वेनेज़ुएला में विपक्षी नेता गोइदो के ख़िलाफ़ कार्रवाई की तैयारी

वेनेज़ुएला के महाधिवक्ता ने शीर्ष अदालत से विपक्षी नेता ख़ुआन गोइदो के देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगाने और उनके बैंक खातों को फ्रीज़ करने की अपील की है.

गोइदो ने पिछले हफ़्ते ख़ुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया था जिसके बाद से वेनेज़ुएला में सत्ता संघर्ष चल रहा है.

अमरीका समेत लगभग 20 देश जहां गोइदो को राष्ट्रपति के तौर पर मान्यता दे रहे हैं जबकि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को रूस और चीन समेत कुछ अन्य देशों का समर्थन हासिल है.

इस महीने राष्ट्रपति मादुरो ने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली थी. मगर विपक्ष ने वोटों में धांधली के आरोप लगाए थे और चुनावों का बहिष्कार किया था.

इसके बाद विपक्ष के नेता ख़ुआन गोइदो की अपील के बाद वेनेज़ुएला में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए थे.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 21 जनवरी लेकर अब तक कम से कम 40 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों को गिरफ्तार किया गया है.

क्या कहा महाधिवक्ता ने

मंगलवार को वेनेज़ुएला के अटॉर्नी जनरल तारेक विलियम सआब ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि एहतियाती क़दम उठाकर गोइदो के देश छोड़ने परप्रतिबंध लगाया जाए और उनकी संपत्तियों को फ्रीज़ कर दिया जाए.

जैसे ही अमरीका ने कहा कि उसने अपने यहां के बैंकों में मौजूद वेनेज़ुएला के खातों का नियंत्रण गोइदो को दो दिया है, उसके कुछ समय बाद ही वेनेज़ुएला में यह क़दम उठाया गया.

माना जा रहा है कि मादुरो के प्रति झुकाव दिखाता रहा सुप्रीम कोर्ट इस मामले में भी महाधिवक्ता की मांग को मानते हुए आदेश जारी कर सकता है.

अमरीकी बैंकों में मौजूद खातों का नियंत्रण ख़ुआन गोइदो को देने से परहले अमरीका ने वेनेज़ुएला की सरकारी तेल कंपनी पीडीवीएसए पर प्रतिबंध लगाते हुए देश की सेना से सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण को स्वीकार करने के लिए कहा था.

दरअसल इस पूरे विवाद में वेनेज़ुएला की सेना मादुरो का समर्थन कर रही है.

अमरीका उठा रहा कड़े क़दम

अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने प्रतिबंधों को लेकर कहा है कि 'राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनके सहयोगी अब वेनेज़ुएला के लोगों की संपत्ति को नहीं लूट पाएंगे.'

अमरीकी वित्त मंत्री स्टीवेन मनूशिन ने कहा है कि अब से वेनेज़ुएला के तेल की बिक्री का पैसा मादुरो की सरकार तक नहीं पहुंचेगा. .

उनके मुताबिक़ तेल कंपनी ख़ुआन गोइदो को देश का नेता मानकर प्रतिबंधों से बच सकती है.

उन्होंने कहा कि अमरीका स्थित सहायक कंपनी सिटगो अपना काम चालू रख सकती है लेकिन इसके लिए उसे अमरीका में सुरक्षित खाते में पैसा जमा कराना होगा.

वेनेज़ुएला अपने तेल की बिक्री के लिए अमरीका पर निर्भर है. वेनेज़ुएला अपने तेल निर्यात का 41 प्रतिशत अमरीका को करता है.

यही नहीं, वो अमरीका को कच्चा तेल देने वाले दुनिया के चार सबसे बड़े उत्पादक देशों में भी शामिल है.

दूसरी ओर विपक्षी नेता ख़ुआन गोइदो ने वेनेज़ुएला की कांग्रेस से कहा है कि वो सरकारी तेल कंपनी पीडीवीएसए और सहायक कंपनी सिटगो के नए प्रमुखों की नियुक्ति करे.

गोइदो देश की तेल संप्पतियों से होने वाली कमाई को अपने हाथों में लेना चाहते हैं.

वेनेज़ुएला की सरकार ने देश की राष्ट्रीय मुद्रा बोलीवार के मूल्य में पैंतीस फ़ीसदी की कटौती भी कर दी है ताकि उसे काले बाज़ार की विनिमय दर के बराबर लाया जा सके.

दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल वेनेज़ुएला इस समय गंभीर आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुज़र रहा है.

इसी वजह से दसियों लाख लोग अब तक देश छोड़कर पड़ोसी देशों में जा चुके हैं. यहां से लोगों के पलायन करने का सिलसिला जारी है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)