अमेज़न के मालिक का 'मोबाइल हैक',सऊदी अरब पर डेटा चुराने का आरोप

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अमेज़न के मालिक जेफ़ बेज़ोस के निजी संदेश नेशनल एंक्वायर टैबलॉयड के पास कैसे पहुंच गए, इसको पता लगाने के लिए जेफ़ ने एक पेशेवर को तैनात किया.
इस पेशेवर इंवेस्टीगेटर ने इस मामले का कनेक्शन सऊदी अरब से जोड़ा है. उनके मुताबिक अमेज़न के मालिक जेफ़ बेज़ोस का मोबाइल हैक किया और उसमें मौजूद जानकारियों को टैबलॉयड को मुहैया कराया गया.
गेविन डी बेकर, बेज़ोस की तरफ़ से यह जांच कर रहे हैं कि आख़िर कैसे उनकी बेहद निजी जानकारियां लीक हो गईं और नेशनल एंक्वायर टेब्लॉयड को मुहैया कराई गईं.

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बेज़ोस इस मामले को वॉशिंगटन पोस्ट द्वारा सउदी पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या की कवरेज से जोड़कर देख रहे हैं.
बीते साल 2 अक्टूबर को इस्तांबुल में सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में ख़ाशोज्जी की हत्या हो गई थी. जिसके बाद सउदी अरब पर उनकी हत्या को लेकर आरोप लगे थे लेकिन लगभग छह महीने का वक़्त पूरा हो जाने के बावजूद सउदी अरब ने अभी तक इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की है.
बेज़ोस वॉशिंगटन पोस्ट के भी मालिक है. जांचकर्ता गेविन डी बेकर का कहना है कि उन्होंने जांच के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट अमरीकी अधिकारियों को सौंप दी है.

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डेली बीस्ट वेबसाइट पर उन्होंने लिखा "हमारे जांचकर्ताओं और कई विशेषज्ञों ने पूरी ईमानदारी से इस मामले की जांच की है और उन्होंने पाया कि सउदी अरब ने बेज़ोस के मोबाइल का डेटा हैक किया, उससे उनकी निजी जानकारियां निकालीं."
फरवरी महीने में बेज़ोस ख़ुद नेशनल एंक्वायर की मालिकाना कंपनी अमरीकन मीडिया इंक (एएमआई) पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगा चुके हैं. उनका कहना था कि कंपनी उन्हें लगातार डरा कर रही है कि वो उनकी निजी जानकारियां और तस्वीरें प्रकाशित कर देगी हालांकि उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित नहीं माना था.
नेशनल एंक्वायर ने जनवरी महीने में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें लिखा गया था कि अमेज़न के मालिक का अफ़ेयर चल रहा है. इस रिपोर्ट में कुछ तस्वीरें भी थीं और कुछ टैक्स्ट भी.
बेकर ने आरोप लगाया है कि सउदी सरकार लगातार वॉशिंगटन पोस्ट को निशाना बना रही है और इसके पीछे वजह सिर्फ़ यह है कि वॉशिंगटन पोस्ट ख़ाशोज्जी की हत्या के मामले पर सक्रिय है.
उन्होंने कहा, "कुछ अमरीकियों को ये जानकर आश्चर्य होगा कि सउदी सरकार पिछले साल अक्टूबर महीने से ही बेज़ोस को निशाना बनाए हुई है क्योंकि वॉशिंगटन पोस्ट लगातार ख़ाशोज्जी की हत्या को कवर कर रहा है."
"यह बहुत स्पष्ट है कि सउदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान वॉशिंगटन पोस्ट को अपने सबसे बड़े दुश्मन के तौर पर देखते हैं."

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अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि सउदी पत्रकार की हत्या प्रिंस की सहमति या आज्ञा के बिना की ही नहीं जा सकती थी. लेकिन सउदी अरब लगातार इस तरह के आरोपों का खंडन करता रहा है.
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, वॉशिंगटन में सउदी के दूतावास से बेकर की रिपोर्ट के सिलसिले में प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया गया था लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है.
फरवरी महीने में सउदी के विदेश मंत्री ने कहा था कि नेशनल एंक्वायर टैब्लॉएड में बेज़ोस के संदर्भ में जो कुछ भी प्रकाशित किया गया उसका सउदी अरब से कोई लेना-देना नहीं था.
वहीं अमरीकन मीडिया इंक ने भी अभी तक बेकर के आरोपों पर किसी भी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. इससे पहले कंपनी ने कहा था कि उसने बेज़ोस के निजी जीवन की रिपोर्टिंग करने के दौरान किसी भी तरह के क़ानून का उल्लंघन नहीं किया है.
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