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ईरान से पहले भी विमानों पर हुए हैं मिसाइल हमले
पिछले दिनों ईरान ने ये स्वीकार किया कि मिसाइल हमले के कारण यूक्रेन का यात्री विमान गिरा था. इस विमान में 176 लोग सवार थे और सभी लोग मारे गए थे.
शुरू में ईरान ने इसे तकनीकी समस्या के कारण हुआ हादसा बताया था. लेकिन पश्चिमी देशों ने ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर दावा किया कि ये विमान मिसाइल हमले में गिरा था.
बाद में ईरान ने माना कि ये मानवीय भूल थी और अनजाने में मिसाइल हमला विमान पर किया गया था.
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. पहले भी कई विमान मिसाइल हमले का निशाना बने हैं.
2014: यूक्रेन, 298 की मौत
17 जुलाई 2014 को मलेशिया एयरलाइंस का एमएच17 विमान पूर्वी यूक्रेन के विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाक़े में मार गिराया गया था.
ये विमान एम्सटर्डम से कुआलालंपुर जा रहा था. ये बोइंग 777 विमान था, जिसमें सवार सभी 298 लोग मारे गए थे. इनमें 193 लोग नीदरलैंड्स के नागरिक थे.
यूक्रेन के अधिकारी और रूस समर्थक अलगाववादियों ने विमान को मार गिराने का आरोप एक-दूसरे पर लगाते हैं.
2007: सोमालिया, 11 की मौत
23 मार्च 2007 को सोमालिया की राजधानी मोगादिशू से उड़ान भरते ही बेलारूस एयरलाइन के कार्गो विमान पर रॉकेट हमला हुआ था.
हमले में इस कार्गो विमान में सवार 11 लोग मारे गए थे.
इस विमान में बेलारूस के इंजीनियर्स और टेक्नीशियंस सवार थे, जो कुछ दिनों पहले मिसाइल का निशाना बने एक अन्य विमान की मरम्मत के लिए सोमालिया आए थे.
ये इलियूशिन II-76 कार्गो विमान था.
ब्लैक सी, 78 की मौत
चार अक्तूबर 2001 को साइबेरिया एयरलाइंस के टुपोलेव टीयू-155 विमान में धमाका हो गया. उस समय ये विमान ब्लैक सी के ऊपर उड़ रहा था.
ये विमान तेल अवीव से नोवोसीबिर्स्क जा रहा था. विमान में हुए धमाके के कारण 78 लोग मारे थे, जिनमें से ज़्यादातर इसराइली थे.
ये हादसा उस समय हुआ, जब विमान क्राइमियन कोस्ट से 300 किलोमीटर से भी कम दूरी पर था.
एक सप्ताह के बाद यूक्रेन ने ये स्वीकार किया कि उसके मिसाइल के एकाएक फ़ायर हो जाने के कारण ऐसा हुआ.
ईरान, 290 की मौत
तीन जुलाई 1988 को ईरान एयर का एयरबस ए-300 मिसाइल का निशाना बन गया.
ये विमान ईरान के बंदर अब्बास से यूएई के दुबई जा रहा था. उस समय ये विमान खाड़ी में ईरान की ज़मीनी सीमा में उड़ रहा था.
उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही होरमूज़ की खाड़ी की निगरानी कर रहे अमरीकी जहाज़ से दो मिसाइलें दाग़ी गईं.
कथित तौर पर इस विमान को लड़ाकू विमान समझ लिया गया था. इस मिसाइल हमले में सभी 290 यात्रियों की मौत हो गई थी.
अमरीका ने ईरान को मुआवज़े के तौर पर 101.8 मिलियन डॉलर का भुगतान किया था.
साकालिन, 269 की मौत
एक सितंबर 1983 को कोरियन एयर के बोइंग 747 विमान को सोवियत लड़ाकू जेट्स ने साकालिन आइलैंड के ऊपर मार गिराया.
इस हमले में सभी 269 यात्री मारे गए.
सोवियत अधिकारियों ने पाँच दिन बाद ये माना कि उन्होंने दक्षिण कोरियाई विमान को मार गिराया था.
सिनई डेजर्ट, 108 की मौत
21 फरवरी 1973 को लीबियाई अरब एयरलाइन के विमान को इसराइली लड़ाकू विमानों ने सिनई डेजर्ट के ऊपर मार गिराया था.
ये बोइंग 727 विमान था, जो त्रिपोली से काहिरा जा रहा था. इसमें सवार 112 लोगों में से 108 लोग मारे गए थे.
सिनई में सैनिक ठिकानों के ऊपर से ये विमान उड़ान भर रहा था, जिस कारण इसराइली वायु सेना ने दखल दिया.
इसराइल का कहना था कि विमान ने लैंड करने से इनकार किया, इस कारण उसे मार गिराया गया.
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