क़ंदील बलोच हत्याकांड: भाई वसीम को उम्रक़ैद, मौलवी क़वी बरी

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पाकिस्तान की सोशल मीडिया स्टार क़ंदील बलोच की हत्या के मामले में अदालत ने उनके भाई मोहम्मद वसीम को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.
अदालत ने उनके दूसरे भाई मोहम्मद आरिफ़ को 'वॉन्टेड' क़रार दिया और मामले के मुख्य अभियुक्त मुफ़्ती अब्दुल क़वी समेत चार अन्य अभियुक्तों को बरी कर दिया है.
अदालत के जज ने फ़ैसला दिया कि क़ंदील के भाई मोहम्मद वसीम को धारा 311 के तहत आजीवन कारावास की सज़ा हो. अभियोजन पक्ष बाकी अभियुक्तों के आरोप साबित कर पाने में असफल रहा.
फ़ैसला सुनाए जाने के बाद मुफ़्ती अब्दुल क़वी ने बीबीसी उर्दू से बताया कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था और उम्मीद थी कि फ़ैसले में न्याय और ईमानदारी क़ायम रहेगी.
क़वी ने कहा कि उन्हें अपने बेग़ुनाह साबित होने की पूरी उम्मीद थी क्योंकि एफ़आईआर में उनका नाम तक नहीं था.
अपने बेबाक अंदाज़ के लिए पहचानी जाने वालीं पाकिस्तानी सोशल मीडिया सेलिब्रिटी क़ंदील बलोच की जुलाई 2016 में हत्या कर दी गई थी.
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'क़ंदील का गला घोंटा गया था'
15 जुलाई 2016 को ख़बर मिली कि क़ंदील बलोच की उनके सगे भाई ने हत्या कर दी है.
देर रात गिरफ़्तारी के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके भाई वसीम ने हत्या की बात कबूल की थी.
उनका कहना था कि क़ंदील के कारण उनके परिवार की बेइज़्ज़ती हो रही थी. हालांकि बाद में उन्होंने अपना बयान बदल लिया था.
पुलिस जांच में पता चला था कि उनका गला घोंट दिया गया था.
क़ंदील के भाई ने कहा कि सोशल मीडिया पर कंदील के जो वीडियो आते थे, उन्हें लेकर लोग ताने देते थे और वे ताने उनसे सहन नहीं हुए.
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कौन थीं क़ंदील बलोच?
क़ंदील बलोच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत मुल्तान ज़िले में जन्मी एक ग़रीब परिवार की लड़की थीं. उनका असली नाम फ़ौज़िया था लेकिन उन्होंने क़ंदील बलोच के नाम से प्रसिद्धि पाई.
उन्हें पाकिस्तान की 'किम कर्दाशियां' भी कहा जाता था.
अपने बेबाक और बोल्ड अंदाज़ के कारण उन्होंने पाकिस्तानी सोशल मीडिया में ख़ूब सनसनी मचाई. उनके वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से उनके लाखों प्रशंसक बने और बहुत से लोगल उनसे नफ़रत भी करने लगे.
बहुत से लोगों ने उन पर 'इस्लाम के अपमान' का आरोप लगाया और उनके बहिष्कार की मांग करने लगे.
क़ंदील ने बीबीसी उर्दू को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें जान से मारे जाने की धमकियां मिल रही थीं.
उन्होंने कहा था, "मुझे धमकियां मिलती हैं लेकिन मेरा मानना है कि मौत का वक़्त निश्चित है और जब आपकी मौत का समय आता है तो आपको मरना ही होगा."
क़ंदील की हत्या से पहले उनका नाम पाकिस्तान में खोजे जाने वाले टॉप-10 लोगों में शामिल था.
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मुफ़्ती के साथ वीडियो से निशाने पर आईं
क़ंदील बलोच कट्टरपंथियों के निशाने पर उस वक़्त आईं जब एक टीवी कार्यक्रम में वो मुफ़्ती अब्दुल क़वी के साथ शामिल हुईं.
टीवी पर दोनों ने एक-दूसरे से खुले तौर पर फ़्लर्ट किया था. इसके कुछ वक़्त बाद वो मुफ़्ती से मिलने पहुंची थी और दोनों ने एक-दूसरे के साथ सेल्फ़ी ली थी.
बातचीत के दौरान क़ंदील ने मुफ़्ती की टोपी भी पहन ली थी जिसे कई लोगों ने 'इस्लाम और मुफ़्ती के अपमान' के तौर पर लिया था.
क़ंदील की हत्या के बाद उनके भाई ने कहा था कि वो अपने परिवार के लिए शर्मिंदगी की वजह बन रही थीं और इसीलिए उन्होंने उनकी हत्या कर दी.

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क़ंदील बलोच की हत्या के बाद पाकिस्तान में ऑनर किलिंग से जुड़े क़ानून में बदलाव की मांग ने ज़ोर पकड़ी थी.
क़ंदील बलोच के माता-पिता ने अदालत से उनके बेटों को माफ़ करने की गुज़ारिश की थी जिसे अदालत ने ठुकरा दिया था.
क़ंदील की हत्या से पहले पाकिस्तानी क़ानून के मुताबिक़ ऑनर किलिंग के मामलों में लड़की के माता-पिता उसके हत्यारों को माफ़ कर सकते थे लेकिन बाद में सरकार को ये क़ानून बदलना पड़ा था.
पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि वहां 'झूठी शान' के नाम पर सैकड़ों महिलाओं की हत्या कर दी जाती है और ऐसे बहुत से मामले सामने तक नहीं आते.
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