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पाकिस्तान: सिख लड़की की जबरन शादी और धर्म बदलवाने के आरोप
- Author, उमर दराज़ नांगियाना
- पदनाम, बीबीसी उर्दू संवाददाता
पाकिस्तान में एक सिख परिवार ने अपनी बेटी की जबरन शादी और धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है.
मामला पंजाब प्रांत के ननकाना साहिब का है. सिख परिवार का आरोप है कि छह लोगों ने उनकी बेटी को अगवा करके उसकी शादी एक मुस्लिम युवक से करा दी और उसका जबरन धर्म बदलवा दिया.
पुलिस का कहना है कि उसने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया है. भारत ने इस मामले में पाकिस्तान से त्वरित कार्रवाई करने की मांग की थी.
पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री ने भी मामले की तुरंत जांच के आदेश दिए थे.
पुलिस का कहना है कि लड़की को अब उसके परिवार के पास भेज दिया गया है, हालांकि परिवार ने इससे इनकार किया है.
हालांकि पुलिस की ओर से पहले ये भी कहा गया था कि लड़की ने लाहौर कोर्ट में बयान दर्ज कराया है कि उसने मोहम्मद एहसान नाम के एक लड़के से बिना किसी दबाव के शादी की है और इस्लाम धर्म अपना लिया है.
लड़की के भाई मनमोहन सिंह की शिकायत पर छह लोगों के ख़िलाफ़ ननकाना साहिब पुलिस स्टेशन में अपहरण का मुक़दमा दर्ज किया गया है.
उनका कहना है कि ये लोग उनके घर में घुसे और बहन को अगवा करके ले गए.
बीबीसी से बातचीत में मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी बहन की उम्र 18 साल से कम है. उन्होंने कहा, "वो 16-17 साल की है. उसका अब तक पहचान पत्र नहीं बना है."
सोशल मीडिया पर वीडियो
इससे पहले लड़की और लड़के का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें लड़की को इस्लाम अपनाते देखा जा सकता है.
इस वीडियो में वह किसी तीसरे शख़्स से यह कहती है कि उसका नया नाम आयशा है.
मनमोहन सिंह मानते हैं कि उनकी बहन को इस्लाम धर्म अपनाने पर मजबूर किया गया है.
वह कहते हैं, "अगर आप वीडियो देखें तो उससे भी ऐसा लग रहा है."
उनके परिवार की मांग है कि सरकार उनकी बहन को वापस घर भेजे.
पुलिस ने क्या कहा है
ननकाना साहिब के ज़िला पुलिस अधिकारी फ़ैसल शहज़ाद ने बीबीसी से कहा कि शिकायत मिलने के साथ ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी.
उन्होंने बताया कि एक वकील ने उनसे संपर्क किया और बताया कि लड़की ने अदालत में बयान दिया है.
उन्होंने कहा, "लड़की ने अदालत में बयान दिया है कि सेक्शन 164 के तहत अपनी मरज़ी से धर्म बदलने के बाद उसने मोहम्मद एहसान से शादी कर ली है."
उन्होंने बताया कि लड़की ने कोर्ट में यह भी कहा है कि पुलिस उन्हें परेशान कर रही है और उनकी और उनके पति की जान को ख़तरा है. इसके बाद अदालत ने उन्हें शेल्टर होम भेज दिया.
पुलिस अधिकारी फ़ैसल शहज़ाद के मुताबिक, लड़की की उम्र 19 साल है. उनके पास आईडी कार्ड नहीं था, लेकिन फॉर्म बी था जिससे उनकी उम्र की पुष्टि हो पाई.
पुलिस ने बताया कि लड़का इस सिख परिवार के पास ही रहता था. उन्होंने कहा कि सिख समुदाय के नेताओं और स्थानीय लोगों से बात करके मामले को हल करने की कोशिश की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने बनाई समिति
उधर पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री उस्मान बुज़दार ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बना दी है.
मुख्यमंत्री ने समिति से लड़की के परिवार से संपर्क करके तथ्यों की पड़ताल करने और जल्दी से जल्दी रिपोर्ट सौंपने को कहा है.
इस साल पाकिस्तान के सिंध और पंजाब प्रांत में हिंदू लड़कियों को अगवा करके ज़बरन धर्मांतरण के मामले पहले भी आ चुके हैं.
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