कुलभूषण जाधव: पाकिस्तान देगा कॉन्सुलर ऐक्सेस

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पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो शुक्रवार को पाकिस्तानी जेल में क़ैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर ऐक्सेस देगा.
पाकिस्तान ने ये क़दम नीदरलैंड्स की हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत के उस फ़ैसले के बाद उठाया है जिसमें उससे कहा गया था कि वो मौत की सज़ा पाए जाधव को तुरंत राजनयिक मदद मुहैया कराए.
कुछ दिन पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि कुलभूषण जाधव को कॉन्सुलर ऐक्सेस प्रदान करने के लिए तौर तरीकों पर काम किया जा रहा है.
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान ने शुक्रवार को जाधव को राजनयिक मदद की पेशकश की है. भारत इस मामले पर पाकिस्तान से बातचीत कर रहा है और भारत अंतरराष्ट्रीय अदालत के फ़ैसले के आधार पर काम करेगा.
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पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, "हमें पाकिस्तान की ओर से प्रस्ताव आया है और फ़िलहाल हम अंतरराष्ट्रीय अदालत के फै़सले को ध्यान में रखते हुए इसकी समीक्षा कर रहे हैं. इस मामले में हम राजनयिक चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान के संपर्क में रहेंगे. इस बारे में इस मंच पर मैं ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता."
कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत के फ़ैसले को भारत और पाकिस्तान दोनों अपनी जीत बताया था.

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कुलभूषण सुधीर जाधव को मार्च 2016 में पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में गिरफ़्तार किया गया था और इस मामले ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया था.
पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने 2017 में जाधव को जासूसी के इलज़ाम में फ़ांसी की सज़ा सुनाई थी जिसके बाद भारत ने इसके ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था.
पाकिस्तान ने इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाया था. अदालत ने इस एतराज़ को रद्द कर दिया था. ये भारत के हक़ में आया पहला फ़ैसला था. अदालत ने अपने फ़ैसले में कहा, "1963 के वियना कन्वेंशन के अनुसार आईसीजे दो देशों के बीच विवादों का अनिवार्य निपटारा कर सकता है."
अदालत ने भारत के इस तर्क को सही माना था कि कुलभूषण जाधव को इतने दिनों तक क़ानूनी सहायता नहीं देकर पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया.
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