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डोनल्ड ट्रंप लीक्ड ईमेल पर ब्रितानी राजदूत पर बरसे
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन स्थित ब्रितानी राजदूत सर किम डैरोच पर ज़ुबानी हमला बोला है और कहा है कि 'अब हम उनसे कोई वास्ता नहीं रखेंगे.'
ट्रंप ने ट्वीट कर ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे पर भी अपना गुस्सा निकाला और कहा कि ये 'अच्छी ख़बर' है कि ब्रिटेन को जल्द नया प्रधानमंत्री मिल जाएगा.
सर किम के कुछ ईमेल रविवार को लीक हुए थे, जिसमें ट्रंप प्रशासन को अकुशल और अयोग्य कहा गया था.
टेरीज़ा मे ने कहा कि उन्हें सर किम पर पूरा भरोसा है, लेकिन वह सर किम से सहमत नहीं हैं.
ब्रितानी प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने लीक ईमेल को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया और कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने व्हाइट हाउस से संपर्क किया था.
ट्रंप लीक हुए ईमेल पर अपनी प्रतिक्रिया पहले ही दे चुके हैं. उन्होंने कहा, "हम उस व्यक्ति के बहुत बड़े प्रशंसक नहीं हैं और उन्होंने ठीक तरह से ब्रिटेन की सेवा नहीं की."
सोमवार को एक के बाद एक ट्वीट में ट्रंप ने कहा कि सर किम को "अमरीका में कोई पसंद नहीं करता."
टेरीजा मे के सर किम के समर्थन में आने से नाराज़ ट्रंप ने ब्रेक्सिट पर ब्रितानी प्रधानमंत्री के रुख़ की आलोचना भी की और इसे 'गड़बड़ी' बताया.
ब्रितानी संसद से ब्रेक्सिट डील को पारित करवाने में विफल रहने के बाद टेरीजा मे ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. अब कंजर्वेटिव पार्टी के दो उम्मीदवार बोरिस जॉनसन और जेरेमी हंट प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं.
सर किम के लीक हुए ईमेल के बाद ब्रितानी सरकार ने इस मामले की जाँच कराने के आदेश दिए थे.
ट्रंप के ट्वीट के मायने
बीबीसी के कूटनीतिक संवाददाता जेम्स लेंडल के मुताबिक ट्रंप ने सर किम के प्रति जो रुख़ अपनाया है, वो मेज़बान देश के एक विदेशी राजनयिक को देश से बाहर करने की औपचारिक क़ानूनी प्रक्रिया है.
अहम सवाल ये है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्वीट में जिस शब्द 'डील' का इस्तेमाल किया है, उसका मतलब क्या है. अगर उनके 'हम' शब् का मतलब ये है कि पूरा प्रशासन अब सर किम या उनके किसी भी स्टाफ़ से कोई वास्ता नहीं रखेगा, तो ब्रितानी सरकार को जल्द से जल्द सर किम को वॉशिंगटन से वापस बुला लेने पर फ़ैसला करना होगा.
सर किम जो अगले कुछ महीनों में वैसे भी रिटायर होने वाले हैं, इस घटना के बाद इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला कर सकते हैं. लेकिन अगर ट्रंप का मतलब सर किम से व्यक्तिगत स्तर पर वास्ता नहीं रखने का है तो सर किम अमरीका में बतौर राजदूत अपनी सेवाएं जारी रख सकते हैं और ब्रिटेन में नया प्रधानमंत्री बनने पर वो नई नियुक्ति कर सकते हैं.
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