अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के मुख्य उम्मीदवार) और उनके बेटे हंटर बाइडेन के ख़िलाफ़ जाँच करने के लिए कहा था.
न्यायिक समिति के अध्यक्ष और डेमोक्रैटिक नेता जेरी नाडलेर के अनुसार ट्रंप के ख़िलाफ़ दो मुख्य आरोप हैं.
पहला ये कि उन्होंने सत्ता का दुरुपयोग किया है और दूसरा ये कि उन्होंने के काम में बाधा डाली.
ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक लाभ के लिए यूक्रेन को मिलने वाली आर्थिक मदद को रोक दिया था. हालांकि वो इन आरोपों से इनकार करते आए हैं.
क्या ये ग़ैरक़ानूनी है?
अगर ट्रंप पर लगे आरोप साबित हो जाते हैं तो वो मुश्किल में होंगे क्योंकि अमरीकी चुनाव जीतने के लिए विदेशी संस्थाओं से मदद मांगना ग़ैरकानूनी है.
क्या ट्रंप को पद से हटाया जा सकता है?
ट्रंप को दोषी ठहराने के लिए सीनेट में दो तिहाई बहुमत की ज़रूरत होगी.
चूंकि ऊपरी सदन सीनेट में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है. ऐसे में यह आसान नहीं लगता.
विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी का कहना है कि ट्रंप का महाभियोग का सांकेतिक महत्व होगा.
वहीं ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का कहना है कि आगामी राष्ट्रपति चुनाव से पहले यह राष्ट्रपति की छवि को धूमिल करने की कोशिश है.
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