You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास पर हमले में ‘हीरो’ बनकर उभरी ये महिला
- Author, समिहा नेतिक्कारा
- पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग
''लड़कियां नाज़ुक नहीं बल्कि बहादुर होती हैं; और एक महिला न सिर्फ़ बहादुर होती है बल्कि जुनूनी भी होती है."
सुहाई अज़ीज़ तलपुर ने अपने पुराने इंटरव्यू में ये कहा था और अब इसे साबित भी कर दिया.
सुहाई पाकिस्तान की सिंध पुलिस में सहायक अधीक्षक हैं. उन्होंने 23 नवंबर को कराची के वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले के दौरान सुरक्षा ऑपरेशन का नेतृत्व किया और हमले को नाक़ामयाब किया.
पूरे पाकिस्तान में सुहाई की जमकर तारीफ़ की जा रही है.
पाकिस्तान के कराची शहर के क्लिफ़टन इलाक़े में स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले में दो पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है और कम से कम एक व्यक्ति के घायल होने का समाचार है.
पुलिस हमलावरों को वाणिज्य दूतावास में घुसने से रोककर यह सुनिश्चित करने में क़ामयाब रही कि अंदर सभी कर्मचारी सुरक्षित रहें.
इस हमले की ज़िम्मेदारी अलगाववादी समूह बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी ने ली है.
'बहादुरी की प्रतीक'
पाकिस्तानी मीडिया में सुहाई अज़ीज़ तलपुर की प्रशंसा की जा रही है. मीडिया का कहना है कि सुहाई ने इस हमले को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वरना इस हमले से काफ़ी नुक़सान हो सकता था.
पाकिस्तान टुडे अख़बार के मुताबिक़, सिंध प्रांत के प्रमुख मुराद अली ने कहा, " सुहाई अज़ीज़, आपने बहादुरी का उदाहरण पेश किया है."
सुहाई अज़ीज़ 2013 में पाकिस्तान की सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद पुलिस फ़ोर्स में शामिल हुई थीं. रिपोर्टों के मुताबिक़ वे लोअर सिंध की पहली महिला सहायक अधीक्षक हैं.
एक्सप्रेस ट्रिब्यून से बात करते हुए सुहाई अज़ीज़ ने कहा, '' जब मेरे माता-पिता ने मेरा दाख़िला स्कूल में कराया था तो मेरे रिश्तेदारों ने मेरे परिवार को ताने मारे थे.''
इंटरनेट पर छाईं
सुहाई अज़ीज़ तलपुर पाकिस्तान में ट्विटर पर ट्रेंड कर रही हैं. लोग उनकी तारीफ़ में ट्वीट कर रहे हैं.
पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने लिखा है, ''कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास पर आतंकवादी हमले को हमारे सिंध पुलिस की साहसी एसएसपी सुहाई अज़ीज़ की अगुवाई में नाकाम कर दिया गया. मैं उन बहादुर अधिकारियों को सलाम करता हूं जो साहसपूर्वक हमारे दोस्तों की रक्षा कर रहे थे. हम उनका सम्मान करते हैं.''
इसी तरह स्तंभकार आएशा सरवारी लिखती हैं, "जब तक सभी को किसी रक्षक की ज़रूरत न हो, वे कहते हैं कि महिलाओं की जगह रसोई में है."
पीपीपी की नेता शैरी रहमान ने सहाई की तारीफ़ में लिखा-
"एसएसपी सुहाई अज़ीज़ तलपुर पर हमें गर्व है, वह महिला जिसने चीनी वाणिज्य दूतावास में आतंकवादियों के ख़िलाफ़ सफल पुलिस अभियान का नेतृत्व किया.''
(बीबीसी मॉनिटरिंग दुनिया भर के टीवी, रेडियो, वेब और प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित होने वाली ख़बरों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करता है. आप बीबीसी मॉनिटरिंग की ख़बरें ट्विटर और फ़ेसबुक पर भी पढ़ सकते हैं.)